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Good Friday

गुड़ फ्राइडे | Good Friday

गुड़ फ्राइडे त्यौहार ईसाई धर्म के लोगों द्वारा ईसा मसीह को सूली पर चढ़ाने के कारण उनकी मृत्यु हो जाने के कारण मनाया जाता है। यह त्यौहार पवित्र सप्ताह के दौरान मनाया जाता है। गुड फ्राइडे 02 अप्रैल को मनाया जाता है। ईसाई धर्म के सबसे खास दिनों में से एक दिन गुड फ्राइडे का भी है। ईस्टर संडे से पहले वाले शुक्रवार को गुड़ फ्राइडे किया जाता है। गुड फ्रायडे एक ऐसा दिन था जब ईसा मसीह ने अपने भक्तों के लिए बलिदान देकर निःस्वार्थ प्रेम की पराकाष्ठा का उदाहरण प्रस्तुत किया था । ईसा मसीह ने विरोध और यातनाएँ सहते हुए गुड़ फ्राइडे के दिन अपने प्राण त्याग दिए। गुड़ फ्राइडे को उन्हीं की आराधना और शिक्षा के माध्यम से इंसानियत की राह पर चलने का ज्ञान देने वाले दिन के रूप में गुड़ फ्राइडे मनाया जाता हैं। यह मानव इतिहास के सबसे दुखदायी दिनों में से एक हैं इस गुड़ फ्राइडे दिवस को ही प्रभु यीशु को क्रॉस पर चढ़ाया गया था और उन्होंने मानव जाती के हित में अपने प्राणो का बलिदान किया था।

ईसाई धर्म के अनुसार ईसा मसीह ईश्वर के पुत्र थे। अपने जीवन के अंतिम क्षण तक ईसा मसीह ने लोगों में प्रेम और विश्वास जगाने वाले प्रभु यीशु को तमाम शारीरिक यातनाएं देने के बाद फ्राइडे के दिन ही क्रॉस पर लटकाया गया था। इसलिए उस दिन को ‘गुड फ्राइडे’ के नाम से संबोधित कर प्रभु यीशु को याद किया जाता है।

गुड़ फ्राइडे कैसे मनाया जाता हैं ? | How do we celebrate Good Friday?

गुड़ फ्राइडे 02 अप्रेल 2021 को मनाया। इस दिन ईसाई धर्म के लोग व्रत एवं उपवास रखते हैं। इस दिन कुछ लोग एक दूसरे को बधाई देते हैं जो की उचित नहीं हैं। ईसाई धर्म में गुड फ्राइडे को शोक दिवस के रूप में मनाया जाता है।

गोलगोथा क्या हैं? | What is GOLGOTHA?

गोलगोथा उस स्थान का नाम हैं जहां ईसा मशीह को सूली पर चढ़ाया गया था।

ईसा मसीह को सूली पर क्यों चढ़ाया गया था ? | Why the Jesus Christ was hunged?

ईसाई धर्मग्रंथों के अनुसार ईसा मसीह, लोगों को मानवता, अहिंसा, और

एकता का उपदेश देते थे। जीवन और धर्म के सच्चे स्वरूप को समझाते थे। उनका कहना था कि धर्म मन को जीतने का उपाय है। लोग उनके उपदेशों को ध्यान से सुनते थे। धीरे-धीरे उनके अनुयायियों की संख्या बढ़ने लगी। लोग उन्हें ईश्वर मानने लगे।

इसके चलते तत्कालीन धार्मिक कट्टरपंथियों, और पाखंडियों को अपने लिए खतरा महसूस होने लगा। उन लोगों ने रोम के शासक पिलातुस से प्रभु यीशु की खूब बढ़ा-चढ़ा कर शिकायत की। उन्होंने पिलातुस से यीशु के बारे में कहा कि वह स्वयं को ईश्वर पुत्र कहता है। लोगों से कहता है कि ईश्वर ने मानव-कल्याण के लिए उसे इस दुनिया में भेजा है। वह लोगों से ईश्वर-राज की बात करता है। कट्टरपंथियों ने मसीह पर लोगों को राजा के विरुद्ध भड़काने का भी आरोप लगाया। राज-द्रोह और धर्म- द्रोह दोनों को ध्यान में रखते हुए गुस्से में आकर पिलातुस ने ईसा मसीह को मृत्युदंड दे दिया। प्रभु यीशु को पहले कोड़ों से पीटा गया, उसके बाद उनके सिर पर काँटों से भरा ताज पहनाया गया। अंत में उन्हें क्रॉस पर लटका दिया गया। मृत्यु से ठीक पहले

यीशु ने प्रभु से प्रार्थना की कि ,हे प्रभु इन्हें क्षमा करना, ये नहीं जानते है कि ये क्या कर रहे हैं।

ईस्टर और ईस्टर संडे | Easter and Easter Sunday


ईसाई धर्मग्रंथों के अनुसार ऐसी मान्यता है कि ईसा मसीह अपनी मृत्यु के तीसरे दिन पुनः जीवित हो उठे थे। जैसा की हम जानते हैं कि ईसा मसीह को शुक्रवार को सूली पर चढ़ाया गया था अतः उनके पुनः जीवित होने का दिन रविवार था। तब से उस रविवार को ईस्टर संडे कहते हैं। प्रभु यीशु के पुनः जी उठने की खुशी में ईस्टर सेलिब्रेशन होता है। ईस्टर संडे को बड़े उत्साह से मनाया जाता हैं।

ईस्टर संडे के दिन सभी चर्चो को खूब सजाया जाता है। इस आयोजन को आयोजित करने के लिए मोमबत्तियाँ जलाई जाती हैं। चर्च में एकत्र होकर लोग धार्मिक गीत गाते हैं एवं प्रार्थना करते हैं, एक दूसरे को उपहार देते हैं। ईस्टर दे को दिए जाने उपहार ज्यादातर अंडे के आकार [ oval shape ] के होते हैं। ईस्टर संडे के दिन कुछ लोग बीजारोपण करते हैं। गुड फ्राइडे आयोजन शांति से किया जाता है इसके पूर्णतया विपरीत ईस्टर संडे के दिन झूम झूम उठते हैं। सुबह से शाम तक आनंद उत्स्व की लहर चलती रहती है। कई स्थानों पर नृत्य और संगीत का भी कार्यक्रम आयोजित होता हैं । ईस्टर संडे के दिन ईसाई समुदाय के अनुयायियों के घरो में अनेक प्रकार के व्यंजन बनते हैं तथा अनेक प्रकार का खाना-पीना होता है। यह दिन ईसाई धर्म के लोगों के लिए बेहद महत्वपूर्ण है।