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तन और मन को स्वस्थ रखने के लिए करें प्राणायाम, जानें सही तरीका

Pranayama (प्राणायाम) - Pranayama (प्राणायाम) या जिसे हम Yoga (योग) भी कहते हैं। योग एक प्राचीन जीवन-पद्धति है। योग एक आध्यात्मिक प्रक्रिया होती है। जिसमें शरीर, मन और आत्मा को एक साथ लाने का कार्य होता है। योग के द्वारा हम शरीर, तन, मन और मस्तिष्क को पूर्ण रूप से स्वस्थ रख सकते हैं।

योग के द्वारा न केवल बीमारियों का निदान किया जा सकता है, बल्कि योग करने से कई शारीरिक और मानसिक तकलीफों को दूर किया जा सकता है। योग प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूत बनाता है। जीवन में नव-ऊर्जा का संचार करता है। योग शरीर को शक्तिशाली एवं लचीला बनाता है। इसके साथ ही योग तनाव को कम करता है। जो रोजमर्रा की दिनचर्या के लिए जरूरी है। योग आसन तन और मन दोनों को स्वस्थ बनाए रखते हैं।

योग हमारी संस्कृति की प्राचीनतम पहचान है। योगश्चित्तवृत्त निरोधःअर्थात् चित्त की वृत्तियों का निरोध ही योग है। योग धर्म, आस्था और अंधविश्वास से परे एक सीधा विज्ञान है योग एक जीवन जीने की एक कला है। योग शब्द के दो अर्थ होते हैं जोड़ और समाधि।

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योग क्या है what is yoga in hindi -

योग शब्द की उत्पत्ति संस्कृत शब्द ‘युज’ से हुई है, जिसका अर्थ है जुड़ना। योग के मूल रूप से दो अर्थ हैं जुड़ना और समाधि। जब तक हम स्वयं से नहीं जुड़ पाते, तब तक समाधि के स्तर को प्राप्त करना मुश्किल होता है। यह सिर्फ व्यायाम नहीं है, बल्कि विज्ञान पर आधारित एक शारीरिक क्रिया है। जिसमें मस्तिष्क, शरीर और आत्मा का मिलन होता है। इसके साथ ही मानव और प्रकृति के मध्य एक सामंजस्य बनता है। यह जीवन को सही तरीके से जीने का एक मार्ग है। गीता में श्रीकृष्ण ने कहा है कि योग: कर्मसु कौशलम यानी योग से कर्मों में कुशलता आती है।

योग से लाभ benefits of yoga in hindi -

योग तीन स्तर पर फायदा पहुंचा सकता है।-

  • प्रथम स्तर - यह मनुष्य को स्वास्थ्यवर्धक बनाता है, और ऊर्जा भरने का काम करता है।
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  • दूसरा स्तर - दूसरे स्तर में यह मस्तिष्क और विचारों पर प्रभाव डालता है। नकारात्मक विचार जो हमें तनाव, चिंता या मानसिक विकार में डालते हैं। योग इस चक्र से बाहर निकालने में मदद करता है।
  • तीसरा स्तर - योग का तीसरा और सबसे महत्वपूर्ण स्तर में पहुंचकर मनुष्य चिंताओं से मुक्त हो जाता है। योग के इस स्तर तक पहुंचने के लिए कठिन परिश्रम की आवश्यकता होती है।

योग के प्रकार types of yoga in hindi -

  • राज योग - योग की अंतिम अवस्था समाधि को राजयोग कहा जाता है। इस अवस्था को सभी योगों का राजा माना गया है, क्योंकि इस अवस्था में सभी प्रकार के योग की कोई-न-कोई खासियत जरूर होती है। जिसमें रोजमर्रा की जिंदगी से थोड़ा समय निकालकर आत्म-निरीक्षण किया जाता है। यह ऐसी साधना है जिसे कोई भी कर सकता है। इसके आठ प्रकार बताए हैं -
    • यम (शपथ लेना)।
    • नियम (आत्म अनुशासन)।
    • आसन (मुद्रा)।
    • प्राणायाम (श्वास नियंत्रण)।
    • प्रत्याहार (इंद्रियों का नियंत्रण)।
    • धारणा (एकाग्रता)।
    • ध्यान (मेडिटेशन)।
    • समाधि (बंधनों से मुक्ति या परमात्मा से मिलन)।
  • ज्ञान योग - ज्ञान योग को बुद्धि का मार्ग माना गया है। यह योग ज्ञान और स्वयं से परिचय करने का जरिया होता है। इस योग के जरिए मन के अंधकार (अज्ञान) को दूर किया जाता है। आत्मा की शुद्धि ज्ञान योग से होती है। चिंतन करते हुए शुद्ध स्वरूप को प्राप्त करना ही ज्ञान योग कहलाता है। योग के ग्रंथों का अध्ययन कर बुद्धि का विकास किया जाता है। ज्ञान योग को सबसे कठिन माना जाता है। स्वयं में लुप्त अपार संभावनाओं की खोज कर ब्रह्म में लीन हो जाना ही ज्ञान योग है।
  • कर्म योग - योग: कर्मसु कौशलम् यानी कुशलतापूर्वक काम करना ही योग है। कर्म योग का सिद्धांत है कि वर्तमान में हम जो कुछ भी अनुभव करते हैं, वह हमारे पूर्व कर्मों पर आधारित होते हैं। कर्म योग के द्वारा मनुष्य किसी मोह-माया में फंसे बिना सांसारिक कार्य करता जाता है और अंत में परमेश्वर में लीन हो जाता है। गृहस्थ लोगों के लिए यह योग सबसे उपयुक्त माना जाता है।
  • भक्ति योग - भक्ति का अर्थ दिव्य प्रेम तथा योग का अर्थ जुड़ना है। ईश्वर, सृष्टि, प्राणियों, पशु-पक्षियों आदि के प्रति प्रेम, समर्पण भाव और निष्ठा को ही भक्ति योग कहा जाता है। भक्ति योग किसी भी उम्र, धर्म, राष्ट्र, निर्धन व अमीर व्यक्ति भी कर सकते हैं। हर व्यक्ति किसी न किसी को ईश्वर मानकर उसकी पूजा करता है उसी पूजा को भक्ति योग कहा जाता है। यह भक्ति निःस्वार्थ भाव से की जाती है, जिससे हम अपने उद्देश्य को सुरक्षित हासिल कर सकें।
  • हठ योग - यह प्राचीन भारतीय साधना पद्धति है। हठ में ह का अर्थ हकार यानी दाई नासिका स्वर जिसे पिंगला नाड़ी कहते हैं तथा ठ का अर्थ है ठकार यानी बाई नासिका स्वर, जिसे इड़ा नाड़ी कहते हैं योग दोनों को जोड़ने का कार्य करता है। हठ योग के द्वारा इन दोनों नाड़ियों के बीच संतुलन बनाए रखने का प्रयास किया जाता है। प्राचीन काल में ऋषि-मुनि हठ योग करते थे। इससे मस्तिष्क को शांति मिलती है और स्वास्थ्य बेहतर होता है।
  • कुंडलिनी/लय योग - योग के अनुसार मानव शरीर में सात चक्र होते हैं। जब ध्यान के माध्यम से कुंडलिनी को जागृत किया जाता है तब शक्ति जागृत होकर मस्तिष्क की ओर जाती है। इसी दौरान वह सातों चक्रों को क्रियाशील करती है। उस प्रक्रिया को कुंडलिनी/लय योग कहा जाता है। जिसमें मनुष्य बाह्य बंधनों से मुक्त होकर भीतर पैदा होने वाले शब्दों को सुनने का प्रयास करता है, जिसे नाद कहा जाता है। इसके अभ्यास से मन की चंचलता खत्म होती है और एकाग्रता बढ़ती है।

योग के प्रमुख आसन main asanas of yoga in hindi -

  • स्वस्तिकासन - swastikasana
  • गोमुखासन -gomukhasana
  • गोरक्षासन -gorakhshasana
  • अर्द्धमत्स्येन्द्रासन -ardha matsyendrasana
  • योगमुद्रासन - yoga mudrasana
  • कागासन-kagasana
  • सर्वांगासन-sarvangasana
  • सूर्य नमस्कार-surya namaskar
  • शीर्षासन-sirsasana
  • हलासना-halasana
  • धनुरासन या चक्रासन -dhanurasana
  • स्ट्रेस और एंग्जाइटी में त्रिकोणासन- trikonasana ।
  • वृक्षासन - vrikshasana
  • ताड़ासन - tadasana
  • भुजंगासन - bhujangasana
  • बालासन - balasana
  • उष्ट्रासन - ustrasana
  • पश्चिमोत्तानासन - paschimottanasana
  • पद्मासन - padmasana
  • वज्रासन - vajrasana
  • प्राणायाम - Pranayam
    • अनुलोम-विलोम प्राणायाम -Anulom Vilom Pranayam
    • कपालभाति प्राणायाम - Kapalbhati Pranayam
    • भ्रामरी प्राणायाम - Bhramri Panayam

योग से आंतरिक लाभ internal benefits of yoga in hindi -

  1. रक्त प्रवाह को बेहतर बनाता है।
  2. रक्तचाप को संतुलित रखता है।
  3. श्वसन प्रणाली को बेहतर करता है।
  4. गैस्ट्रोइंटेस्टाइन में सुधार करता है।
  5. दर्द सहने की क्षमता को बढ़ाता है।
  6. प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाता है।
  7. नई ऊर्जा देता है।
  8. मेटाबॉलिज्म बेहतर बनाता है।
  9. अच्छी नींद आने में मदद करता है।
  10. कोलेस्ट्रॉल को संतुलित रखता है।
  11. सोडियम को नियंत्रित करता है।
  12. ट्राइग्लिसराइड्स में कमी लता है।
  13. लाल रक्त कोशिकाओं में वृद्धि करता है।
  14. हृदय रोग से बचाव करता है।
  15. अस्थमा से बचाव करता है।
  16. अर्थराइटिस से उबार पाने में मददगार होता है।
  17. कैंसर से बचाव करता है।
  18. माइग्रेन की परेशानियों से राहत दिलाता है।
  19. ब्रोंकाइटिस में मददगार होता है।
  20. कब्ज को दूर करने में सहायक होता है।
  21. बांझपन व रजोनिवृत्ति रोकने में लाभकारी होता है।
  22. साइनस व अन्य एलर्जी को रोकने में मददगार होता है।
  23. कमर दर्द को दूर करने में मदद करता है।

योग से बाहरी लाभ external benefits of yoga in hindi -

  • बढ़ती उम्र का असर कम दिखता है।
  • शारीरिक क्षमता को बढ़ाता है।
  • वजन संतुलित रहता है।
  • शरीर को सुडौल बनाता है।
  • कोर की क्षमता को बढ़ाता है।
  • मांसपेशियों में सुधार करता है।
  • सहनशीलता में वृद्धि करता है।

योग के भावनात्मक लाभ emotional benefits of yoga in hindi -

  1. मूड अच्छा करता है।
  2. तनाव कम करता है।
  3. चिंता से छुटकारा दिलाता है।
  4. अवसाद से राहत दिलाता है।
  5. निर्णय लेने की क्षमता को बढ़ाता है।
  6. एकाग्रता लाता है।
  7. याददाश्त को अच्छा करता है।
  8. बारीकियों पर नजर रखने की क्षमता को बढ़ाता है।
  9. सकारात्मक विचार लाता है।

योग के नियम rules of yoga in hindi -

  • योग को सूर्योदय से पहले और सूर्यास्त के बाद करना चाहिए।
  • सुबह जल्दी उठकर योग करना फायदेमंद होता है।
  • योग करने से पहले हल्का वॉर्मअप करें, ताकि शरीर खुल जाए।
  • योग की शुरुआत हमेशा ताड़ासन से करनी चाहिए।
  • सुबह का योग खाली पेट करना चाहिए।
  • पहली बार योग करने वालों को शुरुआत में हल्के योग के आसन करने चाहिए।
  • शाम को योग कर रहे हैं, तो भोजन करने के 03-04 घंटे बाद ही करें।
  • योग करने के तुरंत बाद नहीं नहाना चाहिए, कुछ देर इंतजार करना चाहिए।
  • आरामदायक कपड़े पहनकर योग करना चाहिए।
  • योग करने की जगह साफ और शांत होनी चाहिए।
  • योग करते समय नकारात्मक विचारों को मन से निकालने का प्रयास करें।
  • योग को धैर्य से करें और किसी भी आसन में अधिक जोर न लगाएं।
  • योगासन सांस लेने और छोड़ने पर निर्भर करते हैं, जिसका पूर्ण ज्ञान होना जरूरी है।
  • योगासन के अंत में शवासन जरूर करें। इससे तन, मन पूरी तरह शांत हो जाता है।
  • योग के दौरान ठंडा पानी न पिएं, इसलिए की योग करते समय शरीर गर्म होता है।
  • ठंडे पानी की जगह सामान्य या हल्का गुनगुना पानी पिएं।

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योग के लिए आवश्यक चीजें essentials for yoga in hindi -

  • साफ और आरामदायक योग मैट।
  • आरामदायक कपड़े।
  • एक तौलिया रख सकते हैं, ताकि पसीना पोंछ सकें।
  • पानी की बोतल।