How can we increase foreign investment in India?

वोक्सवैगन: चीन में 12 करोड़ इलेक्ट्रिक कारे बनाएगी। भारत में क्यों नही?

एक विश्वसनीय चीनी मीडिया की रिपोर्ट हैं कि वोक्सवैगन कम्पनी 2028 तक 22 इलेक्ट्रिक मिलियन कारो के निर्माण की योजना बना रही है इनमें से करीबन 12 करोड़ इलेक्ट्रिक कारे चीन में निर्मित होगी।

जैसा कि हम जानते हैं कि वोक्सवैगन एक जर्मन कम्पनी है एवम ऑटोमोबाइल दुनिया में एक अहम नाम है। पैसेंजर्स कार व मोटरसाइकिल की दुनिया में इसके अनेक ब्रांड वर्ल्डवाइड धूम मचा रहे हैं।

प्रश्न यह नही है कि वोक्सवैगन ने चीन को क्यो चुना? यह एक प्रतिस्पर्धी व्यवसायिक कम्पनी है उसके निर्णय उनके स्वयम के है एवम गुणावगुण पर आधारित है। हम सिर्फ एक समाचार के रूप में इसका अध्ययन कर रहे हैं।

भारत भी एक प्रतिस्पर्धी बाजार है एवम विदेशी निवेश हमारी प्राथमिकता है। प्रत्यक्ष विदेशी निवेश से भारतीय उत्पादन क्षमताओं का विकास होता है जिससे हमारे विकास में सहायता प्राप्त होती है।

हम क्या करें कि भविष्य में हमारे राष्ट्र के अवसर बढ़े?

मात्र शैक्षणिक योग्यता नही अपितु कुशलता का विकास करें-

भारत में विशाल शैक्षिक आधारभूत सरंचना निर्मित हो चुकी है अब हमारे टेक्नोलॉजी आधारित यूनिवर्सिटीज व कॉलेजो में गहन रिसर्च पर काम के साथ अधिक व्यवहारिक शिक्षा पर बल देना होगा। यह जरूरी है कि हमारे यहां उपलब्ध ह्यूमन रिसोर्स की बेटर ट्रेनिंग हो।

विशालकाय व सुविधाओं से युक्त सेज विकसित करने होंगे।

सेज (SEZ) यानी स्पेशल ईकोनॉमिक ज़ोन को और अधिक स्पेसिफिक, फेसिलेटेड व प्रोफेशनल करना होगा। हर सेज के साथ सेंट्रल व स्टेट को टोटली कनेक्ट रहकर उसे हेजल फ्री एनवायरमेंट देना होगा।

देश में अधिक भाषा सेंटर्स डवलप करने होंगे।

आज जब सम्पूर्ण विश्व ग्लोबल विलेज बन गया है तो भारत को ना केवल सम्पूर्ण विश्व की भाषाओं को सीखना पड़ेगा बल्कि साथ ही समस्त देशों की कलचर को सीखना पड़ेगा ताकि बेहतर सम्बंध बन सके।

विश्व परिदृश्य पर नजर रखनी होगी।

यह आवश्यक है कि बदलते विश्व पर हमारी तीखी नजर रहे एवं अपने संसाधनों, प्लानिंग व ट्रेनिंग्स को नियमित रूप से अपडेट करे। हमे अभी से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसे नए कॉन्सेप्ट पर एडवांस वर्क करना होगा।

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