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| On 3 years ago

APJ ABDUL KALAM: REAL MOTIVATOR AND MOTIVATION SPEAKER

सफलता का रामबाण सूत्र: " वेल्यु एडिंग कॉन्सेप्ट इन लाइफ"

एपीजे कलाम: प्रेरणा स्त्रोत

एक बार हमारे भूतपूर्व राष्ट्रपति श्रीमान एपीजे अब्दुल कलाम ने जब हवाई जहाज से एक स्टील निर्माण करने वाली बड़ी औद्योगिक इकाई का निरीक्षण किया तो उन्होंने देखा कि उसके आसपास का बड़ा इलाका निर्जन था।

एपीजे कलाम: एक दृष्टि

उन्होंने अपने निरीक्षण के बाद आयोजित मीटिंग में औद्योगिक इकाई के नजदीकी इलाके के बारे में जानकारी प्राप्त की। नजदीकी इलाका राजकीय स्वामित्व में था।

एक रामबाण सूत्र

पूरी जानकारी लेने के पश्चात माननीय कलाम ने "वेल्यु एडेड कॉन्सेप्ट" को स्पष्ट किया व बताया कि " किसी भी

स्तर पर जब हम उपलब्ध माल या सेवा के गुणों में वृद्धि कर लेंगे तो उससे हम अधिक आय व सफलता प्राप्त कर सकेंगे"।

अर्थशास्त्र ही शास्त्र है।

उस स्टील फेक्ट्री से तैयार कच्चे माल को दूरदराज में स्थित विभिन्न फैक्ट्रियों को कच्चा माल सप्लाई किया जाता था। कच्चे माल की सप्लाई में एक तो वजन ज्यादा होता है इसलिए परिवहन लागत बढ़ती है दूसरे कन्जयूमर तक तैयार माल पहुँचने की प्रक्रिया में समय व परिवहन लागत में इजाफा होता है।

विकास लाजिमी है।

इसके पश्चात महामहिम के विचार पर बनी कार्ययोजना से वहाँ आसपास के क्षेत्रों में स्टील से बनने वाली वस्तुओं के

निर्माण हेतु अनेक छोटी, बड़ी व लघु इकाइयों की स्थापना हुई। इस इकलौते कॉन्सेप्ट से वह पूरा इलाका एक विकसित इंडस्ट्रियल में भी बदला व निर्माण की लागत में भी उल्लेखनीय कमी आई।

हर कदम, जोड़ो मूल्य

उनके विचार में हर नागरिक को उसके द्वारा दी जाने वाली सेवा या माल में " वेल्यु" एड करनी चाहिए। वेल्यु एड करने का प्रोसेस निरन्तर जारी रहना चाहिए। माल की अथवा सेवा की क्वालिटी में निरन्तर इजाफा एवम अगले चरण की सेवा को उसी स्थान पर सम्मिलित करने का निरन्तर प्रयास जारी रखना चाहिए।

खुद को बना लो विशेष।

हमें भी जीवन के प्रत्येक कार्य मे हर

समय वेल्यु एड करने की दिशा में प्रयासरत रहना चाहिए। हम सामान्य व विशिष्ट, आर्थिक व अनार्थिक, निजी व राजकीय, औपचारिक व अनोपचारिक सभी कार्यो में अगर प्रति पल इस कॉन्सेप्ट पर चलेंगे तो हमारे माल व सेवाओं की एक विशेष पहचान बन जाएगी।

बन जाओ एक ब्रांड

यह विशेष पहचान हमारे सामान्य से कार्य को "ब्रांड" बना देगी। जब हम एक सफल ब्रांड बन जाते है तो हमारे उत्पादन का स्तर व प्रोडक्शन का वोल्यूम बढ़ जाता है एवं हम सफलता के अगले स्तर को बहुत जल्द प्राप्त कर लेते है।

सीधी सी बात

एक बहुत साधारण सा उदाहरण प्रस्तुत करता हूँ। राजस्थान के सामान्य से

युवा ने इसी कॉन्सेप्ट पर काम किया। वह स्पोर्ट्स शूज रिपेयर करता था। उसने देखा कि स्पोर्ट्स शूज़ बहुत गन्दे होते है जिससे उनकी उम्र कम हो जाती है। उसने अपनी सेवाओं में वेल्यु एड की।

जोड़ो नई तकनीक

उसने उन स्पोर्ट्स शूज को धोने की छोटी इकाई लगाई एवम तकनीक सीखी। उसके काम की उपयोगिता बढ़ी और वह एक ब्रांड के रूप में विकसित हुआ। आज वह एक सफल ब्रांड है।

आप भी हर काम मे वेल्यु एड कर सकते है एवम मेरी दृष्टि में यह सफलता का एक रामबाण सूत्र है।

Surendra Singh Chouhan