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Corona Virus: Serious efforts of Rajasthan Government are going on.

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कोरोना वायरस : राजस्थान सरकार के गम्भीर प्रयास जारी है।

18 मार्च 2020, जयपुर। मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने उच्च स्तरीय बैठक लेकर कोरोना वायरस की गम्भीरता को लेकर सम्पूर्ण चर्चा कर अतिआवश्यक निर्णय लिए।

कोरोना वायरस के संक्रमण की स्थिति की समीक्षाप्रदेश में 31 मार्च तक धारा 144 - मुख्यमंत्री

जयपुर, 18 मार्च । मुख्यमंत्री श्री अशोक गहलोत ने कोरोना वायरस के संक्रमण से लोगों का जीवन बचाने के लिए प्रदेश भर में प्रथम चरण में 31 मार्च तक धारा 144 लागू किए जाने के निर्देश दिए हैं। जिला मजिस्ट्रेट एवं उपखण्ड अधिकारियों को इस संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश जारी करने के लिए अधिकृत किया गया है। 

श्री गहलोत बुधवार को मुख्यमंत्री कार्यालय में कोविड-19 (कोरोना वायरस) के संक्रमण से बचाव के उपायों की समीक्षा कर रहे थे। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार का पूरा प्रयास है कि प्रदेश के नागरिक इस महामारी के संक्रमण से बचे रहें। उन्होंने कहा कि मंदिर, मस्जिद सहित अन्य धार्मिक एवं सार्वजनिक स्थलों पर लाउडस्पीकर के माध्यम से लोगों को एकत्र नहीं होने की सलाह दी जाए। 

अभिभावक-टीचर्स मीटिंग पर रोक, पुस्तकालय बंद

मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि राज्य में सभी सरकारी एवं निजी स्कूलों में 31 मार्च तक तत्काल प्रभाव से अभिभावक एवं टीचर्स मीटिंग (पीटीएम) पर रोक लगाई जाए तथा स्कूलों में नए प्रवेश की प्रक्रिया से अभिभावकों एवं बच्चों की उपस्थिति को भी रोक दिया जाए। उन्होंने सार्वजनिक एवं सरकारी पुस्तकालयों को भी 31 मार्च तक बंद किए जाने के निर्देश दिए हैं। 

झुंझुनूं में पॉजिटिव मरीजों के घर के एक किमी दायरे में कर्फ्यू

श्री गहलोत ने झुंझुंनू में जिस स्थान पर कोरोना वायरस से संक्रमित तीन रोगी पाए गए हैं, वहां अगले दो दिन तक मरीजों के घर से एक किलोमीटर के दायरे में कर्फ़्यू लगाए जाने के निर्देश दिए हैं ताकि अन्य लोगों में संक्रमण फैलने से रोका जा सके। मुख्यमंत्री ने अजमेर, कोटा, भरतपुर, झुंझुनूं सहित अन्य स्थानों पर भी जांच सुविधा विकसित किए जाने तथा जयपुर में जांच क्षमता दोगुनी करने के निर्देश दिए हैं। 

विदेश से आने वाले यात्रियों को एयरपोर्ट से सीधे होटलों में ठहराकर करें स्क्रीनिंग

मुख्यमंत्री ने कहा कि विदेशों में फंसे राजस्थान के निवासियों की सुरक्षा को लेकर विदेश मंत्रालय से बात की जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि विदेशों से हवाई मार्ग से आने वाले यात्रियों को एयरपोर्ट के पास स्थित होटलों में ठहराकर उनकी पूरी स्क्रीनिंग की जाए। इसके लिए तीन होटल चिन्हित किए गए हैं। जांच में लक्षण सामने आने पर ऎसे व्यक्तियों को 14 दिन तक पूरी तरह होम आईसोलेशन में रहने के निर्देश दिए जाएं। साथ ही एयरपोर्ट पर उन व्यक्तियों के हाथ पर मुहर लगाई जाए। इसके अलावा उनके घर के बाहर भी इस संबंध में सूचना चस्पा की जाए ताकि आस-पड़ोस के लोग उनसे नहीं मिले और संक्रमण से बचे रह सकें।  

एसडीआरएफ से बढ़ाएं जांच सहित अन्य सुविधाएं

श्री गहलोत ने कहा कि कोरोना से निपटने के लिए राज्य में संसाधनों की कोई कमी नहीं आने दी जाएगी। जिला स्तर पर एसडीआरएफ के माध्यम से आइसोलेशन फेसिलिटी, लैब तैयार करने सहित अन्य सुविधाएं विकसित की जाएं। अतिरिक्त मुख्य सचिव चिकित्सा एवं स्वास्थ्य श्री रोहित कुमार सिंह ने बताया कि झुंझुनूं के तीन लोग एसएमएस अस्पताल में हुई जांच में पॉजिटिव पाए गए हैं। उन्हें झुंझुनूं के अस्पताल में आइसोलेशन में रखा गया है। इन तीन में पति-पत्नी और उनका ढाई साल का बच्चा शामिल हैं, जो आठ दिन पहले इटली से लौटे थे।बैठक में चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री डॉ. रघु शर्मा, मुख्य सचिव श्री डीबी गुप्ता, चिकित्सा शिक्षा सचिव श्री वैभव गालरिया, शासन सचिव आपदा प्रबंधन श्री सिद्धार्थ महाजन, सूचना एवं जनसम्पर्क आयुक्त श्री महेन्द्र सोनी, राजस्थान चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. राजाबाबू पंवार, एसएमएस मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. सुधीर भण्डारी सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।