Indian Mantra: The use of Mantras, Unique collection of 25 Mantras.

भारतीय मन्त्र: मन्त्रों का उपयोग, 25 मन्त्रों का अनुपम संग्रह।

भारतीय ज्ञानकोष महान है एवम मन्त्र सूक्ष्म ज्ञान के विशाल भंडार है। एक मंत्र में असीमित शक्ति समाई हुई होती है। भारतीय ज्ञान के विशाल ज्ञान कोष में से कुछ मन्त्र चयन कर आपके समक्ष प्रस्तुत है।

आप इनमें से किए भी एक अथवा एकाधिक मन्त्र को कंठस्थ करके उसका निरन्तर जाप करके अथाह सन्तोष व आत्मविश्वास का निर्माण कर सकते है। मन्त्र बस एक माध्यम है जिसके माध्यम से ज्ञान को किसी एक बिंदु पर स्थिर करना सम्भव हो सकता है।

वक्रतुण्ड महाकाय सूर्यकोटि समप्रभ

निर्विघ्नं कुरु मे देव सर्वकार्येषु सर्वदा

1. ‘ऊं श्रीं नमः श्रीकृष्णाय परिपूर्णतमाय स्वाहा’

2. ‘क्लीं ग्लौं क्लीं श्यामलांगाय नमः’
3. ‘गोवल्लभाय स्वाहा’
4. ‘कृं कृष्णाय नमः’
5. ‘ओम नमं शिवाय ‘
6. ॐ ह्रीं श्रीं लक्ष्मीभयो नमः॥
7.
ॐ श्रीं ह्रीं श्रीं कमले कमलालये प्रसीद प्रसीद ॐ श्रीं ह्रीं श्रीं महालक्ष्मयै नम:॥
8.
ॐ श्री महालक्ष्म्यै च विद्महे विष्णु पत्न्यै च धीमहि तन्नो लक्ष्मी प्रचोदयात् ॐ॥
9.
नीलाम्बरः शूलधरः किरीटी गृध्रस्थित स्त्रस्करो धनुष्टमान्।

चतुर्भुजः सूर्य सुतः प्रशान्तः सदास्तु मह्यां वरदोल्पगामी।
10. ऊं प्रां प्रीं प्रौं स: शनिश्चराय नम:
11. ॐ कृष्णांगाय विद्महे रविपुत्राय धीमहि तन्न: सौरि: प्रचोदयात
12. ॐ भूरिदा भूरि देहिनो, मा दभ्रं भूर्या भर। भूरि घेदिन्द्र दित्ससि।
13. ॐ भूरिदा त्यसि श्रुत: पुरूत्रा शूर वृत्रहन्। आ नो भजस्व राधसि।।´
14.
गंग गणपतये नमोनम:, श्री सिद्धिविनायक नमोनम:,
अष्टविनायक नमोनम:, गणपति बप्पा मोरया।
15.
नमस्ते शारदे देवी, सरस्वती मतिप्रदे
वसत्वम् मम जिव्हाग्रे, सर्वविद्याप्रदाभव।
नमस्ते शारदे देवी, वीणापुस्तकधारिणी
विद्यारंभम् करिष्यामि, प्रसन्ना भव सर्वदा।
16. ॐ ह्रीं श्रीराधिकायै नम:।
17. ॐ भूर्भुवः स्वः, तत्सवितुर्वरेण्यं
18. भर्गो देवस्यः धीमहि, धियो यो नः प्रचोदयात्।
सर्वमङ्गलमाङ्गल्ये शिवे सर्वार्थसाधिके
19.
काली काली महाकाली कालिके पापनाशिनी
सर्वत्र मोक्षदा देहि नारायणी नमस्तेऽस्तु।
ॐ जयंती मंगला काली भद्रकाली कपालिनी
दुर्गा क्षमा शिवाधात्री स्वाहा स्वधा नमस्तेऽस्तु।
20.
ऊँ भास्कराय पुत्रं देहि महातेजसे।
धीमहि तन्नः सूर्य प्रचोदयात्।।
जपाकुसुम संकाशम् काश्यपेयम् महाद्युतिम्त
मोरिम् सर्वपापघ्नम् प्रणतोस्मि दिवाकरम्।
21.
ॐ हनुमते दुःखभंजन, अंजनिसुत केसरीनंदन
रामदूत संकटमोचन, शत शत वंदन कोटि नमन
22.
ॐ वेंकटेश्वरा गोविंदा, श्रीमन नारायण संकटहरणा
तिरुमलि तिरुपति वास मुकुन्दा, जय बालाजी नमोस्तुते।
23.
गुरुर्ब्रह्मा गुरुर्विष्णुर्गुरुर्देवो महेश्वरः,
श्री अवधूत चिंतन गुरुदेव दत्त, त्रिमुख दिगंबर सद्गुरु दत्त,
श्री पादवल्लभ सर्वस्व दत्त, ब्रह्मा हरी शिव योगेश दत्त।
24. हनुमान जाग || किलकारी मार || तू हुंकारे राम काज सँवारे || ओढ़ सिंदूर सीता मैया का || तू प्रहरी राम द्वारे || मैं बुलाऊँ , तु अब आ ||| राम गीत तु गाता आ || नहीं आये तो हनुमाना || श्री राम जी ओर सीता मैया कि दुहाई || शब्द साँचा. पिंड कांचा || फुरो मन्त्र ईश्वरोवाचा |||
25.
पिण्डजप्रवरारूढ़ा चण्डकोपास्त्रकेर्युता।
प्रसादं तनुते मह्यं चंद्रघण्टेति विश्रुता॥

उपरोक्त मन्त्र सहज रूप से चयनित किये गए है। आप उपरोक्त अथवा किन्ही अन्य मंत्रों का चयन स्वयं के विवेक, विश्वास व मान्यताओं के आधार पर चयनित कर सकते है।
मन्त्रों के कुशलता पूर्वक पठन-पाठन से शैक्षणिक सहित अनेक लाभ सम्भव है।
सादर।

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