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Goal 2020: Ensure Rajasthan at the top of School Education Quality Index (SEQI).

लक्ष्य 2020 : राजस्थान को स्कूल शिक्षा गुणवत्ता सूचकांक (एसईक्यूआइ) में सबसे ऊपर लाना।

वर्ष 2019 राजस्थान हेतु बड़े गर्व का विषय रहा है। इस वर्ष राजस्थान ने राष्ट्रीय शिक्षा रैंकिंग में तीव्र विकास करते हुए पूरे राष्ट्र में अनेक उपलब्धि अपने नाम करते हुए सेकंड रेंक प्राप्त की। नवीन कैलेंडर वर्ष में हम अपने विद्यालय, विद्यार्थियों, शिक्षक वर्ग, अभिभावकों, जनप्रतिनिधियों, भामाशाहों व स्थानीय समुदाय के सहयोग से आगे बढ़ेंगे। जैसा कि विदित है कि शिक्षा व्यवस्था की न्यूनतम इकाई "विद्यालय" है एवम प्रत्येक विद्यालय के विकास से ही हम भारत मे नम्बर 1 रेंक प्राप्त कर सकेंगे

राजस्थान को नम्बर वन रैंकिंग पर लाने के लिए आवश्यक है कि राजस्थान की प्रत्येक स्कूल में बेसिक्स पर काम हो एवं निरन्तर शैक्षिक, सहशैक्षिक, भौतिक व वातावरण विकास के साथ ही इन समस्त गतिविधियों का शाला दर्पण पर निरन्तर अपडेटेशन करना होगा। इसके साथ ही हमको अन्य विभागीय पोर्टल्स जैसे - ज्ञान संकल्प पोर्टल, पे मैनेजर, स्कॉलरशिप पोर्टल, आईसीटी कक्षाओं इत्यादि पर पूर्ण ध्यान केंद्रित करना होगा।

राजस्थान स्कूल शिक्षा का निदेशालय बीकानेर है एवम प्रमुख केंद्र डॉ एस. राधाकृष्णन शिक्षा संकुल जयपुर में स्तिथ हैं। आज राजकीय स्कूली शिक्षा में संख्यात्मक व गुणात्मक दोनों आधार पर हमने देश मे विशिष्ट स्थान अर्जित किया है। राजस्थान भौगोलिक आधार पर देश का सबसे बड़ा राज्य है। आज राजस्थान राज्य में 65,133 स्कूल है जिनमें 82,17,276 विद्यार्थी एनरोल्ड है व इनकी शैक्षणिक सहायता हेतु 4,22,593 स्टाफ सदस्य सेवारत है।

आइये। उन बिंदुओं को जानते है जिनके आधार पर राष्ट्रीय रैंकिंग निर्धारित होती हैं। स्कूल एजुकेशन क्वालिटी इंडेक्स में हमसे आगे केरल राज्य है। इस क्वालिटी इंडेक्स को नीति आयोग , मानव संसाधन मंत्रालय व विश्व बैंक जारी करता है। इस रिपोर्ट को दी सक्सेज ऑफ आवर स्कूल्स: स्कूल एजुकेशन क्वालिटी इंडेक्स के नाम से जारी किया जाता है।

इसको तैयार करने के प्रमुख घटक है-

इसमे मुख्य तथ्य स्कूल जाने वाले बच्चों के सीखने के परिणामों को सम्मिलित किया जाता है। इस इंडेक्स को अब नियमित रूप से जारी किया जाएगा। इस प्रकार अब प्रत्येक राज्य के शिक्षा सम्बन्धित सुधारो की नियमित व पारदर्शी समीक्षा होगी ।

1. शिक्षा का स्तर।
2. शिक्षा तक आम बालक-बालिकाओं की पहुँच।
3. शिक्षा में समानता।
4. शिक्षा से सम्बंधित आधारभूत सुविधाएं एवम ढांचा।
5. शिक्षा से सम्बंधित सुविधाएं।
6. विद्यार्थियों की सीखने की क्षमता को बढाने के प्रयास।

हमको प्रत्येक स्कूल में उपरोक्त बिंदुओं पर फोकस रहकर कार्य सम्पादन करना है। उपरोक्त बिंदुओं को हमको विद्यालय योजना में सम्मिलित करना है इसके साथ ही विद्यालय द्वारा संपादित की जाने वाली प्रत्येक गतिविधियों में इन बिंदुओं को सम्बन्धित रखना है। हम बालसभा , प्रार्थना सभा, उत्सव जयन्ती इत्यादि में भी इन बिंदुओं को सम्मिलित कर सकते है।

उपरोक्त के अतिरिक्त गणित, विज्ञान व अंग्रेजी विषय पर शिक्षक साथियों को विशेष फोकस रहकर निरन्तर रूप से स्वयं को अपडेटेड रखते हुए विद्यार्थियों की जिज्ञासाओं का शमन करते हुए उन्हें विषय से सम्बंधित गतिविधियों में सम्मिलित रखना होगा। सार्थक परिणाम आने में समय अवश्य लगता है लेकिन इनकी प्राप्ति पर एक विशेष आनंद की अनुभूति भी हमको मिलती है।

आइये, वर्ष 2020 में हम लक्ष्य बनाकर शैक्षिक व सहशैक्षिक गतिविधियों का संचालन करें ताकि हम नम्बर एक का स्थान प्राप्त कर सके।