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| On 3 years ago

China's new destroyer weapon: For the Himalayas and Tibet plateau areas.

चीन का नया विध्वंसक शस्त्र: हिमालय व तिब्बत पठारी क्षेत्रो हेतु।

चीन विकसित कर रहा है दुनिया की पहली विधुत चुम्बकीय सतह से सतह मार करने वाली रॉकेट प्रणाली।

चीनी मीडिया के अनुसार चीन दुनिया की पहली विद्युत चुम्बकीय सतह से सतह मार करने वाली रॉकेट प्रणाली विकसित कर रहा है जो अधिक व तीव्र पहुंच प्रदान करता है। यह हिमालय

और तिब्बती पठार जैसे उच्च ऊंचाई वाले क्षेत्रों में चीनी सेना को लाभन्वित कर सकता है।

रॉकेट सिस्टम की प्रगति का विवरण सदैव की भांति अब भी अनुपलब्ध है। इस क्षेत्र में चीन द्वारा की गई प्रगति का हम सिर्फ आकलन ही कर सकते है लेकिन इस इलेक्ट्रोमैग्नेटिक रॉकेट कार्यक्रम के मुख्य वैज्ञानिक हान जुनी ने राज्य मीडिया विज्ञान और प्रौद्योगिकी दैनिक को बताया कि रॉकेट पर "पर्याप्त प्रगति" की गई है।

परंपरागत रॉकेट प्रबलन के लिए विस्फोटक पाउडर पर निर्भर करते हैं, लेकिन नए इलेक्ट्रोमैग्नेटिक रॉकेट अतिरिक्त विद्युत चुम्बकीय बल का उपयोग करके लॉन्च किए जाएंगे।

चीन जब इस तकनीक पर आधारित शस्त्र का निर्माण कर लेगा तो उसे निश्चित रूप से हिमालय जैसे ऊंचे व तिब्बत जैसे पठारी क्षेत्रो में भारत के मुकाबले बढ़त हासिल हो सकती है।

वर्तमान सन्दर्भो में हम डोकलाम जैसे अन्य विवादों की संभावनाओं को दरकिनार नहीं कर सकते है। वर्तमान आर्थिक सँघर्ष युग मे निश्चित रूप से कोई भी देश प्रत्यक्ष युद्ध नही चाहता लेकिन इस शांति काल मे नवीन संहारक युद्ध तकनीकों का विकास व निर्माण प्रलय हेतु आधार निर्मित अवश्य करता है।

इस प्रकार की तैयारियों से निश्चित रूप

से क्षेत्रीय असन्तुलन की स्थिति उतपन्न करती है। हमारे रक्षा अनुसंधान कर्ताओ व वैज्ञानिकों हेतु यह एक नई चुनोती भी हैं।

नोट- किसी चालक को किसी परिवर्ती चुम्बकीय क्षेत्र में रखने पर उस चालक के सिरों के बीच विद्युतवाहक बल उत्पन्न होने को विद्युत चुम्बकीय प्रेरण (Electromagnetic induction) कहते हैं।
(अंतरराष्ट्रीय खबरों पर आधारित)