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| On 4 months ago

E Daakhil PORTAL is now operational in 15 states and Union Territories

भारत सरकार के E-DAAKHIL PORTAL पर उपभोक्ता किसी विज्ञापन में दी गई  भ्रामक जानकारी, भ्रमित करने वाले विज्ञापन, जमाखोरी,  अधिक मूल्य लेने,  कम तौलने एवम ग्राहक के हित को अनदेखी करने के मामलों की शिकायत कर सकते है। एनआईसी (NIC) द्वारा विकसित  पोर्टल का नाम ई-दाखिल हैं। ई-दाखिल पोर्टल  15 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में शुरू हो गया है। ऑनलाइन पोर्टल पर डिटेल में शिकायत करने की प्रक्रिया कंज्यूमर शिकायत के लिए ऑनलाइन पोर्टल https://edaakhil.nic.in/ बनाया गया है!


नये उपभोक्ता कानून  को प्रभावी रूप से लागू करने के लिए कंज्यूमर मंत्रालय ने E-DAAKHIL(ई-दाखिल) पोर्टल शुरू किया है।ई-दाखिल पोर्टल के माध्यम से  कोई भी उपभोक्ता अपनी शिकायत ऑनलाइन दर्ज करा सकता है। ई-दाखिल  पोर्टल पर शिकायत, अपील, फीस वगैरह की पूरी जानकारी मौजूद हैं । यह नए कंज्यूमर कानून का एक हिस्सा है। 1986 के कानून को नया रूप देने के पीछे उद्देश्य यह है कि इन 25

वर्षों  में जो परिवर्तन आये  हैं ।उन समस्त परिवर्तनों को सम्मिलित करते हुए उपभोक्ता के  अधिकारों को ताकत प्रदान की जाए। उपभोक्ता को ऑनलाइन माल बेचने वाली ऑनलाइन कंपनियां भी कानून के दायरे में हैं। भ्रामक विज्ञापन को लेकर स्पष्ट प्रावधान हैं कि उपभोक्ता को सही जानकारी इन कम्पनियों द्वारा देनी होगी। उपभोक्ता को उसके द्वारा चुकाई गई राशि के बदले में अच्छा व प्रमाणित उत्पाद ही मिले इस लिए मिलावटी माल बेचने वालों के लिए जेल की सजा का भी प्रावधान हैं।

दिल्ली इसको क्रियान्वित करने वाला पहला राज्य बना था, दिल्ली में इस पोर्टल कोआठ सितंबर, 2020 से इसे शुरू किया गया था। इसके बाद में महाराष्ट्र, अंडमान व निकोबार द्वीपसमूह, बिहार, छत्तीसगढ़, झारखंड, गुजरात, चंडीगढ़, आंध्र प्रदेश, ओडिशा, उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश, पंजाब, कर्नाटक और हरियाणा ने भी अपने-अपने राज्यों में शिकायतों की ई-फाइलिंग की सुविधा की शुरुआत की।


उपभोक्ता की जागरूकताउपभोक्ता सरंक्षण कानून के पूर्ण इस्तेमाल

हेतु यह आवश्यक है कि उपभोक्ता अपने अधिकारों के लिए सजग रहकर आवश्यक कार्यवाही भी करेवर्तमान में ऑनलाइन खरीददारी बहुतायत में की जाती है एवम ऑनलाइन  खरीददारी के कारण उपभोक्ताओं की शिकायतों में बहुत प्रावधान तभी असर दिखाएंगे जब ये कानून पूरी तरह अमल में आएगा. ऐसे में आज हम आपको इस नये कानून के बारे में जरूरी जानकारी दे रहे हैं!


घर बैठे शिकायत और समाधान की सहूलियत


नया कानून लागू होने से अब कंपनियों पर केस करना आसान हो गया है. उपभोक्ताओं की शिकायतों को दर्ज करने के लिए कंजूमर मंत्रालय का edaakhil पोर्टल शुरू किया है. ये कंजूमर प्रोटेक्शन एक्ट 2019 (Consumer Protection Act, 2019) का असर है. इस पोर्टल पर अब घर बैठे केस की फाइलिंग हो सकती है. NCRDC यानी Con. दिल्ली, और महाराष्ट्र आयोग जोड़े गए हैं. अमरावती, नासिक, पुणे जिला आयोग जुड़े हैं. जल्दी सभी राज्य और जिला कमीशन जुड़ेंगे. इससे अब केस दर्ज कराना और उसका स्टेटस जानना आसान होगा


ऑनलाइन पोर्टल पर डिटेल में शिकायत करने की प्रक्रिया
कंज्यूमर शिकायत के लिए ऑनलाइन पोर्टल https://edaakhil.nic.in/ बनाया गया है! इस पर फाइलिंग प्रक्रिया बताई गई है! इसमें शिकायत करने और जवाब देने की प्रक्रिया. अपील करने, फीस और प्रत्युत्तर देने की प्रक्रिया का पूरा विवरण दिया गयाहै. इसमें नए कंज्यूमर कानून की पूरी जानकारी दी गई है!


क्या है नया कंज्यूमर कानून


नए कंज्यूमर कानून के तहत भ्रामक विज्ञापन देने पर कार्रवाई हो सकती है. किसा कंपनी के खिलाफ शिकायत होने पर देश के किसी भी कंज्यूमर कोर्ट में केस हो सकता है. Online और Teleshopping कंपनियां भी इसके दायरे में शामिल हैं! खाने-पीने की चीजों में मिलावट पर जेल हो सकती है! नए कानून में कंज्यूमर मीडिएशन सेल के गठन का भी प्रावधान है!आपसी सहमति से मीडिएशन में जाया जा सकता है! कंज्यूमर फोरम में PIL (जनहित याचिका) भी डाली जा सकती हैैं!

कंज्यूमर फोरम में 1 करोड़ रुपए तक के केस जा सकेंगे! स्टेट कमीशन में 1 करोड़ से 10 करोड़ और नेशनल कमीशन में 10 करोड़ रुपए से ऊपर के मामलों की सुनवाई हो सकेगी!


कंज्यूमर के तौर पर क्या हैं आपके अधिकार

  • खतरनाक चीजों की मार्केटिंग से सुरक्षा
  • जरूरत के मुताबिक खरीदारी का हक
  • प्रोडक्ट के बारे में सही जानकारी।
  • क्वॉलिटी, शुद्धता, कीमत वगैरह कंपिटिटिव कीमतों पर चुनने का हक
  • मोनोपोली में भी उचित कीमत क्वॉलिटी बुनियादी चीजें हासिल करने का अधिकार
  • हितों को लेकर सुने जाने का अधिकार शिकायत का न्यायपूर्ण निवारण पाना।
  • कंज्यूमर अधिकारों की जानकारी