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Child Care Leave: All orders and rules related to child care leave.

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चाइल्ड केयर लीव: चाइल्ड केयर लीव से सम्बंधित समस्त आदेश, नियम व व्यवस्था।

राजस्थान में राज्य सरकार कर्मियों व अधिकारियों की करीब साढ़े आठ लाख की संख्या में बहुत बड़ी संख्या महिला कर्मियों व अधिकारियों की है। राजस्थान राज्य में भी महिला कर्मियों हेतु अनेक सुविधाओं उपलब्ध है।महिला कर्मियों को पुरुषों की तुलना में अधिक जिम्मेदारियों के कारण राज्य सरकार ने उन्हें विशेष सुविधाओं से नवाजा है। राजस्थान राज्य में महिला कर्मियों की सुविधार्थ उन्हें चाइल्ड केयर लीव का लाभ दिया गया है। भावी पीढ़ी की देखभाल हेतु यह लाभ मातृत्व अवकाश से पूर्णतया अलग हैचाइल्ड केयर लीव को लेकर अनेक बार विभिन्न प्रकार के प्रश्न खड़े हो जाते है । हमारी टीम ने इस संदर्भ में इस वेबसाइट पर कुछ आलेख पूर्व में प्रकाशित किये है एवम आपके द्वारा पूछे जा रहे प्रश्नों के प्रमाणिक प्रत्युत्तर भी दिए गए है। इस आलेख में आपकी सुविधा हेतु चाइल्ड केयर लीव गत 2 वर्षों में प्रकाशित समस्त नियम, आदेश व सर्कुलर इस एकल आलेख में प्रकाशित किये जा रहे है ताकि आप उनके प्रकाश में योग्य व समुचित निर्णय ले सके।इस आलेख में प्रयास किया गया है कि सभी आवश्यक आदेशो को सम्मिलित किया जा सके इसके उपरांत भी यह प्रयास रहेगा कि अन्य शेष आलेख व उदाहरण भी निरन्तर रूप से शामिल किए जाते रहे। आप किसी भी जानकारी हवतु कमेंट बॉक्स में प्रश्न कर सकते है। आपके प्रश्नों के प्रमाणिक व नियमानुसार उत्तर हेतु हमारे प्रयास जारी रहेंगे।इस संदर्भ में आप एक बात आवश्यक रूप से जान ले कि हम सभी राज्य सरकार के कार्मिक के रूप में राष्ट्र व राज्य के विकास हेतु मन, वचन व कर्म से प्रतिबद्ध है तथा राज्य सरकार ने हमे चाइल्ड केयर लीव एक सुविधा के रूप में प्रदान की है ना की एक अधिकार के स्वरूप में।हम इस प्रकार की सुविधा को इस प्रकार उपभोग करे कि हमारी व्यक्तिगत व अत्यावश्यक आवश्यकता की भी पूर्ति हो एवम हमारे कर्तव्य भी समुचित रूप से पूर्ण हो।
सादर।

नवीनतम अपडेट दिनाँक 07 सितम्बर 2020

*चाइल्ड केअर लीव*

1. राजस्थान सेवा नियम 1951 में नया नियम 103 C चाइल्ड केअर लीव जोड़ा गया।
2. महिला राज्य कर्मिकों को पूरे सेवाकाल में कुल अवधि 730 दिन अर्थात 2 वर्ष के लिए देय होगा।
3. चाइल्ड का तात्पर्य उसकी आयु 18 वर्ष से कम हो। 40% या उससे अधिक विकलांगता की स्थिति में 22 वर्ष तक चाइल्ड माना जायेगा।
4. यह सवैतनिक अवकाश होगा। अवकाश से पूर्व जो वेतन है मिलता रहेगा।
5. अन्य किसी भी अवकाश के साथ लिया/ जोड़ा जा सकता है।
6. इस अवकाश के लिए राज्य सरकार द्वारा जारी अनुमोदित प्रारूप में आवेदन करना होगा।
7. चाइल्ड केअर लीव अधिकार नही है। बिना पूर्व स्वीकृति के नहीं लिया जा सकेगा।
8. अनाधिकृत रूप से अनुपस्थित रहने वाले कर्मिकों को यह अवकाश देय नही होगा।
9. विशेष परिस्थिति में अन्य अवकाश उपलब्धता की स्थिति ,में उन अवकाशों को चाइल्ड केअर लीव में परिवर्तित किया जा सकेगा।
10. इस अवकाश को अन्य अवकाश लेखो में से नहीं घटाया जा सकेगा। राज्य सरकार द्वारा निर्धारित फॉर्म में इन अवकाशों को संधारित किया जाएगा। तथा ये फॉर्म सेवा पुस्तिका में रखा जाएगा।
11. राज्य सरकार/ विभाग के कार्य प्रभावित न हो ऐसी स्थिति में ये अवकाश स्वीकृत किया जा सकेगा।
12. एक कलेंडर वर्ष में अधिकतम तीन बार ये अवकाश लिया जा सकेगा। किन्तु अवकाश के दौरान दो कलेंडर वर्ष मिलने पर इसे नही लिया जा सकेगा। यदि ऐसी स्थिति बनती है तो जिस कलेंडर वर्ष में अवकाश शुरू हुआ है। उसमें इसे गिना जाएगा।
13. प्रोबेशनर्स को यह अवकाश देय नही होगा। फिर भी कोई लेता है तो उसका प्रोबेशन अवकाश अवधि के बराबर आगे बढ़ाया जाएगा।
14. यह अवकाश उपार्जित अवकाश की भांति ही निस्तारण होगा एवम उसी प्रकार स्वीकृत किया जा सकेगा।
15. इस अवकाश के क्रम में रविवार, सर्वनानिक अवकाश आने पर वो गिने जाएंगे।
16. दिव्यांग बच्चें के लिए ये अवकाश लेने पर सक्षम अधिकारी द्वारा जारी प्रमाण पत्र प्रस्तुत करने पर ही स्वीकृत किया जा सकेगा।
17. बच्चें के बीमार होने पर व बाहर रहने की स्थिति में डॉक्टर के प्रमाण के आधार पर ये अवकाश लिया जा सकेगा।
18. बच्चें की परीक्षा होने पर लिया जा सकेगा। यदि चाइल्ड होस्टल में रहता है तो महिला कार्मिक को यह तथ्य प्रस्तुत करना होगा कि होस्टल में आपकी केअर की जरूरत कैसे है। इसका प्रमाण प्रस्तुत करने पर ही हॉस्टलर्स चाइल्ड के लिए ये अवकाश स्वीकृत किया जा सकेगा।

विशेष-

कार्मिका की सेवा पुस्तिका में निर्धारित प्रपत्र चस्पा कर CHILD CARE LEAVE का इन्द्राज होगा एवम सेवा पुस्तिका में भी CHILD CARE IEAVE अवधि का अंकन सुनिश्चित होगा।

नवीनतम अपडेट

दिनाँक 31 जुलाई 2020

*Child Care Leave के नियमों में परिवर्तन:**1. एकल पुरुष कर्मचारियों को भी देय होगा।**2. दिव्यांग बच्चे की उम्र की 22 वर्ष की शर्त हटाई।**3. प्रथम एक वर्ष में 100% व द्वितीय वर्ष में 80% वेतन मिलेगा।*

The state government employees and officers in Rajasthan are about eight and a half lakh including large number of female employees and officers. The state of Rajasthan provides many facilities for women workers.The state government has conferred special facilities to women employees due to their greater responsibilities than men. They has been given the benefit of child care leave for the convenience of women workers in the state of Rajasthan. This benefit is completely different from maternity leave for the care of future generations.Many types of questions arise many times regarding child care leave. Our team has published some articles in this context on this website in the past and authentic answers have also been given to the queries you are asking. In this article, for your convenience, all the rules, orders and circulars published in the last 2 years related to child care leave are being published in this single article so that you can take right decisions in light of them.It has been tried in this article that all the necessary orders must be included, but after this, it will be an attempt that other remaining articles and examples are also included continuously. You can ask questions in the comment box for any information. Our efforts will be continued to answer your questions authentically and as per rules.In this context, you must know one thing that all the state government personnel are committed to the development of the nation and the state with mind, word and deed . The state government has not given us child care leave as a right .We should consume such facilities in such a way that our personal and urgent needs are also fulfilled and our duties are also fulfilled properly.

B

est regards
सरोगेसी से प्राप्त बच्चे हेतु चाइल्ड केयर लीव सम्बंधित प्रावधान

चाइल्ड केयर लीव से सम्बंधित प्रश्नोत्तर

प्रश्न सँख्या 1

प्रश्न-कोई महिला कार्मिक Child Care Leave अवकाश स्वीकृत करवाकर अवकाश का उपभोग करती है तो क्या उसकी मासिक तनख्वाह निरंतर बनाई जाए या फिर कार्यग्रहण के बाद बनाई जाए?कोई स्पष्ट निर्देश हो तो मार्गदर्शन करावें।

उत्तर-वित्त विभाग (नियम अनुभाग) राजस्थान सरकार द्वारा राजस्थान सेवा (चतुर्थ संशोधन) नियम-2018, नियम-103 ग (Child Care Leave) के सम्बन्ध में अधिसूचना क्रमांक: No.F.1(6)FD/Rules/2011 Jaipur, dated : 31.O7- 2020 के नवीनतम आदेश के अनुसार Child Care Leave पर जाने वाले महिला कार्मिक या एकल पुरूष कार्मिक को सम्पूर्ण सेवा काल में 18 वर्ष तक के प्रथम 2 बच्चों (न्यूनतम 40 प्रतिशत निःशक्तता के Case में 22 वर्ष तक के बच्चों) की देखभाल (परीक्षा, अस्वस्थता या पालन पोषण) करने के लिए अधिकतम 2 वर्ष तक अर्थात 730 दिन की Child Care Leave सक्षम अधिकारी द्वारा देय है परन्तु अवकाश के दौरान कार्मिक का वेतन DDO द्वारा किसी भी हालत में रोका (Defer) नहीं जाएगा अर्थात वेतन निरंतर बनता रहेगा। परन्तु उपरोक्त नियम के उपनियम-2(a)(i) के अनुसार प्रथम 365 दिन(Child Care Leave) तक तो पूरा वेतन (अवकाश पर जाने से पूर्व के वेतन के बराबर) मिलेगा एवं अगले 365 दिनों के लिए 80% (अवकाश पर जाने से पूर्व के वेतन का 80 %) वेतन ही मिलेगा।*

*Note-आहरण एवं वितरण अधिकारी चाहे तो अधिसूचना के बिंदु संख्या 2(iv) व 2(viii) एवं इसी आदेश के बिंदु संख्या 04 के अनुसार राजकीय/प्रशासनिक कारणों या छात्रहित में CCL अवकाश को अस्वीकृत भी कर सकता है क्योंकि CCL अवकाश कार्मिक का अधिकार नही है बल्कि केवल एक सुविधा है जो स्वीकृतकर्ता प्राधिकारी की अनुमति से ही ली जा सकती है।