चिराली योजना (Chirali Yojana in Hindi)

चिराली योजना : राजस्थान सरकार के पास चिराली के रूप में एक समुदाय होगा जो राजस्थान में महिलाओं और लड़कियों के खिलाफ हिंसा की रोकथाम के लिए प्रतिबद्ध होगा। यह समुदाय समाज के हर वर्ग को आपस में जोड़कर काम करेगा। चिराली समुदाय में ग्राम स्तर पर उपसमूह तथा ग्राम पंचायत स्तर पर मुख्य समूह बनाये जायेंगे।

यह योजना राजस्थान राज्य के सात जिलों बांसवाड़ा, भीलवाड़ा, बूंदी, जालौर, झालावाड़, नागौर और प्रतापगढ़ में सामुदायिक कार्यदल बनाकर तीन साल तक संचालित की जाएगी। जिसे चिराली के नाम से जाना जाएगा। इस योजना के संचालन के लिए संयुक्त राष्ट्र जनसंख्या कोष से तकनीकी सहायता प्राप्त होगी

लेकिन अपराध के जगत में एक अपराध ऐसा भी होता है जिसमें सामने वाले को मानसिक हानि भी पहुंचती है और इस अपराध का ज्यादातर शिकार महिलाओं और किशोरियों को बनाया जाता है, जैसे कि मनचले पुरुषों के द्वारा महिला या किशोरी पर तंज कसना या कहे तो लिंग के आधार पर स्त्रियों व महिलाओं के साथ भेदभाव करना।

जब ऐसे अपराध किसी भी महिला के साथ होते हैं तो ज्यादातर मामलों में महिलाओं को चुप्पी साधनी पड़ती है और महिलाओं की यही चुप्पी इन अपराधियों के हौसले को बढ़ावा देती हैं। धीरे धीरे इन अपराधियों के अपराध ओर बढ़ते जाते हैं।

ऐसे अपराधों को रोकने के लिए राजस्थान सरकार ने एक योजना का शुभारंभ किया है इसका नाम है चिराली योजना, इस योजना को सफल बनाने के लिए राजस्थान सरकार द्वारा इसको लेकर बजट की घोषणा भी की गई।

चिराली योजना के तहत अगर कहीं भी किसी भी महिला या स्त्री के प्रति हिंसा होते ही नजर आएगी, तो इस योजना के तहत घटनास्थल पर टीम वहां पर पहुंचकर अपने काम को अंजाम देगी। यहां पर चिर का अर्थ है हमेशा और अली का अर्थ है सखी मतलब हमेशा महिला और किशोरियों की सुरक्षा के लिए साथ रहने वाली सखी।

चिराली योजना के उद्देश्य (Objective Of Chirali Yojana in Hindi) :

  • राज्य में महिलाओं के प्रति हो रही हिंसा का विरोध करने के लिए और महिलाओं व किशोरियों को सुरक्षा प्रदान करने की जिम्मेदारी को निभाना।
  • समाज में लिंग के आधार पर भेदभाव नहीं करने पर तथा महिला व स्त्रियों पर घरेलू हिंसा या सामाजिक हिंसा के मुद्दों पर समाज के लोग व समुदाय को जागरूक करना।
  • इस योजना के तहत हिंसा, लड़कियों और महिलाओं के खिलाफ भेदभाव से संबंधित मुद्दों के बारे में समुदाय और हितधारकों के साथ समुदाय को संवेदनशील और संवेदनशील बनाना।
  • मुख्य रूप से महिलाओं और लड़कियों के खिलाफ लिंग आधारित हिंसा को खत्म करने के लिए काम करना।
  • महिलाओं और लड़कियों के सशक्तिकरण और सुरक्षा से संबंधित कानूनों के बारे में समुदाय को संवेदनशील बनाना।
  • महिलाओं और लड़कियों की सुरक्षा के लिए लिंग आधारित भेदभाव और हिंसा को कम करने के लिए विभिन्न हितधारकों को एक मंच प्रदान करना।
  • जिन महिलाओं व स्त्रियों के खिलाफ लिंग के आधार पर भेदभाव हो रहा है उन स्त्रियों को आश्वासन देकर उन्हें इस समस्या से बाहर निकालना।
  • पूरे राजस्थान जिन जिन महिलाओं या स्त्रियों पर लिंग के आधार पर भेदभाव किया जा रहा है उनकी ऑडिट रिपोर्ट तैयार करना।
  • लिंग भेद को रोकने के लिए अलग-अलग समुदाय के लोगों को एक मंच देना और उन्हें महिला और स्त्रियों के हक के बारे में उन्हें जागरूक करना।
  • किस योजना के तहत पूरे राजस्थान की महिलाओं व स्त्रियों को हर तरह की संभव सहायता को प्रदान करना और अगर कोई मानसिक तौर पर समस्या में उलझी हुई है तो उसे पूरी सहायता दी जाएगी।

चिराली योजना के मुख्य बिंदु (Key Highlights Chirali Yojana in Hindi) :

योजना का नाम :चिराली योजना
योजना कब शुरू की गयी :2017
योजना किसके द्वारा शुरू की गयी :राजस्थान सरकार द्वारा
योजना का उद्देश्य महिलाओं की सुरक्षा
योजना की अधिकारिक पोर्टल :यहाँ क्लिक करें

कौन-कौन से जिलों में हुई चिराली योजना की शुरुआत (Which People Discovered the Chirali Scheme in Hindi) :

राजस्थान में  चिराली योजना अभी तक :

  1. झालावाड़
  2. बांसवाड़ा
  3. भीलवाड़ा
  4. जालौर
  5. प्रतापगढ़
  6. नागौर और बूंदी में इनकी शुरुआत हो चुकी है।

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चिराली योजना के अंतर्गत काम कैसे होता है? (How is the Work Done Under the Chirali scheme in Hindi) :

  • राज्य के अनेक गांव में ग्राम पंचायत के स्तर पर चिरौली योजना के अंतर्गत कार्यदल की साथिन बैठक आयोजित करती है।इस बैठक में महिलाओं व स्त्रियों के प्रति होने वाले भेदभाव अत्याचार पर चर्चा की जाती है और महिला व स्त्रियों से संबंधित अन्य मुद्दों पर भी चर्चा की जाती है।
  • यह बैठक कार्यदल की साथिन के द्वारा साल में दो बार आयोजित करवाई जाती हैं।