Categories: Health

सेब खाने के फायदे (Benefits of Apple in Hindi)

सेब खाने के फायदे (Benefits of Apple in Hindi) - काफी बार आपने सुना होगा की "रोज एक सेब खाओ और  डॉक्टर से दूर रहो" क्योंकि  सेब पाचन क्रिया का सुधार करने में सहायता करता है, पेट के विकारों, पित्त पथरी, कब्ज और यकृत विकारों को रोकता है। इसके अलावा, सेब गठिया, पेचिश, नेत्र विकार, विभिन्न प्रकार के कैंसर के इलाज में मदद करता है। यह पार्किंसंस और अल्जाइमर जैसी कुछ बिमारियों को भी रोकता है। सेब सबसे अधिक खाया जाने वाला फल है।

अपने बेहतरीन गुणों के कारण यह जादुई फल भी कहलाता है क्योंकि इसमें पर्याप्त मात्रा में एंटी ऑक्सीडेंट और बिमारियों से लड़ने वाले तत्व पाये जाते हैं। सेब एक मध्यम आकार का पोमेसियस फल है जो रोसैसी परिवार से संबंध रखता है। सेब का जन्म कजाकिस्तान के पहाड़ी क्षेत्रों में हुआ है। सेब को विभिन्न आकारों में पाए जाते हैं सेब प्राकृतिक रूप से लाल, बैंगनी.गुलाबी, पीले और हरे रंगों में होता हैं। सेब की त्वचा बाहर से सख्त और अंदर रसदार होती है। सेब का स्वाद मीठा और कुछ खट्टा सा होता है।

सेव से प्राप्त पोषण (Nutrition From Apples in Hindi) :

सेब का पोषण Vitamin (विटामिन) - जिनमें विटामिन (C), विटामिन (K) विटामिन (V)6 और Raybophlevin (राइबोफ्लेविन) Poteshiyam (पोटेशियम) Copar Megnis (कॉपर मैंगनीज) और Megnesiyam Carbonic (मैग्नीशियम कार्बनिक) यौगिकों से भरा होता है सेब Antioxidants (एंटीऑक्सिडेंट) का बड़ा स्रोत हैं। प्रतिदिन एक सेब खाने से दैनिक फाइबर की आवश्यकता का लगभग 12 % पूरा होता है।

सेव के उपयोग से लाभ (Benefits of Using Apples in Hindi) :

  • सेब मल त्याग में मदद करता है सेब में Pectin(पेक्टिन) नामक Fiber(फाइबर) की मात्रा अधिक होती है। यह सेब की कोशिका भित्ति के बीच पाया जा है। सेब में मौजूद Pectin Fibe (पेक्टिन फाइबर) मल त्याग को आसान बनाकर पाचन प्रक्रिया में मदद करता है। यह कब्ज और पेट के सभी प्रकार के रोगों को समाप्त करता है। सेब को अपने प्रतिदिन के आहार में शामिल करना चाहिए । सेब में मौजूद फाइबर मल को त्याग ने में मदद करता है सेब का सेवन Peristaltic (पेरिस्टाल्टिक) गति को उत्तेजित करने में मदद करता है
  • Cencer (कैंसर) को रोकने में मदद करता है Cencer (कैंसर) की रोकथाम के लिए सेब के लाभ चिकित्सा जगत में अध्ययन का विषय बन गए हैं। सेब स्तन और पेट के Cencer (कैंसर) व Cencer (कैंसर) के प्रकारों को सुधारने में मदद करता हैं । सेब स्वाभाविक रूप से स्वास्थ्य और पोषक गुणों से भरपूर होता हैं सेब Cencer (कैंसर) निवारक उपाय के रूप में Antioxidant (एंटीऑक्सिडेंट) होते हैं जो कोशिकाओं को नुकसान पहुंचाने वाले मुक्त कणों से लड़ने में मदद करते हैं।
  • पाचन क्रिया की समस्याओं के लिए सेब बड़ी आंत में रहने वाले Bacteria (बैक्टीरिया) की क्रियाओं को बेहतर ढंग से विकसित करने में मदद करता हैं। सेब पाचन तंत्र की चयापचय को बदल सकता है। जिससे आंत के स्वास्थ्य में सुधार होता है। शरीर में सुधार के रूप यह विषाक्त तत्वों और खराब Bacteria (बैक्टीरिया) को हटाने में सहायता करता है।
  • सेब आयरन का एक बड़ा स्रोत है और Anemia (एनीमिया) के इलाज में एक बेहतरीन घरेलू उपचार के रूप में कार्य करता है। Anemia (एनीमिया) के सामान्य लक्षणों जिनमें नींद की कमी, सिरदर्द, सांस की तकलीफ और थकान जैसे लक्षण शामिल हैं
  • सेब कमजोरी से लड़ने में मदद करता है सेब में एंटीऑक्सिडेंट भरपूर होते है। और शरीर को Detoxify विषहरण करने में मदद करता है। सेब वजन बढ़ाने में भी मदद करता है।। सेब ऊर्जा और जीवन शक्ति प्रदान करते हैं ।
  • सेब मधुमेह को नियंत्रित करने में मदद करता है मधुमेह से पीड़ित लोगों के लिए सेब में मौजूद पॉलीफेनोल पाचन तंत्र द्वारा कार्बोहाइड्रेट के अवशोषण को कम करने में मदद करता है। यह रक्त प्रवाह में रक्त शर्करा के स्तर को नियंत्रित करने में मदद करता है।
  • सेब त्वचा को गोरा करने के लिए अच्छा है सेब खाने या इसे शहद और दूध के साथ लगाने से त्वचा में चमक लाने में मदद मिलती है। सेब में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट क्षतिग्रस्त त्वचा जैसे झुर्रियों दाग, धब्बों आदि से लड़ने में मदद करते हैं । यह रक्त परिसंचरण में सुधार करने में मदद करता है। रक्त परिसंचरण पुरानी कोशिकाओं को नई कोशिकाओं से बदल देता है यह युवा और चमकदार दिखने में मदद करता है।
  • सेब गठिया
    से लड़ने में मदद करता है गठिया शरीर के जोड़ों और मांसपेशियों को प्रभावित करता है। पुराने गठिया से पीड़ित लोगों को रोजाना एक सेब का सेवन करने से राहत मिल सकती है। सेब में एक टन फ्लेवोनोइड्स होता है जो गठिया की उपचार प्रक्रिया में मदद करता है
  • सेब अल्जाइमर रोग का खतरा कम करता है सेब में एंटीऑक्सिडेंट होता है जिन्हें ऑक्सीडेटिव तनाव प्रक्रिया के खिलाफ मस्तिष्क कोशिकाओं में सुरक्षा प्रदान करने की क्रिया को पूर्ण करता है । शरीर के हानिकारक प्रभावों को सक्षम न होने की क्षमता के बीच असंतुलन का कारण बनाता है।सेब में ऊतक क्षति होती है और अल्जाइमर होता है। अल्जाइमर के अलावा यह ऊतक क्षति प्रक्रिया भी कुछ न्यूरोडीजेनेरेटिव विकारों का कारण बनती है। सेब में मौजूद फाइटोन्यूट्रिएंट्स अल्जाइमर रोग की संभावना को कम करने में काम करता है।
  • सेब सांस की समस्याओं को ठीक करने में मदद करता है सेब में एंटी इंफ्लेमेटरी गुण होते हैं जो श्वसन संबंधी समस्याओं का इलाज करने में मदद करते हैं। झिल्ली और कोशिकाओं की सूजन से श्वसन प्रणाली कमजोर हो जाती है जिससे श्वसन संबंधी समस्याएं शुरू हो जाती हैं। अस्थमा सबसे गंभीर श्वसन स्थितियों में से एक है जहां इससे पीड़ित लोगों की मृत्यु भी हो जाती है। सेब का नियमित रूप से सेवन करने से श्वसन संबंधी किसी भी तरह की बीमारी से निपटने में मदद मिलती है। जो लोग दमा की प्रवृत्ति से ग्रस्त होते हैं उन्हें हर दिन आहार में सेब को जरूर शामिल करना चाहिए।
  • सेब रक्त वाहिकाओं पर दबाव कम करता है सेब एंटीऑक्सिडेंट का एक बड़ा स्रोत हैं। ये गुण वसा के ऑक्सीकरण प्रभाव को कम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है इस प्रक्रिया में ट्राइग्लिसराइड्स और अन्य प्रकार के वसा का प्रतिकार करना शामिल है इससे रक्त वाहिकाओं की पर अधिक दबाव पड़ता है। प्रतिदिन एक सेब खाने से इस दबाव से बचा जा सकता है क्योंकि सेब में क्वेरसेटिन नामक एक शक्तिशाली फ्लेवोनोइड होता है । यह फ्लेवोनोइड हृदय की रक्त वाहिकाओं में सूजन को कम करता है।
  • सेब का उपयोग मधुमेह बालों के झड़ने या पुरुषों में दस्त फेफड़ों के कैंसर के लिए त्वचा की देखभाल आदि
    के लिए भी किया जाता है। सेब का उपयोग बुख़ार जैसी एलर्जी प्रतिक्रियाओं के इलाज के लिए किया जाता है । माइग्रेन के दर्द को ठीक करने में मदद करता हैं ।

सेब के नुकसान (Disadvantages of Apples in Hindi) :

  • सेब खाने के फायदे व घातक दुष्प्रभाव या अत्यधिक हानिकारक एलर्जी की कोई सुचना अभी तक नहीं मिली है
  • सेब रक्त में मधुमेह (Shugar) की मात्रा को बढ़ा देता है - हम सेब का यदि अधिक सेवन करते है तो शरीर में वसा की मात्रा बढ़ जाती है। खाली पेट सेब खाने से शुगर की मात्रा में वृद्धि होती है। सेब खाने का सही समय है खाने के बाद। ज्यादा सेब खाना भी सेहत के लिए हानिकारक हो सकता है इसलिए सेब का एक निश्चित मात्रा में ही सेवन किया जाना चहिये।
  • खाली पेट सेब खाने से हृदय सम्बंधित बिमारियों का खतरा बढ़ता है यह शरीर में जाकर एक सीरप बना लेता है। जो हृदय के लिए एक विषैला पदार्थ का रूप ले लेता है जिससे शरीर में हृदय से जुड़ी समस्याएँ मात्रा बढ़ जाती है
  • सेब खाना कुछ लोगो के लिए एलर्जी की समस्या भी पैदा कर देता है जिससे एलर्जी एक बड़ी समस्या बन सकती है अथवा जिन लोगो को सेब खाने से एलर्जी होने का खतरा रहता है वे एक बार चिकित्सक से परामर्श जरूर लें
  • काफी बार सेब के बीज से भी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है क्योंकि सेब तब तक ही फायदेमंद होता है जब तक उसके बीज का सेवन न किया जाये। वह इसलिए की सेब के बीज के अन्दर साइनाइड नामक पदार्थ होता है जो पाचन क्रिया के दौरान शरीर में जाता है। जो हमारे शरीर के लिए नुकसानदेह साबित हो सकते हैं काफी अधिक मात्रा में सेब के बीजों को खाने से मृत्यु भी हो सकती है।
  • सेब से वज़न बढ़ता है निःसंदेह सेब लाभदायक फल माना जाता है लेकिन इसमें कैलोरीज और शुगर की मात्रा अत्यधिक होती है जिसके कारण इंसान का वज़न काफी बढ़ सकता है। यदि कोई हर दिन 5 सेब या इससे ज्यादा का सेवन करता है तो शरीर में लगभग 3500 कैलोरीज बन जाती हैं । कोई
    व्यक्ति यदि एक वर्ष तक प्रतिदिन 5 सेब खाता है तो वर्षभर में उस व्यक्ति का वज़न 26 किलो तक बढ़ सकता है
  • सेब में भारी मात्रा सिरका पाया जाता है जो हमारे शरीर के लिए जरुरत से ज्यादा उपयोग लेने पर हानिकारक बन जाता है जिसमें हमारे दांतो को नुकसान पँहुचता है सिरका दांतो के ऊपर चढ़ी चमक की परत को ख़त्म कर देता है जिससे दांत कमज़ोर हो जाते हैं
  • सेब का अधिक मात्रा में उपयोग से हड्डियां भी कमज़ोर होती है जो हमें काफी परेशानी पंहुचाती है
  • सेब का सिरका एक ऐसा पदार्थ है जो हमरी त्वचा के लिए भी बड़ी समस्या बन सकता है यदि कोई सिरके का इस्तेमाल भी करता है तो उसे सिरके में पानी जरूर मिलाना चाहिए जिससे सिरका हमारे शरीर पर प्रभाव ना डाले

यह भी पढ़े :

सेब खाने के नुकसान से बचने के उपाय (Ways to Avoid the Harm of Eating Apples in Hindi) :

  • हर रोज सुबह या दोपहर में सेब खाएं।
  • सेब के जूस का सेवन कम करें।
  • सेब खाने के बाद दांत जरूर साफ़ करें।
  • सेब को रात में ना खाएं।
  • एक दिन में एक सेब से ज्यादा सेब ना खाएं।
  • सेब के बीज का सेवन ना करें।