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सफलता कैसे प्राप्त होती है? (How to Achieve Success in Hindi?)

सफलता कैसे प्राप्त होती है? सफलता प्राप्ति के तीन मन्त्रो द्वारा आप अपनी सफलता सुनिश्चित कर सकते है।

सफलता कैसे प्राप्त होती है? (How to Achieve Success in Hindi?)

मोटिवेशनल वार्ताओं के दौरान बहुत सी बाते समझाई व कही जाती है। वे सब बातें बिल्कुल सही हैं एवं उनके आधार पर भी आप सफल हो सकते है। उन सब बातों को आप फॉलो करें व मेरा विश्वास करें कि यह तीन मंत्र आपके लिए अच्छे है।

इस लेख में केवल 3 मंत्र शेयर करूंगा और पहले ही बता दूं कि वे आप जानते है लेकिन मैं आपकों उन्हें सरल तरीके से विश्वास सहित बताने वाला हूँ। आप इन तीन बातों को सुनिए, समझिए, इन पर विश्वास कीजिये व सबसे महत्वपूर्ण है कि इन बातों को अपनी सराउंडिंग्स, अपने परिवार व खासरूप से अपने युवा बच्चों के साथ शेयर कीजिये।

पहला मंत्र -

1. आपके पास भी 1450 या 1200 ग्राम ही है-

दुनिया मे बड़े से बड़े वैज्ञानिक, इतिहासकार, राजनीतिज्ञ, शिक्षाविद के पास अगर वह पुरुष है तो 1450 व अगर महिला है तो 1200 ग्राम ही दिमाग होता है। मेरा यकीन मानिए की आपके पास भी इतना है। इससे एक ग्राम भी कम नही है।

अगर वे सब भी इसी मस्तिष्क के साथ सफल हो सकते है तो निश्चय मानिए की आप भी सफल हो सकते है। अतः यह कहना बन्द कर दीजिए कि किसी का दिमाग ज्यादा इंटेलिजेंट है व किसी का कम। बस इतना मान सकते है कि कोई इसका ज्यादा इस्तेमाल सुनिश्चित करता है व कोई कम।

अतः आप आज से इसका ज्यादा से ज्यादा इस्तेमाल सुनिश्चित करें व इसको ज्यादा यूजफुल व एफिशिएंट बनाने का तरीका है कि-

  • आप फोकस रहे।
  • नई चीजें अपने फील्ड की सीखे।
  • इनोवेटिव आइडियाज को आने दे।
  • खुद को स्वस्थ रखें।

इसके साथ ही मनोरंजन, योग, मेडिटेशन आपकी हेल्प करेंगे।

आपको इसी 1400 ग्राम के दिमाग को हथियार बनाना है व इसी की आपकी मिल्कियत आपके लिए सफलता के नए द्वार खोलेगी। आप इस पर बहुत विश्वास रखे।

2. किसी भी सक्सेसफुल आदमी के पास कोई एक्सट्रा ऑर्गन नही था।

आपके पास भगवान के घर से बहुत शानदार, मजबूत, खूबसूरत व विशेष शरीर मिला है। यह शरीर बहुत विशेष है। दुनिया मे इससे बढ़कर कोई इंजीनियरिंग की मिसाल अभी तक नही है। अभी दुनिया के सारे डॉक्टर इसको समझने का प्रयास कर रहे है, वे इसकी जितनी क्वालिटी ढूंढ पाए है उससे कहीं अधिक क्वालिटी अभी खोजनी शेष हैं। भगवान के घर से मिली यह नियत बेशकीमती व बेमिसाल हैं।

आपको इसी के

माध्यम से सभी सफलताओं को अर्जित करना है। दुनिया के सभी सक्सेसफुल लोगों के पास उतनी ही शरीरिज शक्तियाँ थी जितनी कि आपके पास बल्कि बहुत अधिक के पास तो आपसे बहुत कम थी। आज हजारों उदाहरण हमारे सामने है जिनसे यह स्पष्ट है कि लाखों विकलांगता से पीड़ित लोगों ने सफ़लता को वरण किया है।

यह भी क्लियर है कि लाखों दिव्यजनों-विशेष जनों ने किसी मानवीय ऑर्गन के अभाव में भी सफलता प्राप्त की तो यह भी क्लियर है कि अन्य सक्सेसफुल लोगों के पास कोई भी एक्सट्रा ऑर्गन नही था। अतः ये क्लियर है कि आपके पास सफल होने के लिए पर्याप्त शारीरिक शक्तियां हैं।

3. बस एक निर्णय व उस निर्णय के प्रति आस्था की जरूरत है :

विवेकानंद, धीरूभाई अंबानी, हेनरी फोर्ड, टाटा, आइंस्टाइन, ओबामा, सचिन, मेरोडोन, तुलसीदास, अमिताभ, बिल गेट्स, मार्क जुकरबर्ग इत्यादि किसी की भी जीवनी

या साक्षात्कार पढ़ लीजिए । आप पायेंगे मि उन्होंने जीवन मे आरम्भ में चाहे असफलता पाई लेकिन जीवन के एक मोड़ पर उन्होंने सम्पूर्ण विश्वास के साथ एक निर्णय लिया कि वह आज के बाद का जीवन किस निर्णय के साथ जिएंगे।

जब एक बार उन्होंने वह निर्णय कर लिया तो उनका सम्पूर्ण अस्तित्व उस निर्ण के साथ जुड़ गया। उस निर्णय के साथ वह रहे, उस निर्णय के प्रति उन्होंने आस्था बनाई, उस निर्णय के साथ सच्ची मुहब्ब्त रखी। इस मोहब्बत ने उन्हें एक व्यक्ति से सफल व्यक्तित्व बना दिया।

मैं भी आपको विश्वास दिलाता हूं कि आपके पास उपरोक्त तीन में से दो चीजें सदैव उपलब्ध है मस्तिष्क व शरीर। बस तीसरी चीज आपको निर्धारित करनी है और वह है आपका निर्णय।

सुरेन्द्र सिंह चौहान।
लाइफ मित्रा।