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| On 3 years ago

Film "Soorma" : Indian hockey team sets new records at Jakarta, Asian Games 2018

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"सुरमा" का इफ़ेक्ट: एशियाड 2018 में भारतीय हॉकी टीम का जलवा।

सेनाओं में कोई ज्यादा फर्क नही होता बस मनोबल के आधार पर निर्णय होते है। यह मनोबल ही था जिसके अभाव में 1971 में हजारों पाकिस्तानी सैनिकों ने हिंदुस्तान के आगे घुटने टेक दिए थे।

जिस प्रकार सचिन की बल्लेबाजी ने एक लंबे समय तक भारतीय जनमानस को आगे बढ़ कर लड़ने का आत्मविश्वास प्रदान किया था उसी प्रकार हालिया रिलीज फ़िल्म "सुरमा" ने भारतीय हॉकी के प्रति एक विशेष आकर्षण जगाया है।

मशहूर ड्रेग फ्लिकर संदीप सिंह की जीवनी पर आधारित फिल्म "सूरमा" ने पूरे देश का ध्यान हॉकी की तरफ आकर्षित किया। फ़िल्म देखते समय लोगों के हाथ हॉकी पकड़ने के लिए मचलने लगे थे।

हाल में हो रहे एशियाड 2018 , जकार्ता में पहले भारतीय महिला हॉकी टीम ने कजकानिस्तान को 21-0 से हराया व इस शानदार उपलब्धि से प्रोत्साहित भारतीय पुरूष हॉकी टीम ने हांगकांग को 26-0 से हराकर 86 वर्ष पुराने रिकॉर्ड को ध्वस्त कर दिया।

निश्चित रूप से इस विजय का लाभ हमे मिलेगा व आगामी ओलम्पियाड में हमे सीधे उतरने का अवसर मिल सकेगा। इस रिकॉर्ड जीत का श्रेय निश्चित रूप से टीम की अनुशासन पूर्ण तैयारी, खिलाड़ियों की तैयारी व कोच के निर्देशन को है लेकिन हम फ़िल्म "सूरमा" के इफेक्ट को नही नकार सकते।

अच्छी फिल्में टेम्पो क्रिएट करती है, कुछ करने का जज्बा भरती है व कर गुजरने के लिए तैयार करती है। यही काम दिलजीत दोसाँझ की फ़िल्म ने किया है। इसी तरह की अच्छी फिल्मों की जरूरत हमारे देश को है।

फ़िल्म "सूरमा" की तरह अभी रिलीज फ़िल्म "गोल्ड" भी हॉकी पर ही आधारित है। निश्चित है कि सिर्फ फ़िल्म निर्माण या उनको देखने से ही खेलों में सफलता नही मिलती लेकिन एक वातावरण बनता है।

हम उम्मीद करते है कि बॉलीवुड निम्न श्रेणी फिल्मों के स्थान पर राष्ट्रीय खेलों, घटनाओं व व्यक्तित्वों पर अच्छी फिल्में बनाएगा एवम अभिभावकों से भी निवेदन है कि इन फिल्मों को सिनेमाघरों में देखे क्योंकि मांग का नियम ही बाजार निर्माण करता है।