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| On 3 years ago

एक छोटा सा बच्चा- आपका तारणहार।

एक छोटा सा बच्चा- आपका तारणहार।

आइये! एक काम करते है! छोटा और आसान! इस छुटटी के दिवस को, सुबह सवेरे, नहा-धो कर खुद की एक तस्वीर अपने केमरे से निकलवाते है! इस तस्वीर का थोडा सा बड़ा प्रिंट बनवाते है! अब इस तस्वीर को गौर से देखते है!

आप देखेंगे आप की तस्वीर को तो थोड़ी सी ख़ुशी जरुर होगी, मगर आनंद नहीं आएगा! आपको लगेगा की जिंदगी की इस दौड़भाग में आपने कुछ खोया जरुर है! आपका चेहरा खिला खिला सा है, पर गुलाब की मानिंद नहीं ! चमक रहा है

लेकिन दमक वो पुरानी सी नहीं! सुंदर है पर प्रकर्ति के सौंदर्य सा नहीं! वही चेहरा, वही नाक- नक्श पर पहले सा आकर्षण अब नहीं!

अब आप पुराने दस्तावेजो को खंगाले! अपने मम्मी और पापा की आलमारी को तलाशे, तो मेरा दावा है की , आपको मिल जायेगी आपके बचपन की एक तस्वीर! इस तस्वीर पर आये पीले रंग को, जमी हुई रंज को , अपनी आस्तीन के सफ़ेद कपडे से हौले हौले से सहलाये, तो आपके मनो मस्तिष्क पर हजारो भूले से अफ़साने याद आने लगेंगे! याद आएगा आपको आपका बचपन, आपकी मासूमियत, आपका जिद्दीपना, आपका खजाना , जिसे आपने इस दुनिया से छुपा रखा है।

आज उसी खजाने को वापस खोजने का दिन है! आइये! मिल के खोजते है-

१. आप वही सुंदर से बच्चे है, फिर क्यों तलाशते है सौंदर्य इस ज़माने की दुकानदारी में!

२. आप वही बच्चे है, जो कभी अपनी मुट्टी नहीं बाँध कर जागता था, फिर क्यों आज नींद में भी आपकी मुट्ठिया नहीं खुलती! वो कौन सा गुस्सा है, आपका इस ज़माने से!

३. आप वही बच्चे है , जो रोते रोते हॅसने लगता था! फिर क्यों आप अपना मूड चाह कर भी नहीं सवांर पा रहे!

४. आप वही छोटे बच्चे है, जो जादूगर के झूठे अफ़साने पर सारी जेबे खाली कर आये थे, फिर क्यों नहीं अपनों की तकलीफ सुन कर भी अब आप नहीं पसीजते!

५. आप वही छोटे बच्चे है, जो गुड़िया के बालो पर मचलते थे वो आज घर में मौजूद सेकड़ो दिलफरेब साजो सामान से खुश नहीं होते!

६. आप वही छोटे बच्चे है, जो पहले कालांश में जिससे लड़ते थे उसके साथ ही टिफिन शेयर करते थे। आज अपनों के खिलाफ वकीलो से मिलने जाते है!

७. आप वही छोटे बच्चे है जो

१५ अगस्त को सबसे सुंदर कपडे पहन कर आजादी का तराना गाते थे, आज अपना वोट तक देने नहीं जाते!

८. आप वही छोटे बच्चे है जो अपनी भुआ का हाथ तब तक नहीं छोड़ते थे जब तक की ट्रैन रवाना नहीं हो जाती थी, आज अपनी मम्मी को फ़ोन करना भी भूल गए!

आइये! आज एक दिवस के लिए, बस एक दिन के लिए! बन जाते है खुद से ! देखते है, कौन कौन से सुंदर लम्हे वापस आते है!

आपका सुरेन्द्र!