अटल भूजल योजना (Atal Bhujal Yojana in Hindi)

अटल भूजल योजना : का लक्ष्य भूजल के स्तर को बढ़ाना है काफी राज्यों में भूजल का स्तर काफी गिर गया है उसी को बढ़ाना इसका प्रमुख लक्ष्य है केंद्रीय जल संसाधन, नदी विकास और गंगा कायाकल्प के राज्य मंत्री ने लोकसभा में एक लिखित उत्तर में यह जानकारी दी कि भारत में भूजल भंडार के लगातार कम होने की समस्या को दूर करने के लिये विश्व बैंक ने अटल भूजल योजना (ABHY) के तहत 6,000 करोड़ रुपए की सहायता देने की मंज़ूरी प्रदान कर दी है। Atal Bhujal Yojana 2018-19 से 2022-23 तक पाँच साल की अवधि में लागू की जानी है।

अटल भूजल योजना प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 25 दिसंबर 2019 को पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की 95वीं जयंती के अवसर पर ‘अटल भूजल योजना’ की शुरुआत की. अटल भूजल योजना के माध्यम से भूजल का प्रबंधन किया जाएगा तथा प्रत्येक घर तक पीने के स्वच्छ पानी को पहुंचाने की योजना पर काम होगा

केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर के अनुसार, भूजल की समस्या से छुटकारा पाने हेतु अटल भूजल योजना लाई गई है. केंद्र सरकार ने अटल भूजल योजना के लिए 6000 करोड़ रुपये आवंटित किए हैं. योजना में 3000 करोड़ केंद्र सरकार देगी और बाकी के 3000 करोड़ रुपये विश्व बैंक और 3000 करोड़ रुपये केंद्र सरकार देगी। अटल भूजल योजना के लिए 5 साल में में 6000 करोड़ रुपए खर्च होंगे।

अटल भूजल योजना किन राज्यों में लागु होगी (In Which States will the Atal Bhujal Yojana be Implemented in Hindi) :

भारत देश अभी भी ऐसे बहुत राज्य है जहा पर भूजल का स्तर काफी गिर चूका है उसी को बढ़ाने के लक्ष्य से Atal Bhujal Yojana की शुरआत की गयी थी | जिसका प्रमुख लक्ष्य भूजल स्तर को बढ़ाना है

विश्व बैंक की मदद से शुरू की जा रही Atal Bhujal Yojana

अगले पांच सालों में देश 78 जिलों, 193 प्रखंडों (ब्लॉकों) और 8350 ग्राम पंचायतों में अगले पांच सालों में पूरी की जाएगी, इसमें ज़्यादातर इलाके हरियाणा, कर्नाटक, राजस्थान, महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और गुजरात में हैं, ये वो राज्य हैं जिनके 25 फीसदी से ज्यादा इलाकों में भूजल स्तर का दोहन सबसे ज्यादा हुआ है। इन्हें ‘डार्क जोन' (पानी के संकट की स्थिति) कहा जाता है।

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अटल भूजल योजना के प्रमुख बिंदु (Key points of Atal Bhujal Yojana in Hindi) :

  • वर्ष 2016-17 के केंद्रीय बजट में ‘राष्ट्रीय भूजल प्रबंधन सुधार योजना’ (National Groundwater Management Improvement Programme- NGMIP) की घोषणा की गई थी। मई 2017 में व्यय वित्त समिति द्वारा इस योजना को बंद कर दिया गया था। लेकिन बाद में इस योजना को Atal bhujal Yojana के रूप में पुनः नामकरण कर फिर से शुरू किया गया।
  • Atal bhujal Yojana का क्रियान्वयन जल संसाधन, नदी विकास और गंगा संरक्षण मंत्रालय (Ministry of Water Resources, River Development & Ganga Rejuvenation) द्वारा किया जा रहा है।
  • Atal bhujal Yojana का उद्देश्य सामुदायिक भागीदारी के माध्यम से देश के प्राथमिकता वाले क्षेत्रों में भूजल प्रबंधन में सुधार करना है।
  • Atal bhujal Yojana में विश्व बैंक और केंद्र सरकार की हिस्सेदारी 50:50 की है। जिसका अर्थ है 3000 करोड़ केंद्र सरकार देगी और 3000 करोड़ वर्ल्ड बैंक मुहैया कराएगा
  • अटल भूजल योजना गुजरात, महाराष्ट्र,
    हरियाणा, कर्नाटक, राजस्थान, उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश में जल की कमी वाले क्षेत्रों हेतु प्रस्तावित है।
  • अटल भूजल योजना के अंतर्गत इन प्रदेशों के 78 ज़िलों, 193 ब्लॉकों और 8350 ग्राम पंचायतों को शामिल किया गया है।
  • केंद्रीय भूजल बोर्ड की विगत वर्ष की रिपोर्ट के अनुसार, देश के 6584 भूजल ब्लॉकों में से 1034 ब्लॉकों का अत्यधिक उपयोग हुआ है। सामान्यतः इन्हें ‘डार्क ज़ोन’ (पानी के संकट की स्थिति) कहा जाता है।

क्षेत्र का विवरण और संभावित वित्तीय आवंटन (Details of Area & Tentative Financial Allocations in Hindi) :

Sl.No.StateDistrictsBlocksGPs
1Gujarat6241,816
2Haryana13361,895
3Karnataka14411,199
4Madhya Pradesh59678
5Maharashtra13351,339
6Rajasthan1722876
7Uttar Pradesh1026550
TOTAL781938,353