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| On 3 months ago

Angela Merkel

एंजेला मर्केल जर्मनी की चांसलर है एवम भारत हेतु अति सम्मानित महिला हैं। भारत के सोशल मीडिया पर पिछले कुछ दिनों में उनकी गूगल सर्चिंग अचानक बढ़ी है साथ ही उनको लेकर बहुत से क्राफ्टेड वीडियो भी जारी हो रहे है। आइये, जानते है एंजेला मर्केल के बारे में।

Angela Markel PM of Great Germany | महान जर्मनी की शासनाध्यक्ष एंजेला मर्केल

जर्मनी निश्चित रूप से एक शक्तिशाली व महान राष्ट्र है एवम एंजेला मर्केल अभी उस राष्ट्र को नेतृत्व प्रदान कर रही है अतः उनका हर व्यक्तत्व अत्यंत महत्वपूर्ण है। इस तथाकथित मीडिया में प्रचारित किया जा रहा कि मैडम ने भारत के विरुद्ध उसकी दवा नीति को लेकर अपना विरोध दर्ज किया है एवं यूरोपीय राष्ट्रों को इस हेतु दोषी ठहराया है कि उन्होनें दवा बाजार में जर्मनी के दबदबे को कम किया है तथा भारत के दवा बाजार को समर्थन दिया हैं। शिविरा इस संदर्भ में फैक्ट चेक करके आपके समक्ष सही तसवीर प्रस्तुत कर रहा हैं।

तथाकथित मीडिया में लगे आरोप | The allegations in the so-called media

मीडिया आजकल बहुत बेतरतीब होने लगा है एवम सिर्फ निजी लाभ तथा आय हेतु बिना सत्य जाने कुछ भी कहने लगता है। इस हेतु आन साधारण आदमी भी जिम्मेदार है क्योंकि उसको चटकारे युक्त समाचार चाहिए।

जर्मनी की चान्सलर जिनकी आयु आज 66 वर्ष हो एवम जो बड़ी वैज्ञानिक रह चुकी हो वे क्या इस तरह स्टेटमेंट देंगे ? कदापि नही । आज भारत की सम्पूर्ण विश्व में एक प्रतिष्ठा है क्या कोई देश भारत को अनावश्यक रूप से अपना विरोधी बनाएगा। कतई नही?

एंजेला मर्केल के माध्यम से लगे भारत मे लगे निम्नलिखित आरोप की हम जाँच आपके साथ कर रहे हैं-

आरोप

भारत पर आरोप है कि भारत दवा बाजार पर अतिक्रमण कर रहा है। भारत कोरोना संक्रमण हेतु तैयार वैक्सीन सप्लाई रोक रहा गए। जर्मनी अब दवा बाजार का नेतृत्व नही कर रहा अन्यथा विश्व को वैक्सीन की कमी नही होती।

आइये , इन सब आरोप को वन बाई वन चेक कर लेते हैं! यह जान लेते है कि आखिरकार माजरा क्या हैं?

एंजेला मर्केल भारत के विरुद्ध | Angela Merkal against India

जब हम गूगल करके एंजेला मर्केल भारत के विरुद्ध | Angela Merkal against India टाइप करेंगे तो 2 वर्ष से अधिक पुराने सर्च वीडियो सामने आते है इसका मतलब बिल्कुल साफ है कि एंजेला मर्केल ने भारत के विरुद्ध कोई स्टेटमेंट जारी नही किया है। हालांकि यह पर्याप्त है कि हम संतुष्ट हो जाये लेकिन हम अपनी सर्च जारी रखेंगे।

एंजेला मॉर्कल एवम भारत | Angela Merkal and India

“भारत में जर्मन दूतावास और जर्मन सरकार भारत में गहरी सहानुभूति और चिंता के साथ कोविद 19 महामारी का पालन कर रहे हैं। भारत हमारा रणनीतिक साझेदार है, और हम इस दृढ़ विश्वास को साझा करते हैं कि इस वैश्विक संकट की चुनौतियों का सामना केवल अंतर्राष्ट्रीय सहयोग से ही किया जा सकता है,” भारत में जर्मन दूतावास के ट्वीट ने कहा।

यह कथन भारत के एक प्रसिद्ध चैनल से हमने लिया है उपरोक्त सभी शब्दों से यह साफ है कि वर्तमान स्तिथि में जर्मनी भारत के साथ ही है ना कि भारत के विरुद्ध। अतः हमको भी गम्भीरता रखते हुए उन चैनल व मीडिया का विरोध करना ही पड़ेगा जो कि विपरीत परिस्थितियों को पैदा करने का काम कर रहे हैं।

महामारी में जर्मन सहयोग | German Cooperation in Epidemic

जर्मनी के भारत स्थित दूतावास ने ट्वीट करके स्पष्ट किया है कि जर्मनी इस समय भारत के साथ खड़ा है एवं अपने संसाधनों का प्रयोग भरतीय हित में करेगा। उन्होंने यह तक कह दिया हैं कि वे भारत को ऑक्सीजन सप्लाई में सहयोग प्रदान करेंगे।

ऐसे में कुछ बेतरतीब भरतीय मीडिया द्वारा जर्मनी के विरुद्ध वीडियो इत्यादि प्रचारित करना एक गलत कदम है जिससे दोनों पक्षों के मध्य सम्बंधित हानि ही प्रतीत होती हैं। शिविरा के पाठकों से निवेदन रहेगा कि वे इस प्रकार की गलत बयानी से बचे।

जर्मन दूतावास का बयान | Statement of German Embassy

भारत के दिल्ली में स्तिथ जर्मन दूतावास ने इस सम्बंध में कोई नकारात्मक स्टेटमेंट जारी नही किया है लेकिन यह जरूर है कि उन्होंने एक ट्वीट जरूर किया है जिसमे भारत की मदद की बात की गई हैं। आप भी इस ट्वीट को देखे व निर्णय खुद करे।