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Education News: Rajasthan, 18 January 2019, Friday

आज के प्रमुख शैक्षिक समाचार।

18 जनवरी 2019, शुक्रवार।

1.बारहवीं कक्षा में अगले सत्र से प्रोग्रामिंग लैंग्वेज पायथन अनिवार्य, सीबीएसई ने सिलेबस में किया बदलाव, इस साल कम्प्यूटर साइंस के पर्चे में सी प्लस प्लस व पायथन दोनो सेक्शन आएंगे। अजमेर।
2.नीट 2019: जिलो में 4 हजार से ज्यादा परीक्षार्थी तो बनेगा सेंटर। जयपुर।

3.नोकरिया मिलेगी,बंद स्कूल खुलेंगे, किसानों को संबल देगी सरकार। राज्यपाल के अभिभाषण में सरकार ने पेश किया गाँव- किसान-युवाओं को समर्पित विजन। जयपुर।
4.प्रदेश स्तरीय शैक्षिक सम्मेलन 1 व 2 फरवरी को होंगे, तैयारियों में जुटे शिक्षकH संगठन। सम्मेलनों में शिक्षकों की समस्याओं पर मंथन होगा।

5.लिपिक ग्रेड द्वितीय भर्ती परीक्षा 2013, 917 अभ्यर्थियों को मिलेगी नियुक्ति, मुख्यमंत्री ने दी मंजूरी। जयपुर।
6.रेलवे की डी ग्रुप परीक्षा, आपत्ति दर्ज कराने का कल अंतिम दिन, आपत्ति सिर्फ अंग्रेजी में। अजमेर।

7.संभाग स्तरीय प्रतियोगिता में छाई रही जिले की बेटियाँ, 21 बालिकाओ का राज्य स्तर पर चयन। बॉलीबॉल व कबड्डी में भीलवाड़ा प्रथम। भीलवाड़ा।
8.एमजीएस:यूनिवर्सिटी ऐतिहासिक धरोहर से रूबरू हुए स्टूडेंट्स , 55 विद्यार्थियों के दल की पीलीबंगा यात्रा। बीकानेर।

9.साझा प्रयास से ही उदयपुर सम्भाग को प्रदेश में नम्बर वन पर ला सकते है, सम्भाग स्तरीय सीडीईओ व डीईओ माध्यमिक की बैठक- मेहता।
10.कार्यालयों में गैर शैक्षिक कार्य कराने के विरोध में कलेक्टर से मिले शिक्षक, उदयपुर।

11.इग्नू एससी और एसटी विद्यार्थियों का प्रवेश शुल्क वापस लौट आएगा, प्रतापगढ़।
12.Indira Gandhi National Open University (IGNOU) ने January 2019 session के लिए विभिन्न कोर्सेस में एडमिशन लेने के लिए ऑनलाइन और ऑफलाइन आवेदन की अंतिम तिथि को आगे बढ़ा दिया है।

13.एनटीटी भर्ती परीक्षा की तिथि में होगा बदलाव,कि10 फरवरी को थी परीक्षा, नई तिथि का एलान जल्द, जयपुर।
14.एम्स ने स्पष्ट की बेसिक रजिस्ट्रेशन की स्तिथि,25-26 मई को दो शिफ्ट में एग्जाम, जयपुर।

15.अब स्मार्टफोन या लैपटॉप से घर बैठे बनवाये वोटर आईडी कार्ड, आवेदक का पर्सनल ईमेल आईडी व मोबाइल नम्बर होना आवश्यक । एनआरआई आयोग की वेबसाइट पर। गलत जानकारी देने पर आपराधिक मुकदमा।

16.स्कूल समय में शिक्षक नही कर सकेंगे मोबाइल का उपयोग, शिक्षा विभाग अब बरतेगा सख्ती, अजमेर।
17.राजस्थान राज्य एवम अधीनस्थ सेवाएं संयुक्त प्रतियोगी मुख्य परीक्षा 2018 की तिथि एक बार फिर आगे बढ़ सकती है। यह परीक्षा 29 व 30 जनवरी को होनी है। अजमेर।

18.शिक्षा विभाग:38 अतिरिक्त प्रशासनिक अधिकारियों का प्रमोशन , वर्ष 2018-19 की डीपीसी, बीकानेर।
19.सेवा के 30 साल पूरे होने पर रुगटा अस्पताल विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति देगा , जयपुर।
20.शीतकालीन ट्रेनिंग से गैरहाजिर रहे 25 शिक्षकों को नोटिस , बीकानेर ब्लॉक, बीकानेर।

21.फार्मासिस्ट भर्ती में पद बढ़ाने की मांग एडीएम सिटी को सौंपा ज्ञापन , कोटा।
22.जेईई मेन: 10 सवालों को दी जाएगी चुनौती , कोटा।
23.पद बढ़ाने और स्थाई करने की मांग को लेकर विद्यार्थी मित्रों ने निकाली रैली, दिया ज्ञापन, बांसवाड़ा।

24.61 साल में पहली बार राजपथ पर गणतंत्र दिवस परेड में शामिल नहीं किए जाएंगे वीरता पुरस्कार के लिए देश भर से चुने गए 21 बच्चे , नई दिल्ली।
25.विज्ञान में 12 वीं पास के बाद रक्षा क्षेत्र में अधिकारी पद के लिए खूब अवसर : डॉ वैष्णव

आज का प्रेरक प्रसंग

*ईश्वर का न्याय*

राजा कृष्णदेव राय एक महान राजा थे। उनका न्याय दूर तक प्रसिद्ध था। वे धर्मानुसार राजकाज चलाते थे। उनके शासन से प्रजा भी सन्तुष्ट थी।

एक बार हम्पी राज्य में बहुत चोरियाँ होने लगीं। इससे महाराज अत्यन्त चिन्तित हो गये। लगातार चोरियाँ होने और शासन-व्यवस्था द्वारा चोरों को न पकड़ पाना, उनके प्रशासन पर एक धब्बा था।

उन्होंने तुरन्त ही अपने महाप्रधान (प्रधानमंत्री) तिम्मरूसु को और कार्यकर्ता (सेनापति) को बुलवाया तथा उन्हें हर हाल में चोरों को पकड़ लाने का आदेश दिया। इन चोरों को जनता के समक्ष पाँच सौ कोड़े लगाने की ताकीद भी की। ऐसी कड़ी सजा मिलने के डर से अन्य लोग भी चोरी करना और अन्य बुरे काम करना छोड़ देंगे। इस प्रकार यह सबके लिए सबक बन जायेगा।

एक दिन सैनिकों ने कुछ चोरों को चोरी करते हुए पकड़ लिया। वे उन्हें महाराज के सम्मुख ले आये। महाराज ने उन्हें पाँच सौ कोड़ों की सजा सुना दी। अभी सैनिक उन पर कोड़े बरसाने शुरू करने ही वाले थे कि उन चोरों में से एक, जो थोड़ा चालाक-सा था, ने महाराज के सिंहासन के पीछे टँगी भगवान वेंकटेश्वर की तस्वीर देखी। तस्वीर में भगवान का हाथ आशीष देने की मुद्रा में उठा हुआ था। चालाक चोर को कड़ी सजा से बचने की तरकीब सूझी। वह बोला, "महाराज! आप भगवान की तस्वीर के सम्मुख बैठे हैं। भगवान के सामने आपके सैनिक भगवान के ही बच्चों पर इतना जुल्म कैसे कर सकते हैं?"

चोर की बात सुनकर क्षण भर को महाराज और पूरा दरबार सन्नाटे में आ गया। सैनिकों के भी कोड़ा चलाते हाथ रूके रह गये। तभी तेनालीराम खड़ा हुआ और बोला, "इसीलिए तो महाराज ने पांच सौ कोड़ों की सजा दी है। देखो भगवान वेंकटेश्वर भी अपनी पांचों उँगलियाँ दिखा कर उसकी पुष्टि कर रहे है।"

तेनालीराम की बात सुनकर महाराज के साथ पूरा दरबार हँसने लगा और चोरों की सिट्टी-पिट्टी गुम हो गयी।

शिक्षा (Moral of Story): सजा पाने वाले को माफी माँगने का अधिकार है। सजा देने वाले का फर्ज है कि वह न्यायपूर्वक सजा दे।

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  • आज की भाग दोड़ वाली जिंदगी मे समाचारों को व्यवस्तिथ कर प्रस्तुत करना , वाकई महत्वपूर्ण कार्य है