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ग्रीष्मावकाश से पूर्व विद्यालय में करणीय कार्य।

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ग्रीष्मावकाश से पूर्व विद्यालय में करणीय कार्य।

विद्यालय के सत्र समाप्ति अथवा ग्रीष्मावकाश से पूर्व विद्यालय छोड़ने से पूर्व एक संस्था प्रधान को निम्नानुसार कार्य आवश्यक रूप से कर लेने चाहिए-

कार्यालय आदेश निकालना-

अंतिम कार्यदिवस को ग्रीष्मावकाश की तिथियों का हवाला देते हुए सभी कार्मिकों हेतु आदेश पंजिका में आदेश निकाल कर हस्ताक्षर करवा लेने चाहिए। इस आदेश में ग्रीष्मकालीन अवकाश में होने वाले प्रशिक्षण में भाग लेने वाले संभागियों को निर्देश, ग्रीष्मकालीन अवकाश में संस्था में उपस्तिथ रहने वाले मंत्रालयिक व सहायक कार्मिको का उपस्तिथि समय मय प्रभारी नाम का हवाला देना चाहिए।

सम्पतियों की सुरक्षा-

आज विद्यालय साधन संपन्न है अतः अंतिम कार्यदिवस पर विद्यालय के भंडार को चैक करके भंडार कक्ष में महत्वपूर्ण सामान की जांच करके अपने हस्ताक्षर कर चस्पा कर देने चाहिए। कम्प्यूटर्स, वाटर कूलर, कूलर, प्रोजेक्टर, प्रिंटर्स इत्यादि को सबसे मजबूत सुरक्षा वाले कक्ष में शिफ्ट करना चाहिए।

कार्मिको का अवकाश दौरान सम्पर्क सूचना-

सभी कार्मिको से मुख्यावास छोड़ने का प्रार्थना पत्र प्राप्त कर उनके ग्रीष्मकालीन पते, दूरभाष नम्बर, ईमेल एड्रेस इत्यादि की एक सूची कार्यालय प्रभारी को व एक सूची स्वयम के पास रखनी चाहिए।

प्रशिक्षण हेतु कार्यमुक्त करना-

ग्रीष्मकालीन अवकाश में जिन अध्यापकों को प्रशिक्षण प्राप्त करना हो उनको कार्यमुक्त करते हुए कार्यमुक्ति पत्र को एक पंजिका में सुरक्षित रख लेना चाहिए।

रोकड़ पंजिका संधारण-

अंतिम कार्यदिवस को समस्त रोकड़ पंजिका आदिनांक अभिलिखित कर केश के बेलेंस का मिलान कर कार्यालय में रखना उचित है। अधिक बेलेंस होने पर सुरक्षा कारणों से राशि बैंक में जमा करवा देनी चाहिए।

सूचना चस्पा करना-

ग्रीष्मकालीन अवकाश की अवधि व आवश्यक होने पर संस्था प्रधान /प्रभारी से सम्पर्क हेतु दूरभाष नम्बर कार्यालय कक्ष के बाहर, सूचना पट्ट पर मुख्य द्वार पर चस्पा करने चाहिए।

सम्पर्क-

अंतिम कार्यदिवस के अवसर पर एसडीएमसी के मुख्य सदस्यों, सरपंच इत्यादि से भी एक बार औपचारिक वार्ता कर ग्रीष्मकालीन अवकाश की सूचना व उन्हें सुरक्षा की नैतिक जिम्मेदारी देनी चाहिए।

विद्यार्थियों को कार्य-

ग्रीष्मकालीन अवकाश से पूर्व ही विद्यार्थियों को ग्रीष्मावकाश के सदुपयोग हेतु वार्ता कर विभिन्न प्रकार की गतिविधियों से सम्बंधित कार्य दिए जा सकते है।

शाला दर्पण/दर्शन अपडेटेशन-

वर्तमान युग मे सूचनाओं का अत्यंत महत्वपूर्ण रोल है अतः अंतिम कार्यदिवस को शाला दर्पण/ दर्शन के सभी कॉलम जांच करके आवश्यक प्रविष्टियों को पूर्ण कर देना चाहिए।

आहरण-वितरण सम्बन्धी कार्य-

संस्थान प्रधान को अपनी संस्थान के वेतन आहरण वितरण व अन्य कार्यो को समयानुसार पूर्ण करना होता है अतः इस क्रम में कार्ययोजना बना ली जानी चाहिए ताकि किसी प्रकार का विलम्ब नही हो।

बैठक-

अंतिम कार्यदिवस को संस्था कार्मिको से एक मीटिंग करके उनके प्रभार सम्बन्धी अभिलेख व सामग्री की सुरक्षा हेतु निर्देश प्रदान कर देने चाहिए।

भवन की सुरक्षा-

ग्रीष्मकालीन अवकाश के दौरान वर्षा का आगमन होता है अतः सहायक कार्मिको के माध्यम से वर्षा जल निकासी व्यवस्था व कक्षा-कक्षो को सही ढंग बन्द करवाना चाहिए।

नोट- उपरोक्त मात्र एक रूप रेखा है। एक संस्था प्रधान को स्थानीय कारणों, नवीनतम राजकीय आदेशो व दिशा-निर्देशों की अनुपालना अंतिम कार्यदिवस को पूर्ण करनी चाहिए।
सादर।