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डेंगू के लक्षण और उपचार (Dengue Symptoms & Treatment in Hindi)

डेंगू के लक्षण और उपचार - मच्छरों द्वारा प्रसारित एक तेज गति से फैलने वाली बीमारी है, जिसके होने पर सरदर्द, जोड़ों में दर्द और त्वचा पर लाल चकत्ते (निशान) हो जाते हैं. इससे बहुत कमजोरी आ जाती है और व्यक्ति के शरीर में प्लेटलेट्स तीव्रता से कम होने लगती हैं. इसको  हड्डीतोड़ बुखार (Brackborn Fever ब्रेकबोन फीवर) भी कहा जाता है.

डेंगू बुखार क्या है? (What is Dengue Fever in Hindi?) :

डेंगू एक प्रकार का संक्रमण है जो डेंगू संक्रमण के कारण होता है। मच्छर डेंगू को संचारित करते हैं। डेंगू को "हड्डीतोड़ बुख़ार" के नाम से भी जाना जाता है, क्योंकि इसमें रोगी को इतना दर्द होता है कि जैसे उसकी हड्डियां टूट गयी हों। डेंगू बुख़ार के कुछ लक्षणों में बुख़ार, सरदर्द, त्वचा पर लाल चकत्ते(निशान) तथा मांसपेशियों में तथा जोड़ो में दर्द होता है ।

कुछ रोगी में, डेंगू बुख़ार एक या दो रूपों में हो सकता है जो जीवन के लिये खतरा बन सकते हैं। डेंगू एक रक्तस्रावी बुख़ार है, जिससे रक्त वाहिकाओं (रक्त ले जाने वाली नलिकाओं), में रक्तस्राव या रिसाव होता है तथा रक्त प्लेटलेट्स का स्तर कम होता है। डेंगू Shoak Sindrom (शॉक सिंड्रोम) है

डेंगू वायरस के प्रकार (Dengue Types in Hindi) :

डेंगू के ज्यादातर मामलों में मच्छर के काटने से हल्का बुखार होता है लेकिन डेंगू बुखार तीन तरह का होता है। ये इस प्रकार से हैं :-

  • (साधारण) डेंगू बुखार – classical dengue fever : साधारण डेंगू बुखार 5 से 7 दिन तक रहता है जिसके बाद मरीज ठीक हो जाता है। ज्यादातर मामलों में इसी किस्म का डेंगू बुखार पाया जाता है।  (साधारण) डेंगू बुखार – classical dengue के लक्षण हैं-
    • ठंड लगने के बाद अचानक तेज बुखार होना।
    • सिर, मांसपेशियों और जोड़ों में दर्द होना।
    • आंखों में दर्द होना,आंखों को दबाने या हिलाने से और बढ़ जाता है।
    • कमजोरी लगना, भूख न लगना, जी मचलाना और मुंह का स्वाद खराब हो जाना।
    • गले में हल्का दर्द होना।
    • शरीर खासकर चेहरे, गर्दन और छाती पर लाल-गुलाबी रंग के रैशेज होना।
  • डेंगू हॅमरेजिक बुखार (डीएचएफ) – dengue hemorrhagic fever (DHF) : - साधारण डेंगू बुखार के लक्षणों के साथ-साथ ये लक्षण भी दिखाई देते हैं तो  डेंगू हॅमरेजिक बुखार (डीएचएफ) – dengue hemorrhagic fever (DHF) हो सकता है। ब्लड टेस्ट से इसका पता लग सकता है।  डेंगू हॅमरेजिक बुखार (डीएचएफ) – dengue hemorrhagic fever (DHF) के लक्षण
    • नाक और मसूड़ों से खून आना।
    • शौच और उल्टी में खून आना।  
    • चेहरे पर गहरे नीले-काले रंग के छोटे या बड़े निशान पड़ जाना।
  • डेंगू शॉक सिंड्रोम (डीएसएस) – डेंगू शॉक सिंड्रोम (डीएसएस) – Dengue Shock Syndrome में DHF के लक्षणों के साथ-साथ 'शॉक' की अवस्था के भी कुछ लक्षण दिखाई दे सकते हैं।
    • मरीज को बेचैनी होना।
    • तेज बुखार के बावजूद उसकी त्वचा का ठंडा होना।
    • मरीज का धीरे-धीरे बेहोश होना।
    • मरीज की नाड़ी कभी तेज और कभी धीरे चलने लगती है।
    • ब्लड प्रेशर कम हो जाना

डेंगू के लक्षण (Dengue Symptoms in Hindi) :

  • संक्रमित होने के 3 से 14 दिनों के बाद ही किसी व्यक्ति में लक्षण दिखाई देते हैं। अधिकतर 4 या 7 दिनों के बाद लक्षण दिखना शुरू हो जाते है।
  • रक्त में फैलने के एक घंटे में ही संधियों (Joints) में दर्द शुरू हो जाता है, रोगी को 104 डिग्री तक बुखार भी आ सकता है।
  • Blood pressure ब्लड प्रेशर तेजी से गिरना और हृदयगति का कम होते रहना ।
  • आँखे लाल और दर्द होना।
  • चेहरे पर गुलाबी दाने निकलना
  • भूख ना लगना, सरदर्द , ठंड लगना, बुखार आना।
  • शरीर का तापमान कम हो जाना
  • पसीना आना
  • पूरे शरीर पर लाल दाने दिखने लगते हैं।

डेंगू के लक्षण और उपचार (Dengue Symptoms & Treatment in Hindi) :

  • डेंगू से बचाव -
    • स्वयं को मच्छरों से बचाकर रखना।
    • मच्छरदानी का इस्तेमाल करना
    • अपने घर के दरवाजे और खिड़कियों को शाम को बंद कर देना
    • आसपास पानी इकट्ठा ना होने देना
    • कूलर का पानी बदलते रहना
    • पानी को ढंक कर रखना
    • कीटनाशक छिड़काव करना
    • छोटे डिब्‍बो व ऐसे स्‍थानो से पानी निकाले जहॉं पानी बराबर भरा रहता है।
  • कूलर का पानी सप्‍ताह में एक बार अवश्‍य बदले।
  • घर में कीट नाशक दवा का छिड़काव करें
  • बच्‍चों को ऐसे कपडे पहनाये जिससे उनके हाथ पांव पूरी तरह से ढके रहे।
  • सोते समय मच्‍छरदानी का प्रयोग करें।
  • मच्‍छर भगाने वाली वस्‍तुओं का प्रयोग करें।
  • बर्तनों को ढककर रखें।
  • सरकार के स्‍तर पर किये जाने वाले कीटनाशक छिडकाव में सहयोग करें।
  • आवश्‍यकता होने पर जले हूये तेल या मिट्टी के तेल को नालियों में तथा इक्कट्ठे हुये पानी पर डाले।
  • रोगी को उपचार हेतु तुरन्‍त निकट के अस्‍पताल व स्‍वास्‍थ्‍य केन्‍द्र में ले जाएँ ।
  • डेंगू के उपचार
  • डेंगू से बचाव :
    • स्वयं को मच्छरों से बचाकर रखना।
    • मच्छरदानी का इस्तेमाल करना
    • अपने घर के दरवाजे और खिड़कियों को शाम को बंद कर देना
    • आसपास पानी इकट्ठा ना होने देना
    • कूलर का पानी बदलते रहना
    • पानी को ढंक कर रखना
    • कीटनाशक छिड़काव करना
    • छोटे डिब्‍बो व ऐसे स्‍थानो से पानी निकाले जहॉं पानी भरा रहता है।
    • टंकियों तथा बर्तनों को ढककर रखें।
    • जले हुए तेल या मिट्टी के तेल को नालियों में तथा इक्कट्ठे हुये पानी में डाले।
    • उपचार हेतु निकट के अस्‍पताल व स्‍वास्‍थ्‍य केन्‍द्र में ले जाएँ ।
  • डेंगू के उपचार

साधारण बुखार की स्थिति मे :

  • रोगी को आराम की सलाह दें।
  • पैरासिटामोल की गोली तेज बुखार होने पर दें
  • भूख के अनुसार पर्याप्‍त मात्रा में भोजन दिया जाएँ ।

(डेंगू हेमरेजिक बुखार) के उपचार

  • रोगी की समय-समय पर देखभाल करना
  • खून में प्‍लेटलेट की कमी होना
  • आई.वी.थैरपी करवाना

यह भी पढ़े :

डेंगू से बचने के आयुर्वेदिक एवं प्राकृतिक तरीके (Ayurvedic and Natural Treatment for Dengue in Hindi) :

  • गिलोय
  • मेथी के पत्ते
  • पीपल के पत्ते
  • हल्दी
  • तुलसी के पत्ते
  • काली मिर्च
  • एलो वेरा का रस
  • आंवला का रस
  • नीम की पत्तियों का रस
  • गेहूं / ज्वार का रस

डेंगू में उपयोगी जड़ी बूटियाँ (Home Remedies for Dengue in Hindi) :

  • पपीते की पत्तियाँ
  • गुडुची
  • गेहूं के जवारे
  • आमलकी
  • रसोनम
  • तुलसी
  • नीम
  • त्रिभुवनकीर्ति रस
  • संजीवनी वटी
  • सुदर्शन चूर्ण
  • वासावलेह
  • सूतशेखर
  • वसंत कुसमाकर
  • लाक्षा गोंदती चूर्ण