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5 जी टेक्नोलॉजी लाएगी दूरसंचार में कमाल।

दूरसंचार के क्षेत्र में भारत मे भी अब 5 जी टेक्नोलॉजी कमाल लाने के लिए कमर कस रही हैं। सरकार ने अब इस 5 जी मोबाइल टेक्नोलॉजी के ट्रायल की तैयारी कर दी हैं। इस टेक्नोलॉजी के आते ही मोबाइल मि दुनिया ही बदल जाएगी। आप के मोबाइल पर चुटकियों में भारी भरकम डाटा ट्रांसफर हो जाएंगे। और हाँ, आप अपनी मनपसंद फ़िल्म पलक झपकते ही डाउनलोड कर सकेंगे।

5 जी ब्रॉडबैंड सेलुलर नेटवर्क के लिए पांचवीं पीढ़ी के प्रौद्योगिकी मानक है जिनका प्रयोग सेलुलर फोन कंपनियों द्वारा किया जाता हैं। 5जी टेक्नोलॉजी के आने के बाद इंटरनेट के उपयोगकर्ताओं को डाटा की उच्च गति मिलने लगेगी तथा वे अत्यंत तीव्र गति से डाटा डाउनलोड व अपलोड़ कर सकेंगे। इससे ना केवल उनको बेटर कवरेज मिलेगा बल्कि उनका बैटरी यूज भी कम होगा। यह तकनीक 4 जी एलटीई , एलटीई एडवांस्ड , 3 जी व 2 जी से अधिक विश्वसनीय हैं

5 जी तकनीक के

विकास हेतु 2013 से कार्य शुरू हो गया था। 5जी या फिफ्थ जेनरेशन, ब्रॉडबैंड सेल्युलर नेटवर्क तकनीक आगे चलकर 4-जी की जगह लेगी। 4 जी नेटवर्क पर जहां औसतन इंटरनेट स्पीड 45 एमबीपीएस होती है, वहीं 5 जी नेटवर्क पर यह स्पीड बढ़कर 1000 एमबीपीएस तक पहुंच सकती है।

भारत मे 5 जी टेक्नोलॉजी का विकास | Development of 5G technology in India

विश्व मे कुछ विकसित देश 5 जी टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल कर रहे है। भारत मे अभी 5 जी टेक्नोलॉजी के इस्तेमाल हेतु कार्य प्रक्रियाधीन हैं । भारत और जापान ने साइबर सिक्योरिटी पर एक अहम समझौता किया था जिस पर भारत के विदेश मंत्री एस जयशंकर और जापान के विदेश मंत्री तोशिमित्सु मोटेगी ने बुधवार को टोक्यो में इस समझौते पर साइन किए थे। दोनों देशों ने 5 जी टेक्नोलॉजी और सूचना तकनीक से जुड़ी ढांचागत सुविधाएं तैयार करने के लिए साथ कार्य किया हैं।

भारत-जापान में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और इंटरनेट ऑफ थिंग्स के रिसर्च एंड डेवलपमेंट से जुड़े कामों को मिलकर करने पर भी सहमति बनी है। 

देश में 5जी नेटवर्क के ट्रायल को हरी झंडी | 5G network trial gets green signal in the country

भारत में 5जी मोबाइल नेटवर्क का ट्रायल शुरू होने जा रहा है। सरकार ने इसके लिए चार मई 2021 को कुल 13 आवेदन स्वीकार कर लिए हैं। इसके लिए टेलीकॉम कंपनियों को कुछ शर्तों के साथ इसी हफ्ते 700 मेगाहर्ट्ज बैंड में स्पेक्ट्रम जारी किया जाएगा।

5 जी की दौड़ से चीनी कम्पनियां बाहर | Chinese companies out of 5G race

भारत मे इस आधारभूत ढांचा निर्माण की इस दौड़ में किसी भी चीनी कम्पनी को शामिल नही किया गया हैं। हुवेई और जेडटीई समेत चीन की कोई भी कंपनी इस ट्रायल में हिस्सा नहीं लेगी।

प्रमुख मोबाइल कम्पनियों ने की तैयारी | Preparation by major mobile companies.

सभी मोबाइल कम्पनियों द्वारा अपने नई मोबाइल सीरीज में 5जी तकनीक का इस्तेमाल आरंभ कर दिया गया हैं। 5 जी तकनीक नये मोबाइल फोनों को पुरानों से बेहतर और महंगा बनाती बनाएगी। टेक-एक्सपर्टस के अनुसार बताते हैं कि 5जी इंटरनेट और कनेक्टिविटी पाने के लिए मोबाइल कम्पनियों जो कम्पोनेंट्स लगा रही है उनसे अब मोबाइल अधिक यूजर फ्रेंडली हो जाएंगे।

5 जी की विकास यात्रा | 5G's development journey.

आज हम जिस 5 जी टेक्नोलॉजी तक पहुंचे है वहा तक आने में वैज्ञानिकों ने बहुत अधिक मेहनत की हैं। आइये, हम इस विकास यात्रा को समझते हैं।

1-जी

1 जी आरंभिक तकनीक थी। इस वायरलेस से आरंभिक दौर में कार्यरम्भ हुआ था। इस तकनीक ने संचार को नए आयाम दिए थे लेकिन इस वायरलेस तकनीक से जहां टूटी-फूटी खरखराहट भरी आवाजों के जरिए संवाद हो पाता था।

2-जी

2 जी तकनीक के जरिये पहली बार स्पष्ट आवाज के साथ एसएमएस सरीखी बेसिक डेटा ट्रांसफर सर्विस मिली और मोबाइल इंटरनेट की शुरूआत हुई थी।यह संचार के क्षेत्र में बड़ी सफलता थी।

3-जी

मोबाइल फोन को स्मार्ट फोन

बनाना इसी टेक्नोलॉजी के कारण सम्भव हुआ था। 3 जी टेक्नोलॉजी के माध्यम से इंटरनेट पर तमाम तरह का एडवांस्ड कम्युनिकेशन जैसे कि वेबसाइट्स को एक्सेस करना, वीडियो देखना, म्यूजिक सुनना और मेल करना आदि संभव हुआ था।

4-जी-एलटीई

4-जी-एलटीई दरअसल 3 जी का फास्ट वर्जन माना जा सकता है क्योंकि 4-जी-एलटीई ने 3 जी टेक्नोलॉजी तेज रफ्तार प्रदान की थी।