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मधुमक्खी के डंक का उपचार (Bee Sting Treatment in Hindi)

मधुमक्खी के डंक का उपचार : मधुमक्खी के डंक का उपचार Honey Bee (मधुमक्खी) का Honey (शहद) जितना मीठा होता है। उतना ही उसका डंक अतिघातक होता है। मधुमक्खी यदि डंक मार देती

है तो डंक वाली जगह पर सूजन आ जाती है। उसके साथ ही बहुत तेज दर्द भी होने लगता है। कई अवस्था में डंक के दर्द और डंक के जहर के प्रभाव से बुखार भी
आ जाता है, किन्तु कोई मधुमक्खी या दूसरे कीट हमें नुकसान पहुँचाने के लिए नहीं बल्कि वे अपनी आत्मरक्षा के लिए डंक मारते हैं, या काटते हैं, मधुमक्खी के डंक में जहर होता है जिससे शरीर में संक्रमण हो सकता है।

मधुमक्खी के डंक का उपचार मधुमक्खी हमारी खाद्य श्रृंखला का एक आवश्यक अंग होती है। हमने अपने घर या आस-पास तथा बगीचे में मधुमक्खी के छत्ते आसानी से देख सकते हैं, हालाँकि इन

छत्तों से प्राप्त मधु/शहद बहुत लाभदायक और स्वादिष्ट होता है, किन्तु मधुमक्खी के डंक से तबियत खराब हो जाती है।
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आयुर्वेद के अनुसार मधुमक्खी के काटने पर (According to Ayurveda, Bee Bite in Hindi) :

मधुमक्खी के डंक का उपचार आयुर्वेद के अनुसार मधुमक्खी के काटने पर :

मधुमक्खी के काटने पर उसके डंक में जहर होने के प्रभाव से दर्द, घाव या बुखार हो जाता है। आयुर्वेद के अनुसार मधुमक्खी के काटने पर वात दोष दूषित हो जाता है। मधुमक्खी के काटने पर उसका डंक निकालने में सर्तकता रखनी चाहिए। डंक को निकलने में चिमटी या नूकीली चीजों का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए। एक कुंद वस्तु जैसे कि क्रेडिट कार्ड या मक्खन काटने का चाकू (जिसमें तेज धार न हो) को धीरे-धीरे डंक वाली जगह पर खुरच-खुरच कर डंक को निकालना चाहिए, क्योंकि चिमटी या नूकीली चीजों का उपयोग करने से जहर फैल सकता है।

मधुमक्खी के काटने के लक्षण (Bee Bite Symptoms in Hindi) :

मधुमक्खी के डंक का उपचार मधुमक्खी के काटने के लक्षण :

  • जलन होना।
  • दर्द होना।
  • सूजन आना।
  • लालिमा/लाली छा जाना।
  • उल्टी होना।
  • मतली आना।
  • शरीर तापमान बढ़ना।
  • चक्कर आना।
  • डंक वाली जगह पर तापमान अधिक होना।
  • खुजली होना।
  • सरदर्द होना।
  • दस्त होना।
  • आक्षेप होना।
  • कमजोरी आना।
  • रक्तचाप का घटना।
  • साँस लेने में परेशानी होना।
  • मलिनता आना।
  • पेट दर्द होना।
  • एलर्जी होना।
  • बेहोशी आना।
  • ऐंठन आना।
  • बुखार आना।
  • गले या जीभ में सूजन आना।
  • डंक वाली सतह लाल हो जाना।

मधुमक्खी के काटने से बचने के उपाय (Ways to Avoid Bee Bites in Hindi) :

मधुमक्खी के डंक का उपचार :

  1. हल्के रंग के कपड़े पहनना।
  2. नायलॉन/चिकने कपड़े पहनना।
  3. ज्यादा ढीले कपड़े ना पहनना।
  4. कपड़ों को साफ रखना चाहिए।
  5. जूते पहनने चाहिए।
  6. घर या अपने आस-पास के सामान्य दुरी पर मधुमक्खी के छत्तों को हटा दें।
  7. अपने आस -पास के क्षेत्रों को साफ रखें।
  8. भोजन तथा खाने-पीने की वस्तुओं को ढक कर रखें।
  9. मीठे पदार्थ खाते या पीते समय व्यापक रूप से ब्रिमयुक्त कप का उपयोग करें, यह कीड़ों को देखने में आसान बनाता है।
  10. बगीचे की कटाई जैसी गतिविधियों के समय सावधानी रखें।

मधुमक्खी के डंक का उपचार (Bee Sting Treatment in Hindi) :

मधुमक्खी के डंक का उपचार :

  • मधु/शहद का प्रयोग करना : जहर को फैलने से रोकने के लिए शहद को डंक वाली जगह पर लगाया जाता है, क्योंकि इसका एंटी- बैक्टीरियल गुण संक्रमण को बढने नहीं देता है।
  • Baking soda (बेकिंग सोडा) का उपयोग करना : बेकिंग सोडा में alkaline (अल्कलाइन) पाया जाता है जो जहर के असर को कम करने में मदद करता है। इसे पानी में मिलाकर लगाने से दर्द, खुजली और सूजन से राहत मिलती है।
  • Apple vinegar (एप्पल विनेगर) का इस्तेमाल करना : सिरके के इस्तेमाल से दर्द, सूजन और खुजली में राहत मिलती है और जहर का असर भी कम हो जाता है।
  • Toothpaste (टूथपेस्ट) का उपयोग करना।
  • Meat tenderizer (मीट टेंडराइज़र) का उपयोग।
  • Aspirin tablet (एस्पिरिन टेबलेट) का प्रयोग।
  • कुछ विशेष जड़ी बूटी और तेल का इस्तेमाल करना।
  • एलो वेरा/ ग्वारपाठा का उपयोग करना : एलोवेरा में औषधीय गुण होते हैं, जो सूजन और दर्द को कम करते हैं। काटे हुए स्थान पर एलोवेरा लगाने से घाव नहीं बनता है, और दर्द खत्म हो जाता है।
  • Calendula Cream (कालेंड्यूला क्रीम) को उपयोग में लेना।
  • लैवेंडर का तेल लगाना।
  • बर्फ लगाना : डंक वाली जगह पर बर्फ लगाने से दर्द में राहत मिलती है बर्फ ठंडा होने की वजह से जहर ज्यादा फैलता नहीं है।
  • सेब का सिरका लगाना।
  • दही का लेप लगाना।
  • चूने का इस्तेमाल।
  • मधुमक्खी के डंक का उपचार गेंदा के फूल का उपयोग : गेंदे के फूल के रस में antifungal (एंटीफंगल) तत्व पाए जाते हैं। इसके फूल के रस को मधुमक्खी के डंक वाली जगह पर सीधा लगाने से जलन और सूजन में आराम मिलता है।
  • जितना जल्दी हो मक्खी का डंक निकाल दें, क्योंकि जितनी जल्दी डंक निकलेगा, जहर का असर उतना ही कम होता है।
  • डंक निकालने के बाद उस जगह को किसी antiseptic lotion (एंटीसेप्टिक लोशन) से साफ़ करें तथा उस पर Antiseptic Cream (एंटीसेप्टिक क्रीम) लगा लें।
  • जब डंक लग जाए तो तुरंत 2 से 3 गिलास पानी पिये जिससे दर्द में आराम मिलता है।

मधुमक्खी के डंक की सूजन को कैसे कम करें? (How to Reduce Bee Sting Swelling in Hindi) :

मधुमक्खी के काटने/डंक मारने से काटे हुए/डंक वाले स्थान पर सूजन होने लगती है। इस सूजन को कम किया जा सकता है मधुमक्खी डंक मारते/काटते ही सबसे पहले डंक वाले/काटे हुए स्थान पर बर्फ रगड़ना चाहिए बर्फ के रगड़ने से सूजन में कमी होती है, और जलन भी कम हो जाती है यदि काटे/डंक वाले स्थान पर किसी तरह के जेवर/आभूषण, गहने, अंगूठी, ब्रेस्लेट आदि पहना हों, तो उसे जल्द से उतार दें, क्योंकी सूजन आ जाने के बाद उन्हें उतारने में काफ़ी परेशानी हो सकती है।    

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मधुमक्खी के काटने पर डॉक्टर के पास कब जाएँ (When to See a Doctor For a Bee Bite in Hindi) :

मधुमक्खी के डंक का उपचार अधिकतर स्थिति में मधुमक्खी के डंक के उपचार के लिए डॉक्टर के पास नहीं जाना पड़ता, किन्तु यदि मधुमक्खी काट लेने के बाद एलर्जी आदि की समस्या होती है, तो डॉक्टर के पास जाना अनिवार्य होता है। यदि घरेलू उपचारों में से कोई भी उपचार कारगर नहीं होता और दर्द जलन आदि कम नहीं हो रही हों, तो डॉक्टर को दिखाना आवश्यक हो जाता है।