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| On 3 years ago

कैसे रुके समाज मे "निर्भया" व "कठुआ" जैसे मानवता को शर्मसार करने वाले अपराध।

भारत के ऊपरी राज्य जम्मू-कश्मीर के सीमावर्ती क्षेत्र पट्टा रसना की दुर्घटना एक इंसानियत के हनन व मानवीय मूल्यों की गिरावट का प्रमाण के रूप में तो समाज मे दिख ही रही है बल्कि इससे भी बढ़कर मीडिया और सियासत ने जिस प्रकार इसे बालिकाओं की सुरक्षा पुख्ता करने के उपाय ढूंढने की बजाय "सोशियल पावर" का मुद्दा बनाया है वह समाज को हैरान-परेशान करने वाला बन गया है।

जम्मू-कश्मीर के कठुआ के रसना गांव में 8

साल की बच्ची के साथ वीभत्स रेप और हत्या मामले में पुलिस ने 8 लोगों को आरोपी बनाया है। इस मामले में कुछ भी आगे लिखने से पहले यह स्पष्ट करदे कि  हम समस्त देशवासी ऐसी गलीज़ हरकत की आत्मा से भर्त्सना करते है व स्वयम को लज्जित अनुभव करते है।

मानवता को शर्मसार करने वाले इस जघन्य अपराध ने सभी को डरा कर रख दिया है। निर्भया कांड जैसे सैकड़ो वहशीपन के कांड आज पूरे राष्ट्र में गूंज

रहे है, अखबार ऐसे कांडों से भरे पड़े है। समाज की दिशा-दशा तय करने वाले प्रतिनिधि गणों व समाज से प्रत्यक्ष सम्वाद रखने वाले मीडिया के लिए यह कठोर परीक्षा की घड़ी है।

हमारा मुल्क एक आजाद मुल्क है व हम सभी नागरिकों को ही इसका निजाम चलाना है। एक खुदमुख्तार राष्ट्र के लिए सबसे अहम सवाल अपने हर नागरिक को पूर्ण सुरक्षा प्रदान करते हुए उसके जीवन जीने के मूल अधिकार को सुरक्षित रखना है।  मात्र व्यक्तव्यों से व्यवस्था में सुधार सम्भव नही होगा।

आज जरूरत है कि समस्त राज्य व केंद्रीय सरकार जनता से एकत्र किए गए धन का उपयोग राज्य व नागरिक हित मे सुनिश्चित करे। राजकीय धन का दुरुपयोग अविलम्ब बन्द हो व इसकी पाई-पाई का सदुपयोग शिक्षा, स्वास्थ्य, सुरक्षा व आधारभूत सरंचना के विकास पर विनियोग हो।

व्यवस्था माकूल होती है तो अपराध स्वतः ही कम होने लगते है। विकसित राष्ट्रों में अपराध की दर कम होने का कारण यह है कि वहाँ मजबूत सुरक्षा व्यवस्था के

कारण अपराधी बहुत जल्दी पकड़ में आ जाता है एवम तीव्र न्यायिक व्यवस्था के कारण उसे तुरंत दण्डित कर दिया जाता है।

हमारे यहाँ कानूनों की कोई कमी नही है लेकिन उनकी अनुपालना में लचरता है। अपराधी अपराध साबित हो जाने के उपरांत भी कानूनी कलाबाजी के कारण दण्डित होने से बचता रहता है । कठुआ में शिकार हुई बालिका के प्रति ग्लानिपूर्ण हमदर्दी व अन्य बालिकाओं की सुरक्षा हेतु सभी से प्रार्थना।