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Education Tour: Departmental directions regarding education tours for schools in Rajasthan

शैक्षिक भ्रमण

प्राचीन समय से ही देशाटन की प्रवर्ति रही है। देशाटन के माध्यम से स्थानों का प्रत्यक्ष दर्शन व अनुभवों का संचय होता है। अनेक विद्यालय अपने विद्यार्थियों को शैक्षिक भ्रमण हेतु ले जाते है।

छात्रों के लिए शैक्षिक भ्रमण आयोजन सम्बन्धित विभागीय निर्देश :

1. शैक्षिक भ्रमण आयोजित करने से पूर्व प्रधानाध्यापक को भ्रमण की शैक्षिक एवं देशाटन के उद्देश्यों को स्पष्ट करते हुए विस्तृत योजना बनानी होगी । इसकी स्वीकृति जिला शिक्षा अधिकारी से लेनी होगी। ।
2. भ्रमण साधारणतया एक हजार किलोमीटर से अधिक दूरी का नहीं होगा अर्थात् जहाँ विद्यालय स्थित

है उससे 500 किलोमीटर की परिधि पर्याप्त है। सामान्यतया प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक शाला का कोई शैक्षिक भ्रमण आयोजित नहीं किया जायेगा। ऐसी संस्थाओं के लिए केवल नगर के बाहर तक वन-उपवन आदि का भ्रमण आयोजित करना पर्याप्त होगा।
3. विद्यार्थी भ्रमण का सम्पूर्ण व्यय स्वयं वहन करेंगे। विद्यालय रियायती टिकट की सुविधा प्रदान करेगा। भ्रमण दल को स्काउट दलों के समान स्वयं सेवा एवं आत्मनिर्भरता के सिद्धान्त को अपनाना होगा ।
4. छात्रों के अभिभावकों से भ्रमण के लिए लिखित स्वीकृति लेनी अनिवार्य होगी।
5. 20 छात्रों के साथ एक अध्यापक/अध्यापिका को भेजा जायेगा।
6. जो अध्यापक
भ्रमण में छात्रों के साथ जायेगा उसका द्वितीय श्रेणी का रियायती रेल टिकट एवं देय दैनिक भत्तों की सीमा तक वास्तविक मार्ग व्यय विद्यालय के छात्रकोष से दिया जायेगा।
7. राजस्थान से बाहर के शैक्षिक भ्रमण की जिला शिक्षा अधिकारी की अभिशंसा पर मण्डल अधिकारी स्वीकृति प्रदान करेंगे।
8. शैक्षिक भ्रमण यथासम्भव अवकाशों में ही आयोजित किये जायेंगे ताकि छात्रों के अध्ययन पर किसी प्रकार का विपरीत प्रभाव न पड़े।

एक संस्था प्रधान द्वारा तैयारी।

1. सर्वप्रथम स्थान चयन करना। स्थान चयन करते समय विद्यार्थियों की सुरक्षा को सर्वोपरि महत्व प्रदान करना चाहिए।
2. राजकीय विद्यालय को एसडीएमसी में एवम निजी विद्यालयों को अपनी प्रबन्ध समिति में शैक्षिक भ्रमण का प्रस्ताव पारित करवाना चाहिए।
3. शैक्षिक भ्रमण हेतु अभिभावकों को सूचित करके उनसे लिखित सहमति आवश्यक रूप से प्राप्त करनी चाहिए। अभिभावकों को भ्रमण का रूट चार्ट व कैलेंडर मय साथ मे जाने वाले शिक्षकों के मोबाइल नम्बर आवश्यक रूप से उपलब्ध करवाने चाहिए।
4. शैक्षिक भ्रमण से पूर्व विभागीय अनुमति प्राप्त करते हुए रेल/बस किराए में छूट हेतु सम्बंधित विभाग को आवेदन करना चाहिए।
5. संस्था प्रधान को भ्रमण के दौरान भ्रमण प्रभारी से नियमित सम्पर्क में रहना चाहिए एवम किसी भी प्रकार की समस्या आने पर विद्यार्थियों की सुरक्षा सम्बंधित कदम उठाते हुए अपने नियंत्रण अधिकारी को अविलंब सूचना देनी चाहिए।
6. शैक्षिक भ्रमण से पूर्व विद्यार्थियों को भ्रमण में सम्मिलित स्थानों की पूर्ण जानकारी प्रदान करते हुए उन्हें निर्देशित करना चाहिए कि वे यात्रा समय किन नियमों का पालन करेंगे।
7. विद्यार्थियों को यात्रा डायरी व यात्रा से प्राप्त अनुभव को लिखने हेतु निर्देशित करना चाहिए एवम उनके अनुभवों का संकलन करना चाहिए।
8. शैक्षिक भ्रमण की विभाग से अनुमति लेने के पश्चात यात्रा आरम्भ व समापन की सूचना भी नियंत्रण अधिकारी को प्रेषित करनी चाहिए।