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| On 1 year ago

Indo-US relations: Trump's clear-cut agenda.

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भारत अमेरिका सम्बन्ध : ट्रम्प का क्लियर-कट एजेंडा।

विश्व के सर्वाधिक शक्तिशाली राष्ट्र अमेरिका के राष्ट्रपति ने अपने दो दिवसीय दौरे में भारत सहित अन्य राष्ट्रों को अपना एजेंडा स्पष्ट कर दिया है। दौरा अभी जारी है व अभी कुछ बाते सामने आई शेष है लेकिन निम्नलिखित बिंदु हाल-फिलहाल सामने आ चुके है।

नमस्ते ट्रंप के तहत मोंटेरा स्टेडियम में।

1. ट्रम्प हेतु "अमेरिका फर्स्ट" की नीति टॉप प्रॉयरिटी पर है। वे किसी भी हालत में अमेरिका के व्यापारिक हित को सर्वोपरि महत्व प्रदान कर रहे है। वे भारत पर यह दबाब बनाने का प्रयास कर रहे है कि भारत अमेरिका से आयात होने वाले माल पर टैक्स-कटौती करें।


2. प्रेसिडेंट कट्टरपंथी आतंकवाद के विरुद्ध आरम्भ से ही मुखर रहे है व उनकी मुखरता जारी है। प्रेसिडेंट आतंकवाद के समूल सफाई के पक्षधर है लेकिन दीर्घकालिक हितों के आधार ओर वे अभी भी पाकिस्तान को लेकर स्पष्ट स्टैंड नही अपना रहे है।


3. अमेरिका व भारत दोनों ही विश्व के सर्वाधिक महत्वपूर्ण लोकतंत्र होने के कारण नेचुरल फ्रेंड है इसके बावजूद भी पुराने साये दोनों राष्ट्रों खासकर भारत को थोड़ा बेक-फुट पर लाता है। वक्त बदलने पर बहुत कुछ बदलता है अतः भारत को भी अब आगे बढ़कर अमेरिका से दो टूक बात करनी चाहिए।


4. आज भारत विश्व का सबसे बड़ा बाजार है लेकिन इसका मात्र वाणिज्यिक मतलब ही है। अगर हमको 5 ट्रिलियन इकोनॉमी की तरफ चलना है तो कृषि, लधु उद्योग, देशी टेक्नोलॉजी, कुटीर उद्योगों, स्पेस टेक्नोलॉजी, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, नैनो टेक्नोलॉजी की तरफ बढ़ना होगा। इस हेतु हमको अभी लगे हाथों नई शिक्षा पॉलिसी के संदर्भ ने अमेरिका से कुछ बड़ी डील दरकार है।


5. आज के युग मे भारत के महत्व को दरकिनार करके विश्व आगे नही बढ़ सकता क्योंकि कमोबेश भारत व भारतीय सम्पूर्ण विश्व मके हर सेक्टर में इम्पोर्टेड रोल निभा रहे है अतः अमेरिका को दो कदम आगे बढ़ कर भारत को विशेष दर्जा देकर दीर्घकालिक हित साधने चाहिये वही भारत को भी अमेरिका के टेक्नो एडवांसमेंट  का लाभ लेना चाहिए।


6. विश्व के निर्णायक संस्थानो में भारत सकारात्मक रूप से सक्रिय है व भारत को समर्थन की आवश्यकता है अतः अमेरिका को भी एक अच्छे मित्र का फर्ज निभाते हुए भारत के हितों की तरफ स्पष्ट कदम बढ़ाने होंगे।


7. आज जब विश्व पर पर्यावरण, स्वास्थ्य, आतंकवाद, भौतिकतावाद व मानसिक अवसाद के खतरे बढ़ चुके है तो भारत के थिंक टैंक रिसोर्सेज व ह्यूमन कैपेसिटी एसेस्ट के इस्तेमाल की आवश्यकता है अतः अमेरिका को भारतीयों के संदर्भ में नियम सरलीकरण की नीति को अपनाना चाहिए।
शेष फिर।