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Casual Leave: The right way to write an application for a casual leave.

आकस्मिक अवकाश : आकस्मिक अवकाश हेतु प्रार्थना पत्र लिखने का सही तरीका।

प्रत्येक राजकीय व निजी क्षेत्र में कार्यरत कार्मिक को आकस्मिक कारणों के चलते ड्यूटी पर नही आ सकने के लिए आकस्मिक अवकाश स्वीकृत किया जाता है। आकस्मिक अवकाश भी कार्मिक का कोई अधिकार नही अपितु एक सुलभ सुविधा है जिसका युक्तियुक्त तरीके से उपभोग करना चाहिए।

आकस्मिक अवकाश के लिए भी सामान्य प्रक्रिया यह है कि कार्मिक को अपने नियंत्रण अधिकारी को अवकाश प्रस्तुत कर उसे स्वीकृत करवाकर "कर्मचारी उपस्थिति पंजिका" में रखना चाहिए। अगर अचानक से कोई आकस्मिक कारण उतपन्न हो जाये व कार्मिक कर्तव्य स्थल पर जाने की स्तिथि में नही हो तो उसे सर्वप्रथम अपने नियंत्रण अधिकारी को मौखिक रूप से ततपश्चात लिखित रूप से सूचित करना चाहिए।

आज के युग में

सूचना सम्प्रेषण के अनेक माध्यम है अतः एक कार्मिक का दायित्व है कि वह किसी भी माध्यम से कर्तव्य (ड्यूटी) पर नही पहुँच सके तो इसकी "सकारण" सूचना अवश्य देने का प्रयास करें। यह तथ्य हमेशा ध्यान में रखना चाहिए कि "बिना सूचना कर्तव्य से अनुपस्थित रहने" एक बड़ी गलती है जिसके कारण विभाग कार्मिक के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्यवाही करते हुए नियमानुसार दण्डित कर सकता है।

अवकाश के संदर्भ में कार्यालय स्तर पर "कर्मचारी उपस्थिति पंजिका" में प्रत्येक माह कार्मिक को उपलब्ध कुल आकस्मिक अवकाश, उपभोग अवकाश व शेष अवकाश का ब्यौरा अंकित करना होता है एवम अवकाश प्रार्थना पत्र को फाइल में सुरक्षित रखना पड़ता है। आकस्मिक अवकाश व क्षतिपूर्ति अवकाश के इतर अन्य प्रकार के अवकाशों की प्रविष्टि कार्मिक के सेवा अभिलेख में करते हुए आवेदन पत्र की प्रति "निजी पंजिका" में ऱखने की व्यवस्था हैं।

आकस्मिक अवकाश लिखतें समय ध्यान देने योग्य बिंदु-

1. सम्बोधन नियन्त्रण अधिकारी को करना होता है। विशेष ड्यूटी में लगे होने पर कार्मिक को जिस अधिकारी के अधीनस्थ कार्य करना है उसको सम्बोधित करते हुए अपने नियंत्रण अधिकारी के9 सूचित करना होता है। अगर किसी विशेष कारण यथा -चुनाव, महामारी, प्राकतिक आपदा इत्यादि के कारण जिला

छोड़ने पर अथवा अवकाश पर रोक सम्बन्धित आदेश जारी हो चुके हो तो ऐसे रोक सम्बन्धित आदेश में दी गई व्यवस्था के अनुसार ही अवकाश हेतु आवेदन किया जाता हैं।
2. आकस्मिक अवकाश में यथासम्भव "अवकाश लेने का कारण" अवश्य लिखा जाना चाहिए ।
3. आवेदन पत्र में अवकाश के दिनों एवम दिनांक (कब से कब तक) का उल्लेख अवश्य करना चाहिए। उल्लेखित अवधि के समाप्त होने पर आवश्यक रूप से कर्तव्य सम्पादन हेतु कर्तव्य स्थल पर उपस्थित होना चाहिए। यदि किसी कारण स्वीकृत अवकाश से अधिक अवधि हेतु अवकाश की आवश्यकता हो तो इसकी लिखित/मौखिक सूचना देकर स्वीकृति प्राप्त कर लेनी चाहिए।
4. आकस्मिक अवकाश को सुसंयत भाषा मे लिखना चाहिए यथा - " मैं ड्यूटी पर नहीं आऊंगा " जैसे निर्णयात्मक शब्द चयन के स्थान पर " मैं ड्यूटी पर आने में असमर्थ हूँ" वाक्य प्रयोग किया जाना उचित हैं।
5. अगर आकस्मिक कारणों की वजह से कार्मिक को मुख्यालय क्षेत्र से बाहर जाना हो तो मुख्यालय छोड़ने की अनुमति भी आवश्यक रूप से प्राप्त करनी चाहिए एवं मुख्यालय त्याग के अवधि में कार्मिक को "सम्पर्क हेतु एड्रेस व कॉन्टेक्ट नम्बर" भी लिखना चाहिए।

आकस्मिक अवकाश का एक प्रारूप :

सेवा में,
श्रीमान प्रधानाध्यापक/प्रधानाचार्य,
राउमावि/मावि/उप्रावि/प्रावि
…………,
जिला-…………..

विषय- आकस्मिक अवकाश उपभोग व मुख्यालय त्याग हेतु अनुमति के क्रम में।

महोदयजी,
उपरोक्त विषयान्तर्गत सादर निवेदन है कि मुझे आवश्यक निजी कार्यवश/धार्मिक यात्रा हेतु/ अपने निवास जिले में जाने हेतु/ चिकित्सा कार्य हेतु/ सामाजिक कार्य हेतु दिनांक से……..दिनांक तक ………….(स्थान)…………जिला…….. जाना है।
आपसे निवेदन है कि मुझे दिनांक ……से दिनांक……..तक मुख्यावास त्यागने की अनुमति प्रदान कराए।
मुख्यावास त्याग के दौरान मेरा पता/मोबाइल नम्बर निम्नानुसार है-
………………………..,
……………………….,
……….
मोबाइल नम्बर-……………..
Email ID…………………..

आवेदित अंतिम दिनांक के अगले दिवस को मैं मुख्यावास/कार्यस्थल पर कार्यग्रहण हेतु उपस्थित हो जाऊंगा/जाऊँगी।
सादर,

भवदीय,
हस्ताक्षर,
(नाम)
पद व कार्यस्थल का नाम।

(आवेदक यदि स्वयं कार्यालयाध्यक्ष /संस्थाप्रधान है तो उसे आवेदन पत्र की प्रति अन्य उच्चाधिकारियों को मय कार्यालय का पत्र जावक क्रमांक अवश्य लिखे।)