Categories: Entertainment
| On 2 years ago

Babuji: A beautiful poem in the pride of all office personnel.

बाबूजी : सभी कार्यालय कार्मिकों की शान में एक सुंदर कविता।

सब मर्जों की एक दवा है बाबूजी।
सौ तालों की एक है चाबी बाबूजी।।

मिनिस्ट्रियल स्टाफ में आते बाबूजी।
मिनिस्ट्रियल इंजार्च हैं होते बाबूजी।।

कानूनों के ज्ञाता होते है बाबूजी।
नियमों के इनसाइक्लोपीडिया बाबूजी।।

एल.डी.सी., यू.डी.सी., ओ.ए. बाबूजी।
ओ.एस., सेक्शन प्रभारी भी बाबूजी।।

कैशियर, इनवर्ड, आउटवर्ड बाबूजी।
स्टोर-कीपर, पी.ए. भी है बाबूजी।।

फाइल के पक्के मिस्त्री हैं बाबूजी।
पत्र के बाल की खाल निकाले बाबूजी।।

प्रोपर-चैनल अनिवार्य बता दें बाबूजी।
रूट की शॉर्ट-कट सुझा दें बाबूजी।।

फ़िटमेंट-एरियर दिला दे बाबूजी।
ऑब्जेक्शन टाइम बार बता दे बाबूजी।।

क्वालिटी कॉस्ट कंट्रोल करावें बाबूजी।
बैलेंस वॉच राइट-आफ करावे बाबूजी।।

चैक-रसीद कैश-बुक्स रखते बाबूजी।
एफबीसी वेतन पास कराते बाबूजी।।

बैंक ट्रेजरी ऑफिस फिरते बाबूजी।
सब की खुशी चाहते रहते बाबूजी।।

माहिर ऑफ़िस नोट पुट अप में बाबूजी।
ऑर्डर साइन, इश्यू कराते बाबूजी।।

ऑफ़िस स्कूल का धुरी हैं बाबूजी।
छुटिटयों में भी काम करे है बाबूजी।।

एक्सप्लेनेशन जाँच सीसीए बाबूजी।
चार्ज-शीट संस्पेंड करावे बाबूजी।।

आर.एस.आर., जी.एफ.आर. बातवें बाबूजी।
बीमा, ए.सी.आर. भरावें बाबूजी।।

ये स्नेह मिलन ऐतिहासिक बनेगा बाबूजी।
हार्दिक बधाई मेरी स्वीकारों बाबूजी।।

एकता-संगठन में बल हैं बाबूजी।
चाहे आसमान में छेद कर लो बाबूजी।।

मानव-सेवा ही है मेवा बाबूजी।
जीवन करो कृतार्थ शुभाशीष बाबूजी।।

गलती हो तो माफ करो सब बाबूजी।
सब दिन सब से स्नेह-मिलन हो बाबूजी।।

साब से एपॉइंटमेंट दिला दे बाबूजी।
साब को मीटिंग-टूर भेज दे बाबूजी।।

बुर्जुर्ग का सम्मान है करते बाबूजी।
पी एफ-पी एल पेमेंट दिलाते बाबूजी।।

पीपीओ पेंशन कम्प्यूटेशन बाबूजी।
टी.ए. मेडिकल पास कराते बाबूजी।।

डिमांड बजट मेंटेन करावें बाबूजी।
टेंडर परचेज एंट्री करावें बाबूजी।।

क्वालिटी कॉस्ट कंट्रोल करावें बाबूजी।
बैलेंस वॉच राइट-आफ करावे बाबूजी।।

चैक-रसीद कैश-बुक्स रखते बाबूजी।
एफबीसी वेतन पास कराते बाबूजी।।

बैंक ट्रेजरी ऑफिस फिरते बाबूजी।
सब की खुशी चाहते रहते बाबूजी।।

माहिर ऑफ़िस नोट पुट अप में बाबूजी।
ऑर्डर साइन, इश्यू कराते बाबूजी।।

ऑफ़िस स्कूल का धुरी हैं बाबूजी।
छुटिटयों में भी काम करे है बाबूजी।।

एक्सप्लेनेशन जाँच सीसीए बाबूजी।
चार्ज-शीट संस्पेंड करावे बाबूजी।।

आर.एस.आर., जी.एफ.आर. बातवें बाबूजी।
बीमा, ए.सी.आर. भरावें बाबूजी।।

ये स्नेह मिलन ऐतिहासिक बनेगा बाबूजी।
हार्दिक बधाई मेरी स्वीकारों बाबूजी।।

एकता-संगठन में बल हैं बाबूजी।
चाहे आसमान में छेद कर लो बाबूजी।।

मानव-सेवा ही है मेवा बाबूजी।
जीवन करो कृतार्थ शुभाशीष बाबूजी।।

गलती हो तो माफ करो सब बाबूजी।
सब दिन सब से स्नेह-मिलन हो बाबूजी।।

अमरदत्त जोशी
सेवानिवृत्त प्रधानाचार्य