Health Tips | बवासीर की समस्या में खानपान सुधार से राहत ।

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वर्तमान भागदौड़ की जिंदगी में व्यायाम व खान पान की निम्न गुणवत्ता के कारण अनेक शारिरिक समस्याओं का जन्म हो रहा है इनमें ब्लडप्रेशर, मधुमेह, बवासीर इत्यादि प्रमुख है। अगर किन्ही कारणों से आपको बवासीर की समस्या आरम्भिक चरण में है तो आप प्राकृतिक रूप से अपने खान-पान में सुधार करके राहत प्राप्त कर सकते है।

अगर किसी को बवासीर की समस्या है तो उसे भूलकर भी कुछ खाद्य पदार्थों का सेवन नही करना चाहिए अन्यथा बीमारी में इजाफा हो सकता है।

आइये, सबसे पहले हम यह जानकारी प्राप्त करेंगे कि बवासीर की समस्या में हमे किन खाद्य पदार्थों को काम मे नही लेना चाहिए अथवा न्यूनतम मात्रा में काम मे लेना चाहिए? What Food To Avoid In Piles? जैसा कि आप जानते ही है कि मलाशय और मल मार्ग में दाने होने को ही बवासीर के रूप में जाना जाता है। आधुनिक समय मे एक अनुमान के अनुसार करीब 60 प्रतिशत लोगों को उम्र के किसी न किसी पड़ाव पर बवासीर की परेशानी का सामना करना पड़ता है। इसलिए हमको ये जानना जरूरी है कि बवासीर के मरीजों को किस चीजों से परहेज करना चाहिए?

  • निरन्तर पुरानी कब्ज और सख्त मल की वजह से बवासीर की समस्या बढ़ सकती है.
  • मलाशय और मल मार्ग में दाने होने को ही बवासीर के रूप में जाना जाता है। इस सम्बंध में आप किसी मेडिकल लेख अथवा पुस्तक से अधिक जानकारी प्राप्त कर सकते है।
  • 60 फीसदी लोगों को उम्र के किसी न किसी पड़ाव पर इसका सामना करना पड़ता है।

पाइल्स यानी बवासीर एक ऐसी बीमारी है, जिसमें व्यक्ति को शौच करने में दिक्कतों का सामना करना पड़ता है. इसमें गुदा (Anus) के भीतर और बाहर, साथ ही मलाशय (Rectum) के निचले हिस्से में सूजन आ जाती है. पुरानी कब्ज और सख्त मल की वजह से बवासीर की समस्या प्रायः बढ़ सकती है। मेडिकल जानकारी के अनुसार मलाशय और मल मार्ग में फोड़ों को ही बवासीर के रूप में भी जाना जाता है। बवासीर से बचने के लिए या बवासीर हो जाने पर राहत पाने के लिए ये जानना भी जरूरी है कि बवासीर के मरीजों को किस प्रकार के खाद्य पदार्थों से परहेज करना चाहिए।

शराब, मद्यपान, बीयर व अल्कोहल बवासीर को बढ़ा सकती है।

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पाइल्स के मरीजों शराब, बीयर व किसी भी एल्कोहलिक पेय पदार्थों से परहेज करना चाहिए। जैसा कि हम जानते है कि अल्कोहल की तासीर गर्म होती है अतः एल्कोहल इस समस्या को बढ़ा सकता है। इसके साथ ही बवासीर के दौरान अल्कोहल के थोड़े से भी अधिक सेवन से आंतों में निर्जलीकरण की परेशानी भी हो सकती है। आंतों में निर्जलीकरण कब्ज को बढ़ावा दे सकता है जो कि अंततः बवासीर के पेशेंट्स के लिए नुकसानदेह साबित हो सकता है।

तेज मसालेदार खाने से बवासीर की समस्या बढ़ सकती है।

अगर किसी भी व्यक्ति को बवासीर की समस्या है तो ऐसे व्यक्ति को चाहिए कि वह तेज मसालेदार खाने का सेवन न करें। तेज मसालेदार खाना खाने से मल त्याग करने के दौरान दर्द या खुजली या जलन या तीनो महसूस हो सकता है और इनसे खून के बहाव को और बढ़ा सकता है।

अधिक डेयरी उत्पादों का प्रयोग बवासीर में नुकसान दे सकता है।

जिस व्यक्ति को बवासीर की समस्या हो तो उसे अधिक डेयरी प्रोडक्ट्स का सेवन भी सोच समझ कर करना चाहिए। कुछ फूड एक्सपर्ट की राय में दूध, पनीर आदि से गैस बनने और कब्ज की समस्या उतपन्न आदि हो सकती है अतः ऐसे में दूध और उससे बने उत्पाद आपकी समस्या को और बढ़ा सकते हैं। इसलिए डेयरी प्रोडक्ट का सेवन भी सीमित मात्रा में करें ।

गर्म तासीर की वस्तुओं का सेवन

गर्म तासीर की वस्तुओं से आशय आयुर्वेद के अनुसार उन वस्तुओं के खाने से एसिडिटी,बवासीर में खून बहना, नकसीर आना,सरदर्द,वमन, अतिसार,हो जाए या गर्मी में खाने से अधिक गर्मी लगे वोह गर्म तासीर के पदार्थ होते हैं। इन वस्तुओं में मछली ,अंडा, मांसाहार, चाय, केसर, बैंगन, गाजर, गुड़, कुल्थी, अजवाइन, आम, अंजीर अखरोट,जैतून ,तिल, पिंड ख़जूर, अदरक इत्यादि होती है।

बवासीर के मरीजों को गर्म तासीर की वस्तुओं का सेवन नहीं करना चाहिए अथवा कम से कम करना चाहिए। इससे उनकी परेशानी और बढ़ सकती है. मल त्याग करते वक्त दर्द महसूस हो सकता है।

डीप फ्राइड व प्रोसेस्ड फूड भी बवासीर की समस्या बढ़ा सकती है।

प्रोसेस्ड फूड किसे कहते है?

प्रोसेस्ड फूड ऐसे खाद्य पदार्थ होते हैं, जिन्हें पहले से बनाकर रख दिया जाता है और लंबे समय तक संरक्षित रखने के बाद उपयोग किया जाता है। 

डीप फ्राइड फूड किसे कहते है ?

डीप फ्राइड फूड जैसे- समोसे, पकौड़े, फ्रेंच फाइज, बर्गर और पिज्‍जाइत्यादि होते है। इनको सीधे गर्म तेल में तला जाता है।

बवासीर के मरीजों डीप फ्राइड और प्रोसेस्ड फूड का इस्तेमाल कम से कम करना चाहिए क्योंकि इन फूड्स को पचाने में मुश्किल महसूस हो सकती है। साथ ही इनके अंदर नमक भी काफी ज्यादा होता है जो समस्या को और बढ़ा सकता है। नमक अधिक खाने पाचन पर असर पड़ सकता है और कब्ज की समस्या हो सकती है।

अस्वीकरण

सलाह सहित यह सामग्री केवल सामान्य जानकारी प्रदान करती है. यह किसी भी तरह से योग्य चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है. अधिक जानकारी के लिए हमेशा किसी विशेषज्ञ या अपने चिकित्सक से परामर्श करें. यह वेबसाइट इस जानकारी के लिए ज़िम्मेदारी का दावा नहीं करता है.

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