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Dashanan Ravana Special Things in Hindi | दशानन रावण की खास बातें

दशानन रावण के बारे में खास बातें (Dashanan ravana special things in Hindi ) दुनिया में इस नाम का दूसरा कोई व्यक्ति नहीं है। राम तो बहुत मिल जाएंगे, लेकिन रावण नहीं। रावण तो सिर्फ रावण है। राजाधिराज लंकाधिपति महाराज रावण को दशानन भी कहते हैं। कहते हैं कि रावण लंका का तमिल राजा था। सभी ग्रंथों को छोड़कर वाल्मीकि द्वारा लिखित रामायण महाकाव्य में रावण का सबसे 'प्रामाणिक' इतिहास मिलता है।

रावण एक कुशल राजनीतिज्ञ, सेनापति और वास्तुकला का मर्मज्ञ होने के साथ-साथ तत्व ज्ञानी तथा बहु-विद्याओं का जानकार था। उसे मायावी इसलिए कहा जाता था कि वह इंद्रजाल, तंत्र, सम्मोहन और तरह-तरह के जादू जानता था। उसके पास एक ऐसा विमान था, जो अन्य किसी के पास नहीं था। इस सभी के कारण सभी उससे भयभीत रहते थे।

Dashanan Ravana Special Things in Hindi | Who was Ravana | रावण कौन था?

रामायण के अनुसार रावण लंका का राजा था। उसने सीता का अपहरण किया था और श्री राम से युद्ध किया था। राम के हाथों रावण का वध हुआ था। रावण(Dashanan ravana special things in Hindi ) विश्रवा का पुत्र था। उनकी माता का नाम वरवर्णिनी था। वह एक महान शिव भक्त था।भगवान शंकर की पूजा करता था। रावण ने “शिव तांडव स्रोत” की रचना की थी। वह एक महान राजनीतिज्ञ, महापराक्रमी योद्धा था। वह बहुत ही बलशाली था। शास्त्रों का महान विद्वान और जानकार था। 

रावण(Dashanan ravana special things in Hindi ) सरस्वती देवी का महान उपासक था। रावण के 10

सिर थे इसलिए उसे “दशानन” भी कहते हैं। रावण ने अपनी लंका सोने की बनाई थी। उसके काल में लंका बहुत ही शक्तिशाली देश हुआ करता था।

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Dashanan Ravana Special Things in Hindi | Birth of Ravana | रावण का जन्म

रावण (Dashanan ravana special things in Hindi) की माँ कैकसी ने कुबेला (अशुभ समय – कु-बेला) में गर्भ धारण किया था। इसी वजह से रावण राक्षसी गुणों वाला बना। रावण ने अपने 10 सिर भगवान शिव को प्रसन्न करने के लिए अर्पित कर दिए थे। श्री राम ने युद्ध के दौरान उनके बाड़ से रावण के सभी 10  सिर काट दिए थे।   

Dashanan Ravana Special Things in Hindi | Ravana & Brahma Ji |  रावण ने की थी ब्रह्मा की तपस्‍या

ऋषि विश्वेश्रवा ने रावण को धर्म और पांडित्य की शिक्षा दी।  माता के परामर्श पर उसने ब्रह्मा की तपस्‍या की थी। वो अपने सौतले भाई कुबेर से अधिक बलवान और शक्तिशाली बनना चाहता था। रावण को “दसग्रीव” भी कहा जाता है। 
उसने 10 हजार सालो तक ब्रह्मा की कठिन तपस्‍या की। हर दसवें साल अपना एक सिर काट कर चढ़ा देता था। रावण से ब्रह्मा से वरदान माँगा की देवता, दानव, गंधर्व किन्नर कोई भी उनका वध न कर सके। वो मनुष्यों को कीड़े मकोड़े की भाँती छोटा और तुच्छ समझता था इसलिए ब्रह्मा से वरदान मागंते समय उसने मनुष्यों का नाम नही लिया।

भगवान

विष्णु को रावण का वध करने के लिए मनुष्य रूप में श्री राम के रूप में जन्म लेना पड़ा। रावण (Dashanan ravana special things in Hindi )कालजयी बनना चाहता था। उसने अपनी सेना लेकर स्वयं काल यमराज पर आक्रमण कर दिया था। दोनों के बीच भीषण युद्ध हुआ था।

Dashanan Ravana Special Things in Hindi | 10 Interesting facts about Ravan in Hindi | रावण के विषय में 10 दिलचस्प तथ्य?

  1. रावण बहुत ही मायावी दानव था। वह इंद्रजाल, तंत्र, सम्मोहन और विभिन्न प्रकार के जादू जानता था। रावण भगवान शंकर को अपने साथ लंका ले जाना चाहता था। उसे अपने बल और भक्ति पर बहुत घमंड हो गया था। इसलिए वह पूरे कैलाश को उठाकर ही लंका ले जाना चाहता था। जब वो कैलाश को हिलाने लगा तो देवी सती बहुत ही क्रोधित हो गई। उन्होंने रावण को शाप देते हुए कहा “अरे अभिमानी रावण तु आज से राक्षसों में गिना जाएगा क्युँकि तेरी प्रकृति राक्षसों की जैसी हो गई है और तु अभिमानी हो गया है”
  1. रावण इक्ष्वाकु वंश का अपमान और उपहास करता था। इसलिए इक्ष्वाकु वंश के राजा अनरन्य ने रावण को शाप दिया कि इक्ष्वाकु वंश में राम के नाम से एक पुत्र का जन्म होगा जिसके हाथों रावण का अंत होगा।
  1. बंदरों के राजा बाली का युद्ध रावण से हुआ था। बाली ने रावण को पटक-पटक कर बहुत मारा था और फिर अपनी पूंछ में बांधकर लपेट लिया था उस दिन रावण का सारा घमंड दूर हो गया था। 6 महीने तक बाली ने उसे कैद करके रखा था।
  1. रावण ने ब्रह्मा जी से अमर होने का वरदान मांगा था, किंतु वह उसे नहीं मिल सका। ब्रह्मा जी ने उसे प्रचंड शक्तियां और ब्रह्मास्त्र वरदान में दिया था।
  1. रावण, श्री राम की पत्नी सीता के सौंदर्य को देख कर मुग्ध हो गया था। इसी वजह से उसने सीता का अपहरण किया था। वह सीता से विवाह करना चाहता था परंतु राक्षसी प्रवृत्ति होने के बाद भी उसने कभी सीता से अमर्यादित व्यवहार नहीं किया। जिस समय सीता राम के वियोग में दुखी थी और अश्रु बहा रही थी, रावण ने सीता से कहा “हे सीते! यदि तुम मेरे प्रति काम-भाव नहीं रखती तो मैं तुझे स्पर्श नहीं कर सकता।”
  1. रावण बहुत ही रूपवान था। उसे देखकर सभी स्त्रियां मुग्ध हो जाती थी। श्री राम भी रावण को देख कर मुग्ध हो जाते थे। रावण की माता एक राक्षस थी जबकि उसके पिता ऋषि थे इसी वजह से रावण के अंदर देवताओं और राक्षसों दोनों वर्गों के गुण थे।
  1. रावण के बारे में कहा जाता है कि वह बाहर से श्रीराम से बैर रखता था उनको अपना शत्रु मानता था परंतु अंदर से उनका भक्त था। रामायण के अनुसार वह श्रीराम के हाथों मृत्यु प्राप्त करना चाहता था जिसे उसे मोक्ष मिल सके।
  1. उत्तर प्रदेश के जालौन जिले में रावण की 210 फीट ऊंची “लंका मीनार” बनी हुई है इसके अंदर रावण के पूरे परिवार के चित्र बने हुए हैं। इससे मथुरा प्रसाद ने बनवाया था। इस लंका मीनार का निर्माण 1875 में करवाया गया था।
  1. वाल्मीकि “रामायण”
    और तुलसीदास द्वारा रचित “रामचरितमानस” दोनों में ही रावण को बहुत महत्व दिया गया है। वह एक और जहां महातेजस्वी, महाप्रतापी, रूपवान, विद्वान महाप्रतापी था, वहीं दूसरी ओर वह घमंडी और राक्षसी प्रवृत्तियों वाला व्यक्ति था।
  1. रावण के पास पुष्पक विमान था परंतु वह उसका नहीं था। उसके भाई कुबेर का था जो उसका सौतेला भाई था। रावण ने पुष्पक विमान अपने भाई से छीन लिया था। श्रीराम के द्वारा रावण के वध के बाद श्री राम, लक्ष्मण, सीता, हनुमान और अन्य सभी लोग पुष्पक विमान से ही अयोध्या वापस लौटे थे।

दोस्तों, अब तक आप जान चुके है दशानन रावण के बारे में (Dashanan ravana special things in Hindi), अब जानते है -