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International Women's Day2020 : Women are the focal point of the development.

अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस : आधुनिक नारी मानवता के विकास का केंद्र बिंदु है ।

8 मार्च 2020, आज सम्पूर्ण विश्व मे अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस का आयोजन किया जा रहा है। अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस  8 मार्च को आयोजित किया जाता है। विश्व के विभिन्न क्षेत्रों में महिलाओं के प्रति सम्मान, प्रशंसा और प्यार प्रकट करते हुए इस दिन को महिलाओं के आर्थिक, राजनीतिक और सामाजिक उपलब्धियों के उपलक्ष्य में उत्सव के तौर पर मनाया जाता है।

उन्नीसवीं शताब्दी के आरम्भ में इसे महिलाओं के प्रति सम्मान दर्शाने के लिए अलग-अलग देशों में अलग-अलग तरीके व दिनांकों पर आयोजित किया जाता था लेकिन 1921 से इस दिवस को 8 मार्च को ही आयोजित किया जाता है।

अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस एक मज़दूर आंदोलन से उपजा है। इसका बीजारोपण साल 1908 में हुआ था जब 15 हज़ार औरतों ने न्यूयॉर्क शहर में मार्च निकालकर नौकरी में कम घंटों की मांग की थी।

इसके अलावा उनकी मांग थी कि उन्हें बेहतर वेतन दिया जाए और मतदान करने का अधिकार भी दिया जाए. एक साल बाद सोशलिस्ट पार्टी ऑफ़ अमरीका ने इस दिन को पहला राष्ट्रीय महिला दिवस घोषित कर दिया था।

1975 से  महिला दिवस को  संयुक्त राष्ट्र ने इसे वार्षिक तौर पर एक थीम के साथ मनाना शुरू किया था। वर्ष 2020 की थीम " Each for Equal " है। इसका आशय है कि सभी को पूर्ण समानता मिले।

विश्व के अनेक राष्ट्रों में आज के दिन को अवकाश घोषित किया गया है जबकि कुछ देशों में अवकाश घोषित नही है इसके उपरांत भी व्यापक तौर पर उत्साहपूर्वक इसे हर्षोल्लास से मनाया जाता है।

महिलाओं का समाज मे विशिष्ट, अनुपम , अतुलनीय व सराहनीय योगदान है। प्रत्येक युग मे महिलाओं का विशेष योगदान रहा है लेकिन अब वह समय आ गया है जब हम उनको उनका हक व हिस्सा देने की अपेक्षा "पूर्ण एकत्व व पूर्ण समानता" को प्राकृतिक तौर से अंगीकार करे। अब हमको उनका अर्थव्यवस्था व अर्थशास्त्र में नए रूप में नेतृत्वकर्ता के रूप में देखना होगा।

  आज राजस्थान के राजकीय विद्यालयों

में 85 लाख से अधिक नामांकित विद्यार्थियों को अध्यापन हेतु 2 लाख के करीब अध्यापिकाओं द्वारा शिक्षण कार्य करवाया जाता है। इसमें अगर निजी विद्यालयों के आंकड़ों को शामिल करके सम्पूर्ण राष्ट्र हेतु समेकित समंक एकत्र किया जाए तो हम देखेंगे कि भारतवर्ष के करोड़ो विद्यार्थियों की शिक्षा, विशेषकर प्राथमिक शिक्षा" व स्वास्थ्य सेवाओं का बड़ा जिम्मा महिलाओं पर है।

रोज अलसुबह जल्द उठकर बिजली की रफ्तार से घरेलू कार्यो को पूरा करके करोड़ो भारतीय महिलाओं द्वारा अपने व्यवसायिक कार्यो को पूर्ण किया जाता है। शिक्षा व स्वास्थ्य के साथ ही खेती, घरेलू उद्योग, विनिर्माण, कुटीर उद्योगों में इनका विशिष्ट योगदान है।

अब महिलाओं द्वारा आर्थिक जगत, अनुसन्धान, अंतरिक्ष, सुरक्षा, स्पेस, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस जैसे स्पेसिफिक

क्षेत्रो में प्रभावी प्रदर्शन किया जा रहा है। खेलकूद व शौर्य प्रदर्शन में भी इनका हिस्सा बढ़ता जा रहा है।

अब सर्वत्र यह माना जा रहा है कि उत्पादकता, लाभ व संसाधनों का कुशलता पूर्वक उपयोग करना है तो नियोजन, प्रबन्धन, समन्वयन के साथ निर्णयन को भी महिलाओं के साथ सम्पूर्णता से साझा करना होगा क्योंकि अब आधुनिक महिला मानवता के केंद्र-बिंदु के रूप में कार्य कर रही है।