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Hindu | हिन्दू

हिन्दू एक प्राचीन शब्द है जिसका विवरण प्राचीन हिन्दू ग्रन्थों, उपनिषदों व मीमांसाओं में हुआ है हिन्दू शब्द का अर्थ यह है कि जो व्यक्ति प्राचीन हिन्दू ग्रन्थों में प्रमाणय बुद्धि का अवलम्बन करते हुए विश्वास व निष्ठा रखता है वही हिन्दू हैं। प्राचीन कल्पतरु शब्द कोष में भी हिन्दू शब्द को समझाया गया है। जो अपनी तपस्या से दैहिक पापों तथा चित्त को दूषित करने वाले दोषों को नाश करता है वह हिन्दू हैं।

एक मान्यता यह भी है कि पूर्व काल मे भारत मे रहने वालों को यहाँ व्यापार हेतु आने वाले व्यापारियों ने यहां प्रवाहित होने वाली सिंधु नदी के कारण हिन्दू नाम दिया था। मूलतः सनातन धर्म को मानने वाले लोगो को ही हिन्दू कहकर संबोधित किया जाता हैं। इसके पश्चात यूरोपीय देशों के निवासी भारत को हिन्दू की जगह INDU सम्बोधित करने लगे व कालांतर में इसे India कहा जाने लगा। हम मूलतः हिन्दू शब्द की व्याख्या कर रहे है लेकिन अन्य शब्द समान्तर होने के कारण इस चर्चा में सम्मिलित हुए हैं।

हिन्दू एक जीवन शैली एवं धर्म है। हिंदू धर्म किसी एक व्यक्ति पर नही अपितु शाश्वत मूल्यों पर आधारित धर्म है। हिंदुत्व सत्य, अहिंसा, परोपकार व करुणा पर आधारित धर्म हैं। उदारता एवम सहिष्णुता हिन्दू धर्म के प्रमुख आधार माने जाते हैं। हिन्दू शब्द का अर्थ अनेक विद्वानों ने यह भी बताया है कि जो लोग सिंधु घाटी के पास रहते थे उनको हिन्दू कहा गया। यहाँ पर एक और तर्क भी दिया जाता है कि अंग्रेज क्योंकि सिंधु को हिंदू कहकर संबोधित करते थे अतः सिंधु घाटी के निवासी हिन्दू कहलाए। यह बिल्कुल ही गलत तथ्य हैं। हिन्दू एक स्वतंत्र शब्द है एवम हजारों सालों से हिन्दू शब्द प्रचलित है। इसका सिंधु अथवा इंग्लिश उच्चारण से कोई प्रत्यक्ष

सम्बंध प्रतीत नही होता है। वर्तमान में विकिपीडिया इत्यादी ज्ञान के कुछ पोर्टल है जिन पर अपलोड की गई सामग्री को बहुत लोग प्रमाणिक मान लेते है जो कि गलत है।
हिन्दू Www.shivira.com

Who are Hindu? | हिन्दू कौन है?

प्रत्येक वह व्यक्ति जो हिंदुत्व में विश्वास करता है वह हिन्दू हैं। प्रत्येक वह व्यक्ति जो कि सनातन जीवन शैली में विश्वास रखता है वह हिन्दू हैं। हिन्दू एक धर्म अवश्य है लेकिन उससे कही पहले हिंदुत्व एक जीवन शैली व हिन्दू उसको मानने वाला व्यक्ति है।

अचानक पूरे विश्व मे हिंदुत्व व हिन्दू को अपनाने की होड़ सिर्फ इसलिए मच रही है क्योंकि यह जीवनशैली जिंदगी से जुडी हुई है। हम किसी अन्य धर्म की बात करना उचित नही समझ रहे है क्योंकि हमारे लिए सभी धर्म समान महत्व रखते हैं। इस तर्क के उपरांत भी हिंदुत्व ही सभी हेतु सदैव आकर्षण का केंद्र बिंदु रहेगा।

विश्व के इस एकमात्र धर्म मे सभी तरह की उदारता एवम सम्पूर्ण ज्ञान उपलब्ध है। सनातन धर्म मे जिसे की हिंदू धर्म कहा जाता है इसमे ज्ञान का ऐसा भंडार है कि जिसे कितनी भी बार विदोहन किया जाए वह सदैव नवीन ही रहेगा। हम भारतवासी सनातन धर्म के सदैव ऋणी रहेंगे कि हिन्दू धर्म सदैव हमारा मार्गदर्शन करेगा।

हिन्दू अथवा सनातन धर्म। Www.shivira.com

Hindu Means What ? | हिन्दू क्या हैं?

हिन्दू वह व्यक्ति है जो दूसरों को पीड़ा देना अधर्म समझे एवम दूसरों को सुख देना धर्म समझे। हिन्दू एक विराट धर्म है इसमे से अनेक सम्प्रदाय व शाखायें निकली हैं। मूलतः सनातन धर्म से ही बौद्ध, जैन, सिख, आर्य इत्यादि धर्म प्रस्फुटित हुए है। बोध धर्म के जनक को हिंदुत्व में नोवां अवतार माना जाता हैं। यह भी एक निश्चित मत है कि हिंदुत्व विचारधारा व जीवन शैली है अतः इस विचारधारा में सभी का स्वागत एवम स्वीकृति है। दुनिया मे हिंदुत्व को लेकर कही भी किसी प्रकार का विरोध अथवा अस्वीकृति आदिनांक तक नही हैं।

जप, तप, त्याग से अपनी दैहिक इच्छाओं पर विजय प्राप्त करता एक संत। Www.shivira.com

Hindu Thinking | हिंदू सोच

हिन्दू धर्म मे कर्म, पुनर्जन्म, मोक्ष व स्वर्ग-नरक को विशेष स्थान दिया गया है। प्रत्येक हिन्दू के मानसिक अवचेतन में यह जरूर रहता है कि जैसा कर्म करेगा वैसा ही फल देगा भगवान। यानी प्रत्येक हिन्दू अपने कर्मों की शुचिता के प्रति जागरूक रहता हैं। वह मानता है वर्तमान जीवन के कर्मो के आधार पर ही या तो उसे मोक्ष मिलेगा अथवा पुनर्जन्म मिलेगा। जन्म एवम पुनर्जन्म के मध्य उसे अपने कर्मों के आधार पर स्वर्ग का सुख अथवा नरक का दुख अवश्य भोगना पड़ेगा।

Hindu Ideology | हिन्दू विचारधारा

हिंदू विचारधारा एक सरल विचारधारा है जिसमे हर

उस व्यक्ति को स्थान दिया जाता है जो कि सनातन विचारों अर्थात सत्य, अहिंसा, परोपकार, सदभावना व मैत्री से जुड़े हों। हिन्दू इतनी सरल विचारधारा है कि इसमे इनसे अलग होकर किसी सम्प्रदाय अथवा पंथ को स्वीकार करने वाले व्यक्तियों का भी पूर्ण सम्मान व अधिकार बना रहता है तथा इनमें आपस मे रोटी व बेटी का व्यवहार सामान्य रहता है। हिंदुओं से निकले सभी पंथ व सम्प्रदाय आपसी रूप से एक दुसरे का पूर्ण सम्मान करते हुए उनके धार्मिक स्थलों पर जाते है एवम पूजा-अर्चना करते हैं।

Basics of Hindu Religion | हिन्दू धर्म के आधार

हिंदू धर्म के तीन प्रमुख आधार है। हिन्दू धर्म के तीन प्रमुख आढ़ार ब्रह्मा, विष्णु व महेश है। इन तीनो को महादेवता कहा गया हैं। बड़ा सुखद है कि यह समझना कि ब्रह्मा इस सृष्टि के रचयिता है, विष्णु इस सृष्टि के पालनहार है जबकी महेश इस सृष्टि के संहारक है। इससें बढ़ कर आपको क्या स्पष्टीकरण मिल सकता हैं?

ब्रह्मा जी ने विचार पश्चात इस दुनिया अथवा सृष्टि को उतपन्न किया जबकि विष्णुजी ने अनेकानेक बार अवतार लेकर इस दुनिया को पाप से बचाया लेकिन इस सृष्टि या दुनिया का समापन श्रीमहेश के द्वारा ही होगा। इससे सुंदर विभाजन किसी भी प्रकार नही किया जा सकता है। आइये, अब हम इन तीनों महाशक्ति को समझने का प्रयास करते हैं।

Brahma | ब्रह्मा

ब्रह्मा जी का निवास स्थान हिन्दू लोक माना जाता है। इनके मंदिर बहुत कम है। इनका प्रमुख मंदिर राजस्थान के पुष्कर में स्तिथ है। हिन्दू धर्म मंदिरों में इनकी मूर्ति में आपके चार मुख दर्शाए है। इनके चार मुख के बारे में वर्णित है कि इनके मुख से निकलने वाले चार वेद सृष्टि की चार दिशाओं को सदैव आलोकित करेंगे।

Vishnu | विष्णु

बड़ी विचित्र बात है कि वेदों में भगवान विष्णु का ज़िक्र ज्यादा नही होने के उपरांत भी वर्तमान जगत में सर्वत्र विष्णु भगवान का ही वर्णन है। ऋषि वेदव्यास ने विष्णु जी का पूर्ण विवरण विष्णु पुराण में किया है। भगवान विष्णु के अवतार ही सम्पूर्ण सृष्टि की रक्षा हेतु अवतरित होते हैं।।

भगवान जय श्री राम Www.shivira.co

भगवान विष्णु के तीन स्वरूप कहे गए है । तत्व रूप में महाविष्णु, तत्वों के धातु स्वरूप में गर्भदक्षाय विष्णु एवम सीरोतक्षाय रूप में विष्णुजी सभी मे प्राण रूप उत्पन्न करते हैं। आधुनिक भाषा मे अगर कहे कि विष्णु भगवान मैटर, एनर्जी, लाइफ, काल व प्राण हैं। भगवान विष्णु ही समय है एवम उनको समझना आसान कदापि नही हैं।

भगवान विष्णु शेषनाग पर विराजमान रहते है एवं यह परिकल्पना भी की गई है कि हमारी पृथ्वी शेषनाग के फन पर ही आधारित हैं। भगवान विष्णु के अनेक अवतार है जो कि धर्म की

स्थापना हेतु व अधर्म के विनाश हेतु समय समय पर अवतरित होकर धर्म की रक्षा करते है।

Mahesh (Shiva) | महेश

भगवान महेश को महादेव कर रूप में जाना जाता है। भगवान महादेव अथवा महेश को संहारक के रूप में पूजा जाता है। महेश भगवान को महादेव के अतिरिक्त शिव, शंकर, शंभु इत्यादि नामो से भी वर्णित किया जाता है। भगवान शिव के बारे में यह कहा जाता है कि देवों के देव महादेव अपनी सरल प्रकति के कारण भक्तों पर बहुत जल्दी प्रसन्न हो जाते है।

जय शिव शंकर। Www.shivira.com

Service is The Ultimate Truth | सेवा ही सत्य

हिन्दू धर्म मे अपने आराध्य देवता की सेवा करने से ही सन्तोष प्राप्ति का मार्ग बतलाया गया है। दुनिया के सबसे बलशाली श्री हनुमानजी को भी श्री राम के कार्य पूर्ण करने से ही सन्तोष प्राप्ति होती थी। श्री हनुमानजी द्वारा निश्चल भाव से अपने आराध्य देव श्री राम की सेवा की गई थी ऐसा उदाहरण मिलना मुश्किल है।