Fan (film): Movie review and remembrance of Rajesh Khanna.

फिल्म ” फैन ” – सम्पूर्ण समीक्षा एवं विवेचन !

आज शुक्रवार दिनांक १६ अप्रैल को रिलीज़ फिल्म ” फैन ” की समीक्षा से पूर्व चंद पंक्तियां बॉलीवुड के वास्तविक सुपरस्टार दिवंगत राजेश खन्ना साहेब के समर्पित करना लाज़िमी हैं ! फिल्म की विषयवस्तु के बाह्य तथ्य एक सुपरस्टार और उसके खासुलखास फैन के बाह्य सम्बन्धो एवं आंतरिक निर्भरता से सम्बंधित हैं!

श्री राजेश खन्ना बॉलीवुड के पहले निर्विवाद सुपर सितारे थे जिनके फेन्स ने सभी हदो को तोड़ दिया था ! उनका सितारा काल मात्र तीन वर्ष तक ही रहा परन्तु ये तीन साल कमाल के थे ! हसीं बालाएं उनकी कार तक के साथ फोटो खिचवा कर अपना जीवन धन्य समझ लेती थी! अपनी लोकप्रियता के जाने के साथ ही उन्होंने अपने आप को अपनी सुनहरी यादो में कैद कर लिया था और मयनोशी उनके एकांत का उनका एक मात्र फैन बची थी! अंतिम बार एक विज्ञापन में कदरन बुढ़ाते तृण शरीर व कुम्लाहे उदास चेहरे पर अपने फेन्स को सम्बोधित करते हुए एक पंखे के विज्ञापन में उनके शब्द थे-
” बाबू मोशाय ! मुझसे मेरे फेन्स कोई नहीं छीन सकता! ‘
यह पटकथा उन्हें विज्ञापन निर्माता ने दी थी अथवा’ बाबू मोशाय ‘ का उच्चारण उन्होंने स्वयं सम्मिलित किया था अब कहना मुहाल हैं! शायद अपने अंतिम अवतरण में भी अमिताभ पर अपनी श्रेष्ठता स्थापित करने का मोह त्याग नहीं कर पाये थे!

यशराज फिल्म्स के बैनर तले निर्माता आदित्य चौपड़ा व निर्देशक मनीष शर्मा की यह फिल्म सिर्फ सिर्फ और सिर्फ शाहरुख़ खान की फिल्म हैं! फिल्म के नायक, खलनायक, नायिका व संगीत सबकुछ वे ही हैं! फिल्म की कहानी सामान्य हैं और उसका जिक्र ज्यादा मायने नहीं रखता! १४३ मिनट के इस फिल्म में फ्रेम दर फ्रेम शाहरुख खान की मौजूदगी और उनका इम्तिहान हैं! एक साथ सुपरस्टार के रूप में विशिष्ट एवं फैन के रूप में एक सामान्य शख्सियत को जीना और उनके आपसी टकराव को वास्तविक बनाए रखने और मनोरंजन को जारी रखने की एक बड़ी जिम्मेदारी उनके कंधो पर थी! फिल्म से बाहर आने पर कई घंटो तक आप के जेहन पर उनका किरदार ही छाया रहेगा!

एक एक्टर के रूप में शाहरुख़ और एक स्टार के रूप में शाहरुख दोनों अलग अलग शख्स हैं , स्टार गलतियां करता हैं और ऐसा करना अपना हक़ समझता हैं , एक एक्टर सामजिक सरोकार बनाए रखते हुए परदे पर अपनी भूमिका में दिल के छोटे से छोटे अहसास को चेहरे से बयां करता हैं! फिल्म में मध्यान्ह से पूर्व आप अभिनेता शाहरुख से मिल सकते हैं वही मध्यान्ह पश्चात शाहरुख का स्टार परदे पर अवतरित होता हैं! फिल्म के बनते बनते उसकी लागत उन्हें याद दिलाती हैं कि फिल्म का बॉक्स ऑफिस पर सफल होना भी बहुत जरुरी हैं!

हिन्द टीवी फिल्म के बारे में इसे ” वन टाइम वाच” केटेगरी में शुमार रखते हुए शाहरुख़ को एक लम्बे समय बाद एक शानदार किरदार के निर्वहन की बधाई देता हैं ! फिल्म उनके आल टाइम सुपर हिट कल्ब में शामिल होना उनके फेन्स पर निर्भर हैं! फिल्म के सामने कोई प्रतियोगी फिल्म नहीं हैं फिर भी फिल्म तुलनात्मक रूप से कम स्क्रीन्स पर रिलीज़ हुई हैं और बॉक्स ऑफिस पर फेन्स बहुत दिखे परन्तु उन्माद लेकर नहीं!
सुरेन्द्र सिंह चौहान!
suru197@gmail.com

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