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चाइल्ड केयर लीव: राजस्थान, शिविरा लेख, राजकीय आदेश, समाचारपत्र कटिंग्स, राजकीय आदेश, चाइल्ड केयर लीव स्वीकृति व अस्वीकृति कारण, आवेदन प्रारूप, चाइल्ड केयर लीव सम्बन्धित अभिलेख।

चाइल्ड केयर लीव की आवश्यकता

कामकाजी महिलाओं के लिए बच्चों की परवरिश बहुत मुश्किल भरा काम होता है। राजस्थान राज्य के करीबन 8 लाख कार्मिको में से महिला कार्मिको हेतु "मेटरनिटी लीव" अर्थात "प्रसूति अवकाश" की सुविधा है, लेकिन यह अवकाश प्रसूति के समय ही मिलता है।

एक बच्चे के 18 साल तक के होने तक माता-पिता को उनकी विशेष देखभाल करनी पड़ती है एवम बच्चे में कोई शारीरिक अथवा मानसिक असक्षमता होने पर यह जिम्मेदारी बहुत अधिक हो जाती है।

राजस्थान राज्य में इस बजट में महिलाओं हेतु की गई विभिन्न घोषणाओं में सबसे महत्वपूर्ण घोषणा महिला राज्य कर्मियों हेतु "चाइल्ड केयर लीव" है। आइये, इस सम्बन्ध में पूर्ण जानकारी प्राप्त करते है।

श्री महेंद्र पांडे, नियम विशेषज्ञ का मत-

मित्रों चाइल्ड केयर लीव के आवेदन आने लगे हैं। ये अवकाश किसे मिलेगा, एकबार में कितने दिनों का मिलेगा, स्वीकृत कौन करेगा, अध्यापिका के अवकाश पर जाने के बाद स्कूल में कौन पढ़ाया।
वित्त विभाग की वैबसाइट पर लोड नोटिफिकेशन में सभी प्रावधान स्पष्ट हैं। अवकाश स्वीकृत कौन करेगा यह स्पष्टीकरण आवश्यक है। वित्त विभाग के नोटिफिकेशन F1 (6)FD/Rules/2011 Jaipur Dated 22 MAY 2018 के बिन्दू (2) (xi) The leave is to be treated as like the privilage leave and sanctioned as such. लिखा है।
किसी कार्मिक ( शिक्षक ) को 120 PL स्वीकृत करने का अधिकार कार्यालय अध्यक्ष ( प्रिन्सिपल /एच.एम ) को है। वहीं 120 दिन से अधिक PL.स्वीकृत करने का अधिकार विभागाध्यक्ष/राज्य सरकार ( निदेशक / शिक्षा विभाग ) को है। ये ही प्रावधान चाइल्ड केयर लीव स्वीकृति के लिए रहेगा।
भीलवाड़ा जिले के एक प्रधानाचार्य ने 114 दिन की चाइल्ड केयर लीव स्वंय ने स्वीकृत की है। राजसमंद के जिला शिक्षा अधिकारी माध्यमिक द्वारा 222 दिन का अवकाश प्रकरण निदेशालय भेजा गया। एक अध्यापिका को 222 दिन की चाइल्ड केयर लीव निदेशक माध्यमिक शिक्षा राजस्थान बीकानेर ( विभागाध्यक्ष ) द्वारा स्वीकृत की गई है।
नियमानुसार चाइल्ड केयर लीव स्वीकृत करवाने की पहल करें। ताकि ट्रेजरी में वेतन बिल पारित होने में बाधा खड़ी नहीं हो। संगठन स्तर से चाइल्ड केयर लीव के लिए वित्तीय सलाहकार माध्यमिक शिक्षा राजस्थान बीकानेर से मार्गदर्शन जारी करवाने का आग्रह किया गया है।

राजस्थान सरकार में कार्यरत एक लाख से ज्यादा महिला कर्मचारियों को अब चाइल्ड केयर लीव का फायदा मिलेगा। महिला कर्मचारी अपने पूरे सेवा काल में दो बच्चों की देखभाल के लिए कुल 730 दिन की चाइल्ड केयर लीव ले सकेंगी। इसमें एक बार में न्यूनतम 15 दिन व अधिकतम 180 दिन का अवकाश लिया जा सकेगा।

यह अवकाश उपार्जित अवकाश की भांति गिना जाएगा व उसी प्रकार स्वीकृत किया जाएगा। इस अवकाश के बीच में सार्वजनिक अवकाश, रविवार या शनिवार आने पर अवकाश के दिनों में गिने जाएंगे। लेकिन अन्य अवकाशों में इसका समायोजन नहीं किया जाएगा। चाइल्ड केयर लीव का ब्योरा सर्विस बुक में भी दिया जाएगा।

छुट्टी लेने के लिए, बच्चे को 18 वर्ष की आयु से कम होना चाहिए । विकलांगता वाले बच्चों के मामले में, बच्चे को 22 (40 प्रतिशत की न्यूनतम विकलांगता के मामले में) तक का लाभ उठाया जा सकता है । छुट्टी मिलने से पहले कर्मचारी को विकलांग बच्चे की निर्भरता का प्रमाण पत्र और अन्य संबंधित दस्तावेज प्रस्तुत करने की जरूरत है ।

महिला कर्मचारी को अवकाश लेने गत माह के वेतन के बराबर वेतन का हकदार होता है । CCL को अन्य अवकाश के साथ भी संयोजित किया जा सकता है लेकिन यह अधिकार के रूप में नही है। CCL उन महिला कर्मचारियों को नहीं दी जाएगी जो ड्यूटी से अनधिकृत अनुपस्थिति पर रहते हैं।

CCL एक साल में तीन से अधिक बार के लिए नहीं दी जा सकती है और परिवीक्षाधीन कर्मिकबको नहीं दी जा सकती। यदि कोई महिला कर्मचारी विदेश में रहने वाली एक नाबालिग बच्ची की परीक्षा व बीमारी के लिए अवकाश की मांग करती है तो उसे शिक्षण संस्थान द्वारा जारी प्रमाण पत्र मिलने के बाद उसे मंजूर किया जाएगा । इसके अलावा, कर्मचारी को स्पष्ट करना होगा कि कैसे एक नाबालिग बच्चे की जरूरतों के बाद उसके द्वारा देखा जाएगा ।

राजकीय आदेश का हिंदी अनुवाद

1

. राजस्थान सेवा नियम 1951 में नया नियम 103 C चाइल्ड केअर लीव जोड़ा गया।
2. महिला राज्य कर्मिकों को पूरे सेवाकाल में कुल अवधि 730 दिन अर्थात 2 वर्ष के लिए देय होगा।
3. चाइल्ड का तात्पर्य उसकी आयु 18 वर्ष से कम हो। 40% या उससे अधिक विकलांगता की स्थिति में 22 वर्ष तक चाइल्ड माना जायेगा।
4. यह सवैतनिक अवकाश होगा। अवकाश से पूर्व जो वेतन है मिलता रहेगा।
5. अन्य किसी भी अवकाश के साथ लिया/ जोड़ा जा सकता है।
6. इस अवकाश के लिए राज्य सरकार द्वारा जारी अनुमोदित प्रारूप में आवेदन करना होगा।
7. चाइल्ड केअर लीव अधिकार नही है। बिना पूर्व स्वीकृति के नहीं लिया जा सकेगा।
8. अनाधिकृत रूप से अनुपस्थित रहने वाले कर्मिकों को यह अवकाश देय नही होगा।
9. विशेष परिस्थिति में अन्य अवकाश उपलब्धता की स्थिति ,में उन अवकाशों को चाइल्ड केअर लीव में परिवर्तित किया जा सकेगा।
10. इस अवकाश को अन्य अवकाश लेखो में से नहीं घटाया जा सकेगा। राज्य सरकार द्वारा निर्धारित फॉर्म में इन अवकाशों को संधारित किया जाएगा। तथा ये फॉर्म सेवा पुस्तिका में रखा जाएगा।
11. राज्य सरकार/ विभाग के कार्य प्रभावित न हो ऐसी स्थिति में ये अवकाश स्वीकृत किया जा सकेगा।
12. एक कलेंडर वर्ष में अधिकतम तीन बार ये अवकाश लिया जा सकेगा। किन्तु अवकाश के दौरान दो कलेंडर वर्ष मिलने पर इसे नही लिया जा सकेगा। यदि ऐसी स्थिति बनती है तो जिस कलेंडर वर्ष में अवकाश शुरू हुआ है। उसमें इसे गिना जाएगा।
13. प्रोबेशनर्स को यह अवकाश देय नही होगा। फिर भी कोई लेता है तो उसका प्रोबेशन अवकाश अवधि के बराबर आगे बढ़ाया जाएगा।
14. यह अवकाश उपार्जित अवकाश की भांति ही निस्तारण होगा एवम उसी प्रकार स्वीकृत किया जा सकेगा।
15. इस अवकाश के क्रम में रविवार, सर्वनानिक अवकाश आने पर वो गिने जाएंगे।
16. दिव्यांग बच्चें के लिए ये अवकाश लेने पर सक्षम अधिकारी द्वारा जारी प्रमाण पत्र प्रस्तुत करने पर ही स्वीकृत किया जा सकेगा।
17. बच्चें के बीमार होने पर व बाहर रहने की स्थिति में डॉक्टर के प्रमाण के आधार पर ये अवकाश लिया जा सकेगा।
18. बच्चें की परीक्षा होने पर लिया जा सकेगा। यदि चाइल्ड होस्टल में रहता है तो महिला कार्मिक को यह तथ्य प्रस्तुत करना होगा कि होस्टल में आपकी केअर की जरूरत कैसे है। इसका प्रमाण प्रस्तुत करने पर ही हॉस्टलर्स चाइल्ड के लिए ये अवकाश स्वीकृत किया जा सकेगा।।
विशेष-
कार्मिका की सेवा पुस्तिका में निर्धारित प्रपत्र चस्पा कर CHILD CARE LEAVE का इन्द्राज होगा एवम सेवा पुस्तिका में भी CHILD CARE IEAVE अवधि का अंकन सुनिश्चित होगा।

चाइल्ड केयर लीव आवेदन हेतु प्रारूप

चाइल्ड केयर लीव हेतु अभिलेख संधारण

चाइल्ड केयर लीव हेतु जारी राजकीय आदेश

चाइल्ड केयर लीव से सम्बन्धित निम्न आदेशो के अध्ययन से आपको स्पष्ट हो जाएगा कि इनकी स्वीकृति व अस्वीकृति के पीछे प्रमुख कारण क्या हो सकते है।

समाचारपत्र कटिंग्स

ये वे महत्वपूर्ण कटिंग्स है जो एक बार आपको अवश्य पढ़नी चाहिए।

राजकीय आदेश/ नोटिफिकेशन

शिविरा आलेख

प्रश्न-कोई महिला कार्मिक Child Care Leave अवकाश स्वीकृत करवाकर अवकाश का उपभोग करती है तो क्या उसकी मासिक तनख्वाह निरंतर बनाई जाए या फिर कार्यग्रहण के बाद बनाई जाए?कोई स्पष्ट निर्देश हो तो मार्गदर्शन करावें।

उत्तर-वित्त विभाग (नियम अनुभाग) राजस्थान सरकार द्वारा राजस्थान सेवा (चतुर्थ संशोधन) नियम-2018, नियम-103 ग (Child Care Leave) के सम्बन्ध में अधिसूचना क्रमांक: No.F.1(6)FD/Rules/2011 Jaipur, dated : 31.O7- 2020 के नवीनतम आदेश के अनुसार Child Care Leave पर जाने वाले महिला कार्मिक या एकल पुरूष कार्मिक को सम्पूर्ण सेवा काल में 18 वर्ष तक के प्रथम 2 बच्चों (न्यूनतम 40 प्रतिशत निःशक्तता के Case में 22 वर्ष तक के बच्चों) की देखभाल (परीक्षा, अस्वस्थता या पालन पोषण) करने के लिए अधिकतम 2 वर्ष तक अर्थात 730 दिन की Child Care Leave सक्षम अधिकारी द्वारा देय है परन्तु अवकाश के दौरान कार्मिक का वेतन DDO द्वारा किसी भी हालत में रोका (Defer) नहीं जाएगा अर्थात वेतन निरंतर बनता रहेगा। परन्तु उपरोक्त नियम के उपनियम-2(a)(i) के अनुसार प्रथम 365 दिन(Child Care Leave) तक तो पूरा वेतन (अवकाश पर जाने से पूर्व के वेतन के बराबर) मिलेगा एवं अगले 365 दिनों के लिए 80% (अवकाश पर जाने से पूर्व के वेतन का 80 %) वेतन ही मिलेगा।

Note-आहरण एवं वितरण अधिकारी चाहे तो अधिसूचना के बिंदु संख्या 2(iv) व 2(viii) एवं इसी आदेश के बिंदु संख्या 04 के अनुसार राजकीय/प्रशासनिक कारणों या छात्रहित में CCL अवकाश को अस्वीकृत भी कर सकता है क्योंकि CCL अवकाश कार्मिक का अधिकार नही है बल्कि केवल एक सुविधा है जो स्वीकृतकर्ता प्राधिकारी की अनुमति से ही ली जा सकती है।