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आयरन की कमी | मात्रा, कमी के कारण, लक्षण, बचाव, कमी से होने वाली बीमारी

IRON (आयरन) - Iron (आयरन) एक प्रकार का खनिज Minerl (मिनरल) होता है जो शरीर को स्वस्थ बनाये रखने में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है । Iron (आयरन) के बिना शरीर के कई तंत्र बिगड़ जाते हैं । जब शरीर में पर्याप्त मात्रा में Iron (आयरन) नहीं होता है, उस स्थिति को Iron (आयरन) की कमी कहा जाता है । शरीर में Iron (आयरन) की कमी होने से लाल रक्त कोशिकाओं का स्तर गिर जाता है।

Hemoglobin (हीमोग्लोबिन) का उत्पादन करने के लिए शरीर में Iron (आयरन) बहुत जरूरी होता है, Hemoglobin (हीमोग्लोबिन) एक Protin (प्रोटीन) का भाग होता है जो पूरे शरीर में Oxizone (ऑक्सीजन) पहुंचाने में लाल रक्त कोशिकाओं की सहायता करता है। यदि शरीर में Iron (आयरन) की कमी होती है तो पूरे शरीर में Oxizone (ऑक्सीजन) की कमी हो जाती है।

Iron (आयरन) की कमी Anemia (एनीमिया/रक्ताल्पता) का कारण भी बन जाती है। Iron (आयरन) की कमी के सामान्य कारणों में अपौष्टिक आहार या अत्यधिक भूखे रहने की वजह से अपर्याप्त मात्रा में Iron (आयरन) प्राप्त करना,

Inflammatory Bowel Disease (इंफ्लेमेटरी बाउल डिजीज) आदि शामिल होते हैं। इनके अलावा गर्भावस्था में Iron (आयरन) की अधिक जरूरत, Periods (पीरियड्स) में ज्यादा Blooding (ब्लीडिंग) व अंदरूनी Blooding (ब्लीडिंग) के कारण शरीर में Iron (आयरन) की कमी हो सकती है । शरीर में Iron (आयरन) की कमी होने के कारण पैदा होने वाले कुछ सामान्य लक्षणों में थकान, ध्यान लगाने में कठिनाई, याददाश्त संबंधी समस्याएं, व्यायाम करने की अक्षमता, बालों का झड़ना और नाखून टूटना आदि शामिल हैं।

Iron (आयरन) की मात्रा (ख़ुराक)-

शरीर व मानसिक क्षमता को स्वस्थ रखने के लिए नियमित रूप से Iron (आयरन प्राप्त करना जरूरी होता है । इसका सेवन करने के लिए Iron (आयरन) की उचित मात्रा/खुराक का पता होना जरूरी होता है, Iron (आयरन) की मात्रा पुरुष, महिला, उम्र व गर्भावस्था आदि सबके लिए अलग-अलग होती है।

वर्ष/ उम्र महिला पुरुष गर्भावस्था स्तनपान
जन्म से 06 माह 0.27 MG 0.27 MG 0 0
07 माह से 12 माह 11 MG 11 MG 0 0
01वर्ष से 03 वर्ष 07 MG 07 MG 0 0
04 वर्ष से 08 वर्ष 10 MG 10 MG 0 0
09 वर्ष से 13 वर्ष 08 MG 08 MG 0 0
14 वर्ष से 18 वर्ष 15 MG 11 MG 27 MG 10 MG
19 वर्ष से 50 वर्ष 18 MG 08 MG 27 MG 09 MG
51 वर्ष से उससे अधिक उम्र/वर्ष के लिए 08 MG 08 MG 0 0

Iron (आयरन) की कमी के लक्षण -

शरीर में आयरन की कमी के लक्षण आमतौर पर बहुत सामान्य होते हैं कई बार आयरन की कमी को पहचाना भी नहीं जा सकता किन्तु जब आयरन की मात्रा अधिक

कम होने लगती है तो शरीर में Anemia (एनीमिया/रक्ताल्पता) गंभीर अवस्था में आने पर लक्षण तीव्र होने लगते हैं इनमें प्रमुख लक्षण हैं। जैसे -
  • नाखूनों का कमजोर हो जाना।
  • जीभ में दर्द, जलन, सूजन सा महसूस होना।
  • सरदर्द, सिर घूमना।
  • चक्कर आना।
  • कमजोरी/थकान महसूस होना।
  • हाथ-पैर ठंडे होना।
  • भूख ना लगना।
  • सीने/छाती में दर्द होना।
  • हृदय गति तेज़ होना।
  • साँस फूलना।
  • त्वचा का पीला होना।
  • चिड़चिड़ापन।
  • त्वचा में रूखापन।
  • बाल झड़ने की समस्या।
  • नाखून सफेद होना।
  • मासिक धर्म में अधिक रत्क्तस्त्राव।

Iron (आयरन) की कमी के कारण -

  • आयरन युक्त भोजन/आहार न करना।
  • दर्द निवारक या किसी भी प्रकार की दवाइयों का अधिक उपयोग जिससे पेट में खून बहता है।
  • गर्भावस्था में महिलाओं द्वारा Hemoglobine (हेमोग्लोबिन) की कमी से उनके शरीर में आयरन की कमी होना।
  • शरीर का एक बार Operation (ऑपरेशन) होने पर आयरन की होना।
  • पेट में अल्सर, कोलन कैंसर, हर्निया के कारण आयरन की कमी।
  • गर्भावस्था में महिलाओं के पीरियड्स में खून अधिक बहना।
  • अधिक बार खून देना (Blood Donate) करना।
  • मांसाहारी के मुताबिक शाकाहारी आहार में कमी।
  • बच्चों का जन्म के समय वज़न कम होना।

आयरन की कमी को रोकने के उपाय/ बचाव-

  • लौकी के बीजों का प्रयोग।
  • कद्दू की बीजों का प्रयोग।
  • शिमला मिर्ची।
  • हरी सब्जियाँ ।
  • सीके आलू/उबले आलू।
  • राजमा और अन्य सभी प्रकार के पौष्टिक आहार।
  • Dry Fruit (ड्राई फ्रूट) (काजू, बादाम, अखरोट, किशमिश आदि)।
  • मीट।
  • चिकन।
  • अंडे।
  • समुद्री आहार।
  • आयरन Supliments आयरन युक्त दवाइयों का प्रयोग (चिकित्सक के कहे अनुसार)।
  • छोटे शिशु जब तक 01 वर्ष के ना हो तब तक गाय का दूध ना देना।

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आयरन की कमी से होने वाली बीमारी -

  • ह्रदय और फेफड़ों संबंधी समस्याएं- जिनको एनीमिया की शिकायत या शरीर में आयरन की कमी होती है उनमें ह्रदय और फेफड़ों से जुड़ी समस्याएं हो सकती हैं।
  • थकान और कमजोरी होना - शरीर
    में आयरन की कमी होने पर थकान रहती है आयरन की कमी होने पर कमजोरी महसूस होती है।
  • ध्यान एक जगह केंद्रित करने में परेशानी होती है।
  • गर्भावस्था में समस्या होना - प्रेगनेंट महिलाओं में अधिकांश आयरन की कमी हो जाती है गर्भावस्था में एनीमिया गंभीर समस्या हो सकती है आयरन की कमी से जन्म के दौरान शिशु में समस्याएं हो सकती हैं कई बार आयरन की कमी से शिशु का जन्म समय से पहले होने का खतरा रहता है इससे शिशु का वजन कम, शिशु में आयरन की कमी या मानसिक क्षमता कम भी हो सकती है।