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लौंग के फायदे (Benefits of Cloves in Hindi)

लौंग के फायदे - लौंग का लैटिन नाम पिपर भी होता है जो संस्कृत/मलयालम/तमिल भाषा की पिप्पलि से प्राप्त हुआ है। लौंग एक प्रकार का मसाला है। लौंग के मसाले का उपयोग भारतीय व्यंजनों और पकवानों में बहुतायत मात्रा में किया जाता है। लौंग का औषधि के रूप में भी प्रयोग किया जाता है।

लौंग क्या है? (What is Cloves in Hindi?) :

Clove (लौंग) यह एक सदाबाहर पेड़ होता है। लौंग के पेड़ के फूलों की सूखी कलियों का उपयोग प्राचीन काल से होता आ रहा है। भारत में लौंग का उपयोग मसाले के रूप में प्रचलित है। Clove लौंग का वैज्ञानिक नाम Syzygium Aromaticum (सीजिजियम अरोमैटिकम ) होता है। लौंग लगभग 9 साल बाद लौंग के एक वृक्ष में कली उगती है, जिसके सुखने पर वह लौंग बनता है। लौंग आकार में छोटे होते हैं लौंग के फायदे बहुत चमत्कारीहोते हैं।

सदियों से लौंग का उपयोग आयुर्वेदिक औषधियों में किया जाता रहा है। लौंग में कई ऐसे जरूरी औषधीय गुण होते हैं, जो शरीर से जुड़ी कई परेशानियों को कम करने में मदद करते हैं। आमतौर पर लौंग का इस्तेमाल सर्दी-खांसी से

बचने के लिए करते हैं, Clove लौंग को अंग्रेजी भाषा में क्लोव कहते हैं जो अंग्रेजी के Latin (लैटिन) शब्द से Clavus (क्लावुस) से लिया गया है। क्लोव शब्द से कील/ काँटे  का बोध होता है, जिससे लौंग की आकृति का सादृश्य होती है।

अनेक भाषाओं में लौंग के नाम (Name of Cloves in Different Languages in HIndi) :

लौंग का वनस्पतिक नाम Syzygium aromaticum  (Linn.) Merr & L. M. Perry (सिजीयम एरोमैटिकम) Syn-Eugenia caryophyllata Thunb Caryophyllus aromaticus Linn होता है जो Myrtaceae (मिर्टेसी) कुल की है। लौंग को देश-विदेश में अनेक नामों से जाना जाता है जो इस प्रकार हैंः -

  1. Hindi (हिंदी) = लोंग, लौंग, लवंग
  2. English (इंग्लिश)=  (क्लोवस Cloves), (जंजिबर रैड हेड Zanzibar red head), (क्लोव ट्री Clove tree), (Clove क्लोव)
  3. Sanskrit (संस्कृत)= लवङ्ग, देवकुसुम, श्रीप्रसून, श्रीसंज्ञ, श्रीप्रसूनक, वारिज
  4. Urdu (उर्दू )–=(लौंग Laung), (लवंग Lavang)
  5. Kannada(कनाडा) = (लवंग Lavanga), (रूंग Rung)
  6. Gujarati (गुजराती)= (लवींग Laving)
  7. Telugu (तेलुगु)= (करवप्पु Karvappu), (लवंगमु Lavangamu)
  8. Tamil (तमिल )= (किरांबु Kirambu), (किराम्पु Kirampu)
  9. Bengali(बंगाली ) = (लवंग Lavang)
  10. Nepali (नेपाली) =(लवांग Lwang)
  11. Marathi (मराठी)= (लवंग Lavang)
  12. Malayalam(मलयालम)= (लौंग Laung), (ग्रामपु Grampu), (करयाम्पु Karayampu)
  13. Arabic (अरेबिक)= (करनफल Qaranphal), (करनफूल Qaranphul)
  14. Persian (परसी)= (मेखत Mekhat), (मेखक Mekhak)

लौंग के फायदे और उपयोग (Cloves Benefits and Uses in Hindi) :

लौंग के फायदे :

  • Oral Health (मौखिक स्वास्थ्य)
  • सर्दी- खाँसी
  • Diabetes (मधुमेह)
  • सूजन सम्बन्धी समस्याओं की लिए
  • पाचन के लिए
  • वज़न कम करने के लिए
  • cencer (कैंसर) से लड़ने के लिए
  • Stress (तनाव) के लिए
  • सरदर्द
  • दाँतो की परेशानी
  • Lever (उत्तोलक) के लिए
  • Testosterone (शारीरिक गतिविधयों ) में
  • अस्थमा के लिए
  • हड्डियों की मजबूती के लिए
  • कान दर्द में राहत
  • कील- मुहाँसे कम करने के लिए

लौंग के उपयोग:

  • Flavering Agent (फ्लेवरिंग एजेंट) के रूप में लौंग का उपयोग भारतीय व्यंजनों, अचार और पकवानों में किया जाता है।
  • लौंग के गुण और खूशबू का प्रयोग (Aromatherapy एरोमाथेरेपी) के लिए भी इस्तेमाल कर सकते हैं।
  • लौंग को उबालकर इसके पानी को Mouth Wash (माउथ वॉश) की तरह उपयोग कर सकते हैं।
  • लौंग को भोजन में मसाले के रूप में उपयोग कर सकते हैं।
  • गर्म पानी में एक चम्मच लौंग का चूर्ण डालकर सुबह और रात को पी सकते हैं।
  • लौंग के तेल की बूंदों से सर की मालिश करके तनाव से राहत पा सकते हैं।
  • मसूड़े के दर्द और सूजन के लिए लौंग के तेल की बूंदों को संक्रमित जगह पर लगा सकते हैं।
  • गले के संक्रमण और सूजन को कम करने के लिए गर्म पानी में एक चम्मच लौंग के चूर्ण को मिलाकर गरारा कर सकते हैं।
  • Black Tea (ब्लैक-टी) में एक लौंग डालकर इसका प्रयोग कर सकते हैं।
  • लौंग को मुंह में डालकर चबा सकते हैं
  • 4 से 5 लौंग को पीसकर रूमाल में रखकर सूंघ सकते हैं।

लौंग के उपयोगी भाग (Beneficial Part of Cloves in Hindi) :

लौंग का उपयोगी भाग इसके फूल कालिका होता है

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लौंग के प्रयोग की मात्रा (How Much to Consume Cloves in Hindi?) :

Clove (लौंग) का नियमित रूप से एक या दो लौंग खाने के बहुत फायदे होते हैं, लेकिन Clove (लौंग) का अधिक सेवन करने से इसके नुकसान भी हो सकते हैं। इसलिए इन्हें प्रचुर मात्रा में ही उपयोग में लिया जाना चाहिए Clove (लौंग) के अधिक उपयोग से होने वाले कारण इस प्रकार हैं :

  • आंखों में जलन होती है
  • Blood (रक्त) ख़ून का पतलापन
  • Skin Allergy (स्किन एलर्जी)
  • Koma (कोमा) प्रगाढ़ बेहोशी
  • Lever Demage (लिवर डैमेज/उत्तोलक क्षति )
  • Clove (लौंग) का अधिक सेवन पुरुषों में Testosterone (टेस्टोस्टेरोन) नामक Harmon (हार्मोन) को कम कर सकता है।
  • महिलाओं को गर्भावस्था में इसका उपयोग नहीं करना चाहिए।
  • अधिक प्रयोग विषाक्तता का कारण बन सकता है।

लौंग कहां पाया या उगाया जाता है? (Where is Cloves Found or Grown in Hindi?):

Clove (लौंग) के पैदा होने का स्थान मलक्का द्वीप है, किन्तु यह भारत के दक्षिण में Kerala (केरल) और Tamil Nadu (तमिलनाडू) में भी इसकी खेती की जाती है। भारत में Clove (लौंग) का अधिकांश आयात Singapore (सिंगापुर) से होता है।