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| On 3 years ago

प्रवेशोत्सव अभियान- हर शिक्षक है " ब्रांड एम्बेसेडर"!

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प्रवेशोत्सव अभियान- हर शिक्षक है " ब्रांड एम्बेसेडर"!

प्रवेशोत्सव अभियान अब सम्पूर्ण राजस्थान राज्य में आरम्भ हो चुका है। हर राजकीय विद्यालय में संस्था प्रधान के निर्देशन एवम् SDMC/SMC के सदस्यों के सहयोग से शिक्षक बंधु पुर्व चिन्हित परिक्षेत्र में सघन संपर्क कर नामांकन वृद्धि हेतु प्रयासरत हैं।

क्षेत्र में संपर्क के समय शिक्षक साथियों को विभिन्न वर्गो के सदस्यों से वार्तालाप करना पड़ता हैं। वार्तालाप के साथ ही विभिन्न राजकीय योजनाओ, विद्यालय की विशेषताओं एवम विद्यालय योजना की जानकारी संतोषपूर्ण तरीके से प्रदान करते हुए कार्य सम्पादन किया जाता हैं। अनेक व्यक्तियों द्वारा किये जाने वाले प्रश्नो व जिज्ञासाओं के शमन हेतु पर्याप्त तैयारी आवश्यक हैं।

क्षेत्र में परिभ्रमण से पूर्व आवश्यक है कि हम निम्न बिंदुओ कि पर्याप्त तैयारी कर ले-
1 विद्यालय इतिहास, क्रमोन्नति वर्ष, उपलब्ध संकाय, उपलब्ध विषय, संस्थापन व नामांकन सुचना।
2. विभिन्न प्रकार की छात्रवर्तिया मय पात्रता व देय राशि एवम् विभिन्न राजकीय योजनाओ की सुचना।
3. विद्यालय के भौतिक संसाधन, शैक्षिक, सहशैक्षिक व खेलकूद सुविधाओं का विवरण।
4. शिविरा कलेंडर की पूर्ण जानकारी एवम् विद्यालय समय की जानकारी।
5. विद्यालय की वर्तमान समस्याओं की जानकारी एवम् निराकरण की योजना।
6. विद्यालय केचमेंट व स्वयम् के क्षेत्र का नज़री नक्शा।
7. विद्यालय विज्ञापन हेतु ब्रोशेर्स व हैंडबिल।
8. स्थानीय गणमान्य नागरिकों, जनप्रतिनिधियों व प्रबंध समिति सदस्यों के दूरभाष नंबर।
9 आवश्यक सूचनाओ के लेखन हेतु सामग्री।

क्षेत्र में संपर्क के समय अपने साथ जनप्रतिनिधियों व गणमान्य सदस्यों को सम्मिलित करने से समाज का सहयोग व विश्वास अर्जित होता हैं। अपने स्मार्ट फोन के प्रयोग से हम अनेक तस्वीरें संजो सकते है जो कि भविष्य में अभिलेख संधारण में सहायक होगी।

प्रवेशोत्सव समय में अनेक प्रकार के कार्यक्रम आयोजित होंगे जिनमे जनसहभागिता आवश्यक होती है अतः जनप्रतिनिधियों व जनसमुदाय से सहयोग लेने के लिए आवश्यक है कि हम उन्हें कार्यक्रम की सूचनाएं समयानुसार व व्यक्तिगत रूप से प्रदान कर सादर आमंत्रित करें।

विद्यालय के विकास में ही सबका विकास है अतः हमें खुद को आवंटित कार्य को पूर्ण क्षमता से निर्वहन तो करना ही है बल्कि यह भी सोचना है कि "मेरा स्कूल मेरा है, मुझे इसके सर्वांगीण विकास हेतु वह समस्त कार्य करने है, जो किये जाने है, इस हेतु मैं सदैव प्रयत्नशील रहूँगा"।

समेकित करते हुए यह कहा जा सकता है कि हम समाज में हमारी स्कुल का प्रतिनिधित्व करते है एवम् एक " ब्रांड एम्बेसेडर" के समान अपने विद्यालय की छवि को आलोकित करते हैं।

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