Categories: Articles
| On 3 years ago

जीवन मे सफलता के 11 मूल मंत्र। Jeven Mantra in Hindi

क्यों कुछ लोग ही प्रगति कर पाते है?

एक ही प्रोफेशन में कार्य करते हुए कुछ लोग अपने साथियों की तुलना में तेजी से प्रगति कर अगले कैडर में प्रवेश कर जाते है व उनके अन्य साथी ऐसा नहीं कर पाते है। यह सफलता मात्र भाग्य से प्राप्त नहीं होती अपितु इस हेतु उनके द्वारा एक योजना के तहत सम्पादित कार्य व उनका व्यवहार प्रमुख कारक होता हैं।

कुछ सफल व्यक्तियों के व्यक्तित्व से प्राप्त बिंदु निम्नानुसार है-

सम्यक व्यवहार

आपको सभी से संतुलित व्यवहार रखना चाहिए। व्यवहार नम्र, प्रोफेशन के अनुकूल व मर्यादित होना चाहिए। अत्यंत विनम्रता, चाटुकारिता अथवा अगले के मनोभाव के अनुसार

व्यवहार से अल्पकालिक लाभ प्राप्त किया जा सकता है परन्तु दीर्घकालिक सफलता नहीं।

प्रोफशनल अपडेटेशन

आपको अपने प्रोफेशन से सम्बंधित नवीनतम घटनाक्रम व जानकारी से अवगत रहना चाहिए। साथ ही स्वयम् का ज्ञान भी संतुलित शब्दों में गम्भीरता पूर्वक अभिव्यक्ति भी मददगार होती है।

समयबद्धता

प्रत्येक कार्य को निर्धारित समय में कुशलतापूर्वक सम्पन्न करना एक आदत के रूप में अपनाया जाना चाहिए। समय पर कार्य पूर्ण करने से जीवन में अतिरिक्त समय की उपलब्धि होती है एवम स्वास्थ्य सम्बंधित लाभ भी प्राप्त होते हैं।

अतिरिक्त गतिविधियां

जीवन में कार्यधिक्यता के उपरान्त भी व्यक्ति को "कोल्हू का बैल" कभी नहीं बनना चाहिए। प्रोफेशन, परिवार से बचे समय

का सामजिक सरोकारों में उपयोग सुनिश्चित करना चाहिए। सामाजिक सरोकारों के निर्वहन से संतोष प्राप्ति के साथ ही वृहद सामाजिक दायरे से जुड़ाव स्थापित होता है। सामाजिक जुड़ाव अनेक अवसरों के द्वार खोलता हैं।

निष्ठावान जुड़ाव

जीवन में मूल्यों के निर्माण पश्चात उनके प्रति निष्ठा महत्व रखती हैं। इस निष्ठा को व्यक्ति द्वारा योग्य मंच पर प्रस्तुत भी करना आवश्यक हैं।

अभिव्यक्ति

ज्ञान संग्रहण का नहीं होकर सदुपयोग का विषय है। प्रोफेशनल जिंदगी के साथ ही सामान्य जीवन में भी ज्ञान, भावना व कौशल की सफल अभिव्यक्ति आवश्यक हैं। सफल अभिव्यक्ति बेहतर मंच प्रदान करती है एवम सफलता सुनिश्चित करती है।

कॉमन सेन्स का परिमार्जन

दुनिया का सबसे

बड़ा ज्ञान ही कॉमनसेंस है इसके अभाव में अत्यंत ज्ञानी पर भी "नॉनसेन्स" का तमगा लग जाता हैं। कॉमनसेंस सभी में सहजता से उपलब्ध होता है परन्तु इसे " कारण" व " परिणाम " से लगातार सम्बंधित रखकर इसका परिमार्जन किया जा सकता है।

धार्मिक जीवन

धर्म व विज्ञान प्रतिस्पर्धी नहीं पूरक हैं। धर्म जीवन को शुद्धता व पूर्णता प्रदान करने के साथ ही एक अटूट विश्वास के भाव को जाग्रत करता है।

अवसर को पहचानने में सक्षम

अवसर सभी हेतु समान रूप से आता है लेकिन सफल व्यक्ति उस अवसर को पहचान कर तदनुसार कार्य करते है। अवसर बार-बार नही आते एवम एक बार अवसर निकल जाने पर मात्र पश्चाताप ही किया जा सकता है।

सुखों का त्याग

तत्कालीन सुखों को छोड़ने से ही भविष्य की सफलता निश्चित होती है। एक सफल व्यक्ति निश्चित रूप से वर्तमान सुखों को बनाये रखने की अपेक्षा चुनोतियाँ स्वीकार करते है एवम कष्टों का साहसपूर्वक सामना करते है।

गतिशीलता

" बहता पानी जल रहता है व स्थिर होने पर दूषित हो जाता है।" आज आप धनाढ्य वर्ग से बात करेंगे तो पाएंगे कि व्यापार हेतु उनके पूर्वजों ने सुदूर देशों की यात्राओं के साथ ही व्यापारिक अवसर मिलने पर वहाँ बसने का भी निर्णय लिया था।

View Comments