Categories: Health

एलोवेरा के फायदे और नुकसान (Aloe Vera Benefits & Side Effects in Hindi)

आइये जानते है एलोवेरा के फायदे और नुकसान, प्रकृति द्वारा हमें कई ऐसी आयुर्वेदिक औषधियां प्राप्त हुई हैं, जो हमारे लिए बहुत ही लाभकारी और फायदेमंद रही है। उन्हीं में एक है 'घृतकुमारी'। जिसे हम 'घीक्वार' और 'ग्वार पाठा' भी कह सकते है, लेकिन अधिकांश लोग इसे 'एलो वेरा' के नाम से जानते हैं, जो इसका वनस्पति Botanical नाम है। एलोवेरा का पौधा काफी गूदेदार और रसीला होता है। एलोवेरा का पौधा छोटा होता है। इससे पत्‍ते मोटे, गूदेदार होते हैं। पत्ते चारो तरफ लगे होते हैं।

एलोवेरा के पत्‍ते का भाग आगे से नुकीला होता है। इसके किनारों पर हल्‍के-हल्के कांटे होते हैं। एलोवेरा के पत्‍तों के बीज से फूल का दंड निकलता है उस पर पीले रंग के फूल लगे होते हैं इसकी औसतन लम्बाई 15 सेंटीमीटर से 3 फुट तक रहती है।

Lili ('लिली') परिवार का यह पौधा बहुत सारे खनिजों, लवणों और विटामिनों से भरपूर होता है। अपने उम्र वृद्धिकारक गुणों तथा आर्द्रताकारी (Moisturizing) के कारण इसका प्रयोग त्वचा निख़ार के उत्पादों के रूप में किया जाता है इसकी उत्पत्ति संभवतः  North Africa (उत्तरी अफ्रीका) में हुई थी यह प्रजाति विश्व के अन्य स्थानों पर स्वाभाविक रूप से नहीं पायी जाती पर इसके निकट संबंधित उत्तरी अफ्रीका में पायी जाती है ।

एलोवेरा के फायदे और नुकसान (Aloe Vera Benefits & Side Effects in Hindi) :

सभ्यताओं द्वारा इसे एक औषधीय पौधे के रूप में मान्यता दी है और इस प्रजाति के पौधों का इस्तेमाल पहली शताब्दी ईसवी से औषधि के रूप में किया जाता रहा है। एलोवेरा का उल्लेख आयुर्वेद  के प्राचीन ग्रंथों में मिलता है। घृत कुमारी के अर्क का प्रयोग बड़े स्तर पर सौंदर्य प्रसाधन और वैकल्पिक औषधि उद्योग जैसे चिरयौवनकारी (त्वचा को युवा रखने वाले पदार्थ ), आरोग्यी या सुखदायक के रूप में प्रयोग किया जाता रहा

है, आजकल एलोवेरा की खेती एक बड़े स्तर पर एक सजावटी पौधे के रूप में की जा रही है।

एलोवेरा के फायदे (Aloe Vera Benefits in Hindi) :

  1. एलो वेरा में 18 धातु, 15 Emino Acid (एमिनो एसिड) और 12 Vitamin (विटामिन) मौजूद रहते हैं, जो खून की कमी को दूर कर रोग-प्रतिरोधक की क्षमता को बढ़ाते हैं।
  2. एलो वेरा को  एक अच्छे स्वास्थ्यवर्द्धक पेय ) के रूप में इस्तेमाल किया जाता है।
  3. 2-4 चम्मच Aloe Vera (एलो वेरा) का रस और एक गिलास ठंडे नारियल पानी मिलाकर पीने से लू लगने का खतरा नहीं रहता है।
  4. एलो वेरा का रस बवासीर, मधुमेह, गर्भाशय के रोग तथा पेट के विकारों को दूर करता है।
  5. एलो वेरा के पल्प (गुदे) में मुल्तानी मिट्टी या चंदन पाऊडर में मिलाकर लगाने से Skin (त्वचा) के कील - मुहांसे ठीक हो जाते हैं।
  6. सुबह खाली पेट एलो वेरा की पत्तियों के रस का सेवन करने से पेट में कब्ज़ की समस्या से दूर होती है।
  7. गर्मी, उमस और बारिश के कारण निकलने वाले कील- मुँहासो पर एलो वेरा का रस लगाने से आराम मिलता है और 3-4 बार लगाने से वो ठीक हो जाते हैं।
  8. एलो वेरा का रस गुलाब जल में मिलाकर Skin (त्वचा) पर लगाने से त्वचा में नमी बरकरार रहती है और खोई नमी लौटती है।
  9. एलो वेरा का रस मेहँदी में मिलाकर बालों में लगाने से बाल चमकदार तथा स्वस्थ व मजबूत होते हैं।
  10. जलने या चोट लगने पर एलो वेरा का रस लगाने से आराम मिलता और वो तेज़ी से ठीक होता है।
  11. इनके अतिरिक्त शारीरिक ऊर्जा, पाचन क्रिया तथा त्वचा - पुनर्निर्माण के लिए भी एलो वेरा का रस और पल्प (गूदा) काफी लाभदायक होता है।

एलोवेरा का उपयोग कैसे करे? (Use of Aloe Vera in Hindi) :

एलोवेरा का उपयोग कई

प्रकार से किया जा सकता है एलोवेरा से आज के समय में कई प्रकार के उत्पाद और वस्तुएँ बनाई जाती है जिनको किसी ना किसी रूप में काम में लिया जाता है जिनमे त्वचा के लिए बालो के लिए दवाई के रूप में किया जाता है जिस रूप में एलोवेरा का इस्तेमाल हो उसमे उसकी मात्रानुसार ही उपयोग में लें जिससे कोई समस्या का सामना ना करना पड़े

त्वचा के लिए एलोवेरा के फायदे (Skin Aloe Vera Benefits) :

  • Skin (स्किन) पर Aloe Vera (एलो वेरा) का इस्तेमाल कैसे करें एलोवेरा Gel (जेल) Dry (ड्राई) और परतदार Skin (त्वचा) को Highdreat (हाइड्रेट) और Moisturizing (मॉइस्चराइज) रखती है। यदि त्वचा डल और थकी हुई लगती है तो Aloe Vera (एलो वेरा) Gel (जेल) को  Face Pack (फेस पैक) की तरह इस्तेमाल कर सकते हैं, रात को सोने से पहले Vitamin E, Aloe Vera, Gel, में मिलाकर अपनी त्वचा पर लगाने से त्वचा में निखार आता है और दाग धब्बे तथा कील-मुँहासे भी कम हो जाते है । एक चम्मच Aloe Vera (एलो वेरा) Gel (जेल) और एक चम्मच इंस्टेंट, ओटमील में आधा चम्मच Oliv Oil (ऑलिव ऑयल) मिलाएं और उसका लेप बना लें। इसे पूरे चेहरे और गर्दन पर लगाएं और 30 मिनट तक सूखने दें। फिर ठंडे पानी से धो दें । ओटमील से चेहरा स्क्रब होता है और ऑलिव ऑयल पोषणदेता है और एलोवेरा जेल से खोई नमी वापस मिलती है
  • एलो वेरा झुर्रियों से छुटकारा पाने में भी मदद करता है। यह त्वचा को मॉइस्चराइज करने में मदद करता है और त्वचा से मृत कोशिकाओं को हटाता है।
  • बालों के लिए एलो वेरा बहुत लाभकारी है एलो वेरा में प्रोटियोलिटिक एंजाइम काफी मात्रा में पाए जाते हैं। ये एंजाइम डेड सेल्स निकलने में काफी सक्षम होती
    हैं और नए सेल के विकास में मदद करते हैं जो बालों की मरम्मत करते है। एलो वेरा बालो को पोषण प्रदान करता है, उनमें चमक  और उनको मजबूत बनाने में सहायता करता है।
  • एलो वेरा के इस्तेमाल से सूजन कम होती है। एलोवेरा के इस्तेमाल से डाइजेशन पाचन अच्छा होता है और अल्सर से भी राहत मिलती है।
  • एलोवेरा रोग प्रतिरोधक शक्ति बूस्ट करने के लिए जाना जाता है।
  • यह मुंह के घावों को ठीक करता है और मसूड़ों को मॉइश्चराइज या नमी  प्रदान करता है। इससे मसूड़ों की सूजन भी कम और कीटाणु भी दूर रहते हैं।

यह भी पढ़े :

एलोवेरा के नुकसान (Side-Effects of Aloe Vera in Hindi) :

  • स्किन एलर्जी एलो वेरा के ज़्यादा उपयोग से त्वचा लाल या उस पर चकत्ते और खुजली की गुंजाइश हो सकती है।
  • एलोवेरा को स्किन के लिए फायदेमंद माना जाता है लेकिन ज़्यादा इस्तेमाल करने से इसका स्किन पर बुरा प्रभाव पड़ता है।
  • डिहाइड्रेशन कई लोग वज़न कम करने के लिए एलो वेरा जेल का सेवन करते हैं। यह काफी हद तक वज़न घटाने में मदद भी करता है लेकिन इसका ज़्यादा सेवन नुकसान भी पहुंचा सकता है। इसके ज़्यादा इस्तेमाल से शरीर में पानी की कमी भी हो जाती है।
  • गर्भवती महिला के लिए नुकसानदायक एलोवेरा में मौजूद लैक्टेटिंग प्रोपर्टी गर्भवती महिला के लिए हानिकारक होती है। इसके सेवन से उनका गर्भाशय सिकुड़ सकता है।
  • एलोवेरा का लगातार सेवन ब्लड प्रेशर के स्तर को कम कर देता है।
  • इसका इस्तेमाल नियमित
    मात्रा में ही करना चाहिए । इस के रस को लगातार पीने से शरीर में पोटेशियम की मात्रा कम हो सकती है, जिससे हृदय की गति अनियमित हो जाती है और शरीर में कमज़ोरी आ जाती है।
  • एलो लेटेक्स, जो कि एलोवेरा की पत्ती का हिस्सा होता है, इससे गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल की समस्या , पेट दर्द, अल्सर, इंटेस्टाइन में रुकावट और अपेंडिसाइटिस हो सकता है। ज्यादा मात्रा में पीने पर यह खतरनाक साबित हो सकता है।
  • गर्भवती (प्रेग्नेंट) और स्तनपान (ब्रेस्टफीडिंग) औरतों  को एलोवेरा से सख्त तौर पर दूर रहना चाहिए। इससे गर्भवती महिला में यूटेराइन कॉन्ट्रैक्शन हो सकता है। इससे बच्चों में  जन्म दोष (बर्थ डिफेक्ट्स) और यहां तक गर्भपात (मिसकैरेज)  तक हो सकता है।
  • एलोवेरा रस पीने से एलर्जिक प्रतिक्रिया हो सकती हैं जैसे- त्वचा के चकत्ते (स्किन रैशेज), स्किन पर खुजली, सांस लेने में दिक्कत, हीव्स, छाती में जकड़न, चेहरे की सूजन, होठ, मुंह या गले में जलन।
  • असंसाधित एलोवेरा रस पीने से शरीर का संतुलन बिगड़ सकता है  और निर्जलीकरण (डिहाइड्रेशन) हो सकता है।
  • एलोवेरा रस से पोटैशियम स्तर धीरे हो जाता है। इससे अनियमित गति और दुर्बलता हो जाती है।
  • किडनी पर खराब प्रभाव पड़ता है।
  • डॉक्टर की सलाह पर सिमित मात्रा में एलोवेरा रस पीना चाहिए जिससे शारीरिक संतुलन में कोई नुकसान नहीं होगा।