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Film Judgemental hair kya?: Movie Review, dialogues and everything.

फ़िल्म जजमेंटल है क्या : फ़िल्म समीक्षा, कहानी व सम्वाद।

थ्रिलर कैटेगरी में कंगना राणावत, राजकुमार राव व जिम्मी शेरगिल की यह फ़िल्म 27 जुलाई 2019 को रिलीज हुई है।

कॉन्सेप्ट-

फ़िल्म बालमन पर पेरेंट्स की आपसी अनबन व हिंसा के प्रभाव से आरम्भ होती है। पेरेंट्स की आपसी लड़ाई के बच्चों पर इफेक्ट को बहुत प्रभावी ढंग से प्रस्तुत किया है। फ़िल्म समाज मे रिश्तों के बीच तनाव व मनोविकार का मुद्दा उठाती है लेकिन किसी हल की तरफ इशारा नही करती।

कहानी-

बॉबी (कंगना राणावत) एक अत्यंत गुस्सेल, जल्दबाज व तुरन्त अभव्यक्ति वाली लड़की है। वह खुद को आर्टिस्ट मानती है लेकिन काम नही मिलने के कारण डबिंग का काम करती है। उसका सामना बहरूपिये राजकुमार राव से होता है जो कि मूलतः अपराधी है। बॉबी तमाम मुश्किलें पार करके भी मंजिल तक पहुँच जाती है।

अभिनय:

जिम्मी शेरगिल के अलावा सब लाउड है। कंगना का लाउड होना तो फिर भी रोल की जरूरत थी लेकिन राजकुमार राव कुछ ज्यादा एफर्ट करते महसूस हुए। जिम्मी के पास ज्यादा कुछ नही था।

सम्वाद-

1. सिखों। इस आलू से, जो कि हर जगह एडजेस्ट होता है।
2. मान लो तो हार, ठान लो तो जीत।
3. जिंदगी बदलने वाली है, सफर जारी रखो।
4. एक जवान की बीबी सीढियां चढ़ती हो तो उसे क्या कहेंगे- चढ़ती जवानी।
5. कहते है कि किसी अजनबी से मिलना इतेफाक नही होता।
6. जब कोई हादसा होने वाला होता है तो दिल साइलेंट हो जाता है तब आवाज मेरे पेट से आती है।
7. मैं सीता हूँ, अब रावण सीता को नही ढूंढ रहा बल्कि सीता राम को ढूंढ रही है।
8. वो पागल है, वो लॉजिक फॉलो नही करती।
9. कर सामना, मत भाग तू।
10. जहाँ से हुई हो शुरुआत, वही से निकले पूरी बात।
11. दुनिया जिनको समझ नही पाती उनको मेंटल कहती है।

रिकमंडेशन-

फ़िल्म देखी जा सकती है लेकिन एंटरटेनमेंट व थ्रिल कुछ खास नही है। इसके अलावा यह फेमिली वाच कैटेगरी में भी नही हैं।