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How to increase enrollment in schools. प्रवेशोत्सव अभियान- द्वितीय चरण।

How to increase enrollment with quality education in government schools.

राजस्थान की राजकीय विद्यालयों में ग्रीष्मावकाश के पश्चात विद्यालय पुनः आरम्भ हो गए है। सर्वत्र ख़ुशी का माहौल है, एक लंबे अवकाश के पश्चात विद्यार्थियों के कलरव से विद्यालयों का माहौल खुशनुमा हो रहा है, अध्यापक भी नई ऊर्जा के साथ उपस्थित है। राजस्थान आज राष्ट्र के "शैक्षिक हब" के रूप में स्थापित हो रहा है एवम इस महायज्ञ में सभी का सहयोग अपेक्षित है।

विद्यालयों का लक्ष्य-

राष्ट्रनिर्माण हेतु योग्य नागरिकों को तैयार करने के लिए प्रत्येक राजकीय विद्यालय प्रयासरत है। इसके लिए शिक्षा का सार्वजनीकरण , गुणात्मक शिक्षा व अध्यापकों में कैपिसिटी डवलपमेंट किया जा रहा है। एक सकारात्मक वातावरण निर्माण कर हम जीरो ड्रॉपआउट एवम जीरो आउट ऑफ स्कूल के लक्ष्य की तरफ बढ़ रहे है।

प्रवेशोत्सव अभियान-

प्रवेशोत्सव का प्रथम चरण समाप्त हो चुका है एवम हम

19 जून से द्वितीय चरण आरम्भ कर चुके है। प्रत्येक विद्यालय हेतु लक्ष्यों का निर्धारण एवम आवंटन हो चुका है। अभियान की सफलता हेतु दिनप्रतिदिन का कार्य निर्धारित है। कार्यक्रम की पूर्ण सफलता हेतु निर्धारित कार्यक्रम की शतप्रतिशत अनुपालना करते हुए सम्बंधित कार्यालय को अनुपालना प्रेषित की जानी है।

न्यूनतम नामांकन लक्ष्य-

एक विद्यालय हेतु आवश्यक है कि वह पँचायत स्तर पर ज्ञात "आउट ऑफ स्कूल" व "ड्राप आऊट" विद्यार्थियों को शिक्षा की मुख्य धारा से जोड़े एवम स्कूल जाने योग्य प्रत्येक बालक-बालिका का विद्यालय में नामांकन सुनिश्चित करे। इसके साथ ही गत सत्र के नामांकन का 10 फीसदी नामांकन बढ़ोतरी करे। कार्यक्रम की पूर्ण सफलता मात्र नामांकन बढ़ोतरी ही नही अपितु विद्यालय कैचमेंट एरिया के सभी बच्चों का विद्यालय से जुड़ाव है।

प्रवेशोत्सव कार्यक्रम की पूर्ण सफलता हेतु एक संस्था प्रधान द्वारा करणीय कार्य-

प्रवेशोत्सव अभियान की पूर्ण सफलता हेतु द्वितीय चरण

आयोजन की प्रभावी मोनिटरिंग एवं समुचित पर्यवेक्षण हेतु क्षेत्र परिभ्रमण के सम्बन्ध में अधिकारियों की नियुक्तियां की गई है। एक संस्था प्रधान को विभाग द्वारा प्रदत्त कार्ययोजना के अनुसार प्रति दिन कारीबकरना है। निम्न बिंदु विभागीय योजना हेतु सहायक है-

1. क्षत्र के नज़री नक्शे का निर्माण।
2. केचमेंट एरिया के अनुसार लक्ष्य निर्धारण, लक्ष्य आवंटन, दैनिक सम्पर्क, जनप्रतिनिधियों से सहयोग, विभागीय सुविधाओं का प्रचार, विद्यालय सुविधाओं-उपलब्धियों से युक्त प्रचार सामग्री यथा-पेंपलेट, ब्रोशर का वितरण। महत्वपूर्ण स्थानों, कार्यालयों व सार्वजनिक स्थानों पर प्रचार।
3. विद्यालय द्वारा सम्पादित गतिविधियों व उपलब्धि का विभागीय मंच पर शेयरिंग।
4. विद्यालय के पूर्व स्टूडेंट्स, प्रभावी व्यक्तियों, एसडीएमसी-एसएमसी सदस्यों , जनप्रतिनिधियों , वरिष्ठ जनों, स्थानीय एनजीओ , महिला समूहों, संघटनो से सम्वाद एवम सहयोग की प्राप्ति।
5. कक्षा प्रथम, पंचम, नवम व दशम हेतु क्षेत्र में चलने वाली फीडर स्कुलो से सम्पर्क, विद्यार्थियों के अभिभावकों से सम्पर्क।
6. सोशल मीडिया

पर प्रचार-प्रसार यथा विभागीय ग्रुप में शेयरिंग, समाचार पत्रों में प्रकाशन, फेसबुक पर विद्यालय पेज निर्माण।

प्रवेशोत्सव क्रियान्विति के महत्वपूर्ण बिन्दु -

• प्रवेशोत्सव से संबंधित पैम्फलेट्स का आवश्यक संख्या में मुद्रण एवं ग्राम/कस्बे/ढाणियों में वितरण।
• आवश्यकतानुसार प्रवेश हेतु निमंत्रण कार्ड का मुद्रण करवाना।
• पंचायत एवं ब्लॉक स्तरीय समितियों की बैठकों में फीडिंग/कैचमेन्ट एरिया का निर्धारण करना।
• परीक्षा परिणाम की घोषणा के साथ ही लक्ष्य समूह के निर्धारण हेतु संस्था प्रधानों से क्रमश: कक्षा 5 उत्तीर्ण
कक्षा 8 उत्तीर्ण एवं कक्षा 10 उत्तीर्ण बालक-बालिकाओं की सूचियां प्राप्त करना।
*सूचियों का validation करवाना।
• प्रवेशोत्सव से पूर्व प्रतिदिन का कार्यक्रम बनाकर समाचार पत्रों/ सोशल मीडिया के माध्यम से व्यापक प्रचार-प्रसार करना।
* नव प्रवेशी बालक-बालिकाओं का स्वागत कार्यक्रम आयोजित करना।
• नव प्रवेशी बालक-बालिकाओं को नि:शुल्क पाठ्यपुस्तकों का वितरण और अन्य प्रोत्साहन सामग्री वितरित करवाना।
• समय-समय पर प्रभावी मॉनिटरिंग द्वारा नामांकन का शत-प्रतिशत लक्ष्य अर्जित करना।
*अभिभावक सम्पर्क/ जन सम्पर्क करने से पूर्व यह आवश्यक है कि शिक्षा से वंचित जिन बालक-बालिकाओं के अभिभावकों से सम्पर्क किया जाना है, उनकी सूची विद्यालय स्तर पर प्रत्येक शिक्षक के पास उपलब्ध हों। इस
हेतु विद्यालय के आसपास के क्षेत्र में शिक्षा से वंचित अनामांकित बच्चों के प्रवेश हेतु V.E.. (Village
education register)/.E.R. (Ward education register) का भी प्रयोग किया जा सकता हैं।
• उक्त सम्बन्ध में ग्राम पंचायत क्षेत्र के PEEO द्वारा अधीनस्थ समस्त प्राथमिक/उच्च प्राथमिक विद्यालयों के
संस्था प्रधानों एवं स्टाफ को सहयोग एवं मार्गदर्शन प्रदान किया जाएगा। ग्राम पंचायत क्षेत्र की माध्यमिक एवं
उच्च माध्यमिक विद्यालयों के संस्था प्रधान क्षेत्र के PEEO के नेतृत्व एवं सहयोग-समन्वय द्वारा आवश्यकतानुसार
सम्पूर्ण ग्राम पंचायत क्षेत्र हेतु नामांकन लक्ष्य प्राप्ति की संयुक्त योजना निर्मित कर उसे अमली जामा पहना
सकते हैं।