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Genius Movie Review: Story, Dialogue, Music, Performance and Recommendation.

फ़िल्म जीनियस: अनिल शर्मा के पुत्र उत्कर्ष की डेब्यू फिल्म, समीक्षा, सम्वाद व सारांश।

मशहूर फिल्म निर्माता अनिल शर्मा के पुत्र उत्कर्ष शर्मा व इशिता चौहान की डेब्यू फ़िल्म है "जिनियस"। कम बजट की व नए कलाकारों को लेकर बनाई गई इस फ़िल्म

फ़िल्म जीनियस: कहानी

एक अनाथ बालक "वासुदेव शास्त्री" जिसे गाँव के पुजारी ने पाला था। वासुदेव एक योग्य विद्यार्थी बनकर आईआईटी टॉपर बनता है।
कॉलेज में उसकी मुलाकात नन्दिनी से होती है। कुछ तकरार के बीच दोनों में मुहब्बत हो जाती है।
वासुदेव उर्फ वासु देश की खुफिया संस्थान रॉ" के एक प्रोजेक्ट हाथ मे लेता है। रॉ में हुए एक साइबर अटैक को वासु निष्फल करता है। वासु अपने माता-पिता

की मौत के जिम्मेदार आईएसआई को खत्म करने की लेता है। नाथन, रुबीना, अमन व वासु की स्पेशल टीम बनती है। यह टीम जालंधर के डिपो से चोरी हुए एमयुनेशन के जिम्मेदार को सर्च काम मे जुट जाते है।
एक घटनाक्रम के कारण वासु दो पाटों के बीच फंस जाता है लेकिन अपनी देशभक्ति के भाव के साथ वासु हर खतरे को समाप्त कर देता है।

फ़िल्म जीनियस:नेगेटिव पॉइंट

लम्बे शॉट्स, स्क्रिप्ट, बैकग्राउंड म्यूजिक, कॉलेज के अनावश्यक प्रसंग, अनिल शर्मा के निर्देशन में पुरानी स्कूल का असर।

फ़िल्म जीनियस: पॉज़िटिव पॉइंट

सम्वाद, कहानी में ट्विस्ट, देशभक्ति का डोज, फ़िल्म का क्लाइमेक्स।

फ़िल्म जीनियस: नार्मल पॉइंट

सांग्स, कोरियोग्राफी, म्यूजिक, एक्शन, सिनेमाटोग्राफी, लोकेशन्स।

आकर्षण

मिथुन चक्रवर्ती, आयशा झुलका व नवाजुद्दीन सिद्दीकी।

फ़िल्म जीनियस: संगीत

संगीतकार- हिमेश रेशमिया।
"तेरा फितूर जब से चढ़ गया रे" , " इश्क में निगाहों को मिलती है बारिशें" इत्यादि गाने ठीक ठाक तुकबन्दियाँ है लेकिन संगीत पक्ष बहुत कमजोर है। इसमें शायद संगीतकार का कम अनुभव व बजट की कमी प्रमुख कारण रहा है।

फ़िल्म जीनियस: सम्वाद

1. दुनिया उनको श्रीकृष्ण ने नाम से बुलाती है और हम ब्रजवासी उन्हें प्यार से कान्हा पुकारते है।
2. अरे भाई अल्फा बीटा तुम्हारा गामा कहाँ है।
3. जब जब तुम्हे जिंदगी में मेरी जरूरत पड़ेगी , मैं नहीं आऊंगी पर ये मत समझना की तुमसे प्यार नही करती।
4. तुम जो कुछ भी करती हो शिद्द्त से करती हो, जिस दिन प्यार

करोगी ना जाने क्या कर लोगी।
5. जो हर परिस्थिती में जिंदगी की लड़ाई लड़ता है और जीतता है। वो जीनियस है
6. रण जितने के लिए रण छोड़ना भी पड़ता है।
7. तू मुझे मार सकता है हरा नही सकता।
8. यहाँ सौदे नही सिर्फ संस्कार होते है।
9. मैने अपने माँ बाप को मारा, किसी और को थोड़े ही, फिर किस बात की सजा भाई।
10. हमें आपसे कोई बैर नही लेकिन हमारे घर मे घुसे तो तुम्हारी खैर नही।
11. असली जिनियस वो है जो हर परिस्थिति में लड़ता है।

फ़िल्म जीनियस:परफॉर्मेंस!

नवाजुद्दीन का सेल्फ सेटिस्फाइड अप्रोच उनके लिए ठीक नही है। वे बार बार खुद को दोहराते लगे। उत्कर्ष ने अपनी डेब्यू फिल्म में आत्मविश्वास

दिखाया है लेकिन वे टाइप्ड फिल्मो की जगह लीक से हटकर फिल्मो में बेहतर सिद्ध होंगे। इशिता नार्मल रही , उन्हें बहुत सेक्टर पर कार्य करना पड़ेगा। मिथुन दादा हमेशा की तरह स्टाइल्ड व कॉन्फिडेंट।

फ़िल्म जीनियस: टोटल इफेक्ट।

फ़िल्म मिक्स जेनर की साफ सुथरी फ़िल्म है। ज्यादा मिक्सिंग के कारण व निर्देशकीय चूक के कारण फ़िल्म औसत दर्जे की बन पड़ी है। मध्यांतर के बाद फ़िल्म की स्पीड ठीक है। फ़िल्म अपने नाम के कारण कुछ बेटर ओपनिंग ले सकती है लेकिन कमजोर पब्लिसिटी व नॉर्मल टोटल इफेक्ट के कारण कुछ खास नही कर सकेगी।
हम फ़िल्म को टाइम पास केटेगरी में शामिल करते है।