Categories: Articles
| On 3 years ago

Diwali: Diwali 2018, deepawali Pooja Time and Resolutions.

ये दीपावली, कुछ हटके।

दीपावली 2018: मुहूर्त, समय व नए निश्चय।

एक दीपक उम्मीद का रात के अंधेरो से लड़ता है, एक दीपक पथ को आलोकित करता है, एक दीपक स्वयम जल कर दूसरों को रोशनी देता है और जब एक साथ असँख्य दीप प्रज्वलित होते है तो सम्पूर्ण कायनात एक स्वर्ग में तब्दील हो जाती है, उस रात दीपावली होती है।

हर दीपावली खुशियों की सौगात के साथ ही सत्य व धर्म की विजय का संदेश समाज मे स्थापित करती है। दीपावली हर रूप में आनंदकारी व संस्कृति का सर्वश्रेष्ठ उदाहरण है।

आइये। इस दीपावली कुछ नया करे जो हटके हो। हम सब मिल के कुछ ऐसे संकल्प ले , जिससे ये दुनिया रोजाना दीपावली प्रतित हो।

यह जान लीजिए कि यह दीपावली क्यो हटके है?

अमावस्या तिथि 06 नवम्बर दिन मंगलवार को ही रात में 10 बजकर 06 मिनट से लग जा रही है जो 07 नवम्बर 2018 दिन बुधवार को रात में 09 बजकर 19 मिनट तक रहेगी, इस प्रकार उदया तिथि में अमावस्या का मान सूर्योदय से ही मिल रहा है।साथ ही प्रदोष काल का भी बहुत ही उत्तम योग मिल रहा है। इस प्रकार प्रदोष काल में दीपावली पूजन का श्रेष्ठ विधान है तथा प्रदोष काल में ही दीप प्रज्वलित करना उत्तम फल दायक होता है।

दिवाली पूजा का शुभ मुहूर्त

इस साल दिवाली के दिन लक्ष्मी पूजन का शुभ मुहूर्त 1 घंटा 58 मिनट तक रहेगा. इसी दौरान सभी घरों में लक्ष्मी-गणेश की पूजा सम्पन्न की जाएगी.
लक्ष्मी-गणेश पूजा का शुभ मुहूर्त - शाम 06:12 से 08:10 तक.

कुछ संकल्प-

1. हम सभी अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदान करे। हमारा घर, परिवार, परिजन, कार्य-स्थल, समाज व देश हमसे हमारे सर्वश्रेष्ठ की आकांक्षा रखता है।
2. पर्यावरण की सुरक्षा सिर्फ त्यागमयी जीवनशैली से सम्भव है। हम न्यूनतम शारिरिक सुख की अपेक्षा करे।
3. बचत ही असली कमाई है। इस दीपावली के शुभ अवसर से ही हम विभिन्न प्रकार के बचत अवसरों का अध्ययन कर बचत आरम्भ करे। छोटी छोटी बचतों को बड़ी राशि का रूप प्रदान कर उसे सोने-चांदी व अचल सम्पति में बदले।
4. छोटे व्यापारियों से माल खरीदे, कुटीर उद्योगों से बनी वस्तुओं बको खरीदे। कृषकों, कामगारों व स्थानीय प्रोडक्ट को अधिमान दे।
5. विदेशियों से प्रेम व मुहब्बत रखे लेकिन विदेशी प्रोडक्ट को अतिआवश्यक होने पर ही खरीदे।
6. खुद के महत्व को समझे। स्वयम की सुरक्षा व स्वयम के स्वास्थ्य को महत्व दे। व्यायाम, संयमित खान-पान व मानसिक मजबूती से हम सदैव प्रसन्न रह सकते है।
7. धर्म महान है लेकिन पाखण्ड नही, प्रभु में विश्वास जरूरी है लेकिन अंधविश्वास से परे रहे।
8. अपने परिवार व परिजनों के लिए समय निकालें। आपकी उन्नति का तब

ही कोई मतलब है जब की कोई उस पर मुस्कुराए, इठलाए और गर्वित हो। ऐसा सिर्फ आपके परिजन व प्रियजन ही कर सकते है।
9. ऋण कम से कम लीजिये, अपनी सीमा से बढ़कर व्यय नही करे, लोग क्या कहते है इससे ज्यादा महत्वपूर्ण है कि अपना "बटुआ" क्या बोलता है।
10. सुबह परमात्मा से आशीर्वाद व रात को धन्यवाद कहने की आदत डाल लीजिये। चाहे कम-कम ही सही लेकिन धार्मिक विश्वास को निरन्तर बढाये।

माता की ममता और पिता की क्षमता,

बहन का प्यार और भाई हर वक्त तैयार।

पड़ोसी का मान और प्रत्येक का सम्मान,

ऐसा वतन हमारा,कहता दीपावली त्यौहार।।