| On 11 months ago

Joining Procedure of a government employee.

कार्यग्रहण प्रक्रिया: प्रथम नियुक्ति, स्थानांतरण, पदोन्नति पर। स्थानांतरण पर देय अवकाश।

प्रथम नियुक्ति पर कार्यग्रहण प्रक्रिया

(अ) प्रथम नियुक्ति पर

राज्य सरकार द्वारा किसी व्यक्ति को नियुक्ति आदेश दिये जाने पर वह सम्बन्धित कार्यालय में कार्यग्रहण करने जाता है । यह व्यक्ति की प्रथम नियुक्ति कहलाती है । प्रधानाध्यापक नव नियुक्त को कार्यग्रहण की अनुमति देने से पूर्व निम्नांकित प्रक्रिया अपनाये :
1. नियुक्ति आदेश की सत्यता की जाँच कर लें ।
2. नियुक्ति आदेश में वर्णित सभी शर्तों को पढ़कर उसकी पालना करनी चाहिये ।
3. व्यक्ति की योग्यता एवं आयु संबंधी मूल प्रमाणपत्रों की जाँच कर उसकी एक-एक प्रमाणित फोटो प्रति प्राप्त कर लें जिन्हें व्यक्तिगत पंजिका में सुरक्षित रखना चाहिये ।
4. व्यक्ति की निर्धारित आयु सीमा एवं कार्यग्रहण करने की अंतिम तिथि का ध्यान रखना चाहिये।
5. सेवा नियम 9 व 11 के अनुसार कार्यग्रहण करने वाला व्यक्ति प्राधिकृत चिकित्सक द्वारा जारी मूल स्वास्थ्य प्रमाणपत्र प्रस्तुत करें । इसके अभाव में कार्यग्रहण करने की अनुमति नहीं दी जाय । गर्भवती महिलाओं को भी कार्यग्रहण करने दिया जाय ।
6. कार्यग्रहण कराने के बाद उपस्थिति पंजिका में नाम के साथ आदेश का पूरा विवरण लिख दें ।
7. कार्यग्रहण करने की सूचना उसी दिन सभी सम्बन्धित अधिकारियों को प्रेषित कर देनी चाहिये FN/AN का भी उल्लेख करें।
8. नये कर्मचारी को विद्यालय की प्रक्रियाओं से परिचय कराने के बाद कार्यभार आवंटित कर उचित मार्गदर्शन देते रहना चाहिये ।

(ब) स्थानान्तरण - पदोन्नति पर

विद्यालयों में स्थानान्तरण - पदोन्नति पर शिक्षकों के आनेजाने का क्रम सत्र पर्यन्त चलता रहता है ।
प्रधानाध्यापक कार्यग्रहण

प्रक्रिया में निम्नांकित बातों की अवश्य पालना करें :
1. मूल आदेश या प्रमाणित प्रतिलिपि प्राप्त की जाय। ।
2. निर्धारित तिथि के अन्दर ही कार्यमुक्त करें ।
3. कार्यमुक्ति आदेश में आदेश का हवाला देकर शेष आकस्मिक अवकाश का उल्लेख करना चाहिये ।
4.कार्यमुक्ति - कार्यग्रहण की सूचना में दिनांक व समय जैसे अपराह्न पूर्व पश्चात का उल्लेख करें ।
5. स्थानान्तरित कर्मचारी से पुस्तकालय स्टोर लेखा इत्यादि से अदेय प्रमाणपत्र प्राप्त करना चाहिये ।
6. कार्यमुक्त होने वाले कर्मचारी का पूरा चार्ज अन्य को सौंपा जाय ताकि उसे वापस नहीं बुलाना पड़े।
7. स्थानान्तरित शिक्षक का बकाया कार्य पूरा करवाकर शिक्षक दैनन्दिनी, छात्र उपस्थिति रजिस्टर इत्यादि जमा कर लेनी चाहिये ।
8. कार्यग्रहण करने वाले कर्मचारी को भी विधिवत आदेश निकाल कर चार्ज (कार्यभार) सौंपना चाहिये ।
9. कार्यमुक्त - कार्यग्रहण करने की सूचना उसी दिन स्थानान्तरण करने वाले अधिकारी व संम्बन्धित कार्यालयों को प्रेषित करनी चाहिये । एक प्रति कर्मचारी को भी देनी चाहिये ।
10. यदि जिला परिवर्तन हो तो दोनों जिलों के राज्य बीमा एवं प्रावधानी निधि विभाग कार्यालय को भी सूचित करना चाहिये ।
11 . यदि प्र.अ. स्वय कार्यमुक्त हो रहा हो तो विद्यालय का समस्त चार्ज मय लेखा अभिलेख बाद के वरिष्ठ कर्मचारी को सुपुर्द करें ताकि विद्यालय का कार्य नियमित रूप से संचालित होता रहे ।

(स) कार्यग्रहण काल के बदले में देय उपार्जित अवकाश

एक राज्य कर्मचारी का स्थानान्तरण जनहित में (बिना स्वयं के प्रार्थनापत्र) किया जाता है तो उसे देय कार्यग्रहण काल (दिन) में से उपयोग किये गये दिनों के बाद शेष दिनों को उपार्जित अवकाश

में जोड़ा जाता है । इसके लिये
कर्मचारी को स्थानान्तरण आदेश, कार्यमुक्ति व कार्यग्रहण आदेश की प्राप्ति के साथ निम्न प्रारूप में आवेदन करना चाहिये ।
1) नाम
2) पद
3) पूर्व पदस्थापन स्थान
4) नया पदस्थापन स्थान
5) स्थानान्तरण आदेश का क्र. दि. (प्रति सलग्न करें)
6) पूर्व स्थान पर कार्यभार छोड़ने की तिथि
7) कार्यभार हस्तान्तरण की प्रति
8) नये स्थान पर कार्यभार संभालने की तिथि
9) पूर्व स्थान से नये स्थान की दूरी ठसका विवरण,
10) जिस साधन से यात्रा की उसका विवरण
11) स्थानान्तरण स्वर्य की प्रार्थना /राज्य हित में
12) कार्यग्रहण काल का उपयोग न करने के बदले कितने दिनों का उपार्जित अवकाश चाहा गया हैं।
हस्ताक्षर

नव नियुक्त को नई नियुक्ति पर जॉइन कराने बाबत आवश्यक जानकारी!

(1) सर्व प्रथम उनके समस्त दस्तावेजो को मूल से मिलान कर एक प्रति प्राप्त करे एवम नियुक्ति आदेश में वर्णित सभी शपथ पत्र की कॉपी निर्देश अनुसार प्राप्त करे।

(2)मुख्य चिकित्सा एवम स्वास्थ्य अधिकारी का मूल चिकित्सा प्रमाण पत्र एवम पुलिस का चरित्र प्रमाण पत्र अनिवार्य रूप से प्राप्त करे। नोट:-उक्त दोनों प्रमाण पत्र नियुक्ति आदेश जारी होने की तिथि से पूर्व के जारी नही होने चाहिए।

(3) कार्मिक की पूर्व में सरकारी एम्प्लॉई आई डी बनी हुई है तो शालादर्पण पर ऑन लाइन जोइनिग नई नियुक्ति में जॉइन करावे अन्यथा विभागीय निर्देश के अनुसार कार्यवाही करावे।

(4) नवनियुक्त कार्मिक की Ddo लॉगिन से sipf पोर्टल पर एम्प्लॉई आई डी जनरेट की रिकवेस्ट ऑन लाइन सब्मिट करे इस हेतु कार्मिक की व्यक्तिगत सूचना,सर्विस एवम बैंक डिटेल्स भरे इस हेतु बैंक A/C N ,PAN N ,आधार

नम्बर,मोबाइल नम्बर आदि अनिवार्य है।
रिकवेस्ट जनरेट होने के 5-7 दिन बाद sipf पर एम्प्लोई आई डी नम्बर आवंटित हो जाते है।

( 5) एम्प्लॉई आई डी नम्बर प्राप्त होने पर शालादर्पण पर ऑन लाइन नई नियुक्ति टेब में जोइनिग करावे एवम प्रपत्र 10 को भी भर कर पूर्ण करे।

(6) एम्प्लॉई आई डी आने के बाद कार्मिक से प्रान नम्बर (PRAN NUMBER) आवंटन हेतु फॉर्म भरवा कर प्राप्त करे जिसे अपने आफिस में रखे एवम उसके आधार पर नई व्यवस्था अनुसार Nsdl की साइट पर Ddo लॉगिन से उनका प्राण हेतु ऑन लाइन आवेदन सब्मिट करे फिर उसकी हार्ड कॉपी मय दस्तावेज GPF आफिस भेज देवे।

(7)उपरोक्त हेतु यूजर आई डी आपके SGV न के साथ 00 लगावे एवम पासवर्ड nsdl@123 लगावे।

(8) प्राण न आने के बाद paymanager पर इनके डेटा फीड करे उसके बाद प्रथम बिल बना पायेंगे।

(9) नये कार्मिक के प्रथम बिल के साथ नियुक्ति आदेश,जोइनिग रिपोर्ट,स्वास्थ्य प्रमाण पत्र एवं पुलिस का चरित्र प्रमाण पत्र आदि को स्केन कर पीडीएफ बनावे एवम बिल के साथ अपलोड़ करे।

अपडेट दिनाँक 01 सितंबर 2020

*सभी संस्था प्रधान महोदय को सूचित किया जाता है कि*

राज्य सेवा में पहली बार कार्यग्रहण करने जा रहे अभ्यर्थी के लिए स्वास्थ्य प्रमाण पत्र व पुलिस वेरिफिकेशन अनिवार्य है । पुलिस वेरिफिकेशन प्रमाण पत्र में यदि अभ्यर्थी किसी धारा के तहत आरोपी है या दंडित हो तो उसे कार्यग्रहण न करावें, स्थानीय कार्यालय से मार्गदर्शन प्राप्त कर लेवे ।

शिक्षा विभाग के नवाचार के तहत शाला दर्पण पर ऑनलाइन मॉड्यूल के माध्यम से नियुक्ति आदेशों की मैपिंग की जाने लगी है अतः

किसी भी अभ्यर्थी को ऑफलाइन कार्य ग्रहण नहीं करावें, अनिवार्य रूप से ऑनलाइन ही कार्यग्रहण कराना है । ऑफलाइन की स्तिथि में समुचित निर्देश सक्षम अधिकारी से प्राप्त करें।

अपडेट दिनाँक 10 सितम्बर 2020

नव नियुक्त कार्मिको के लिए पहला बिल बनाने संबंधित आवश्यक जानकारी

(1)नवनियुक्त कार्मिको का पहला बिल बनाने से पहले उनकी एम्पलयोई आई डी तथा प्रान नम्बर जारी करावे।
(2) एम्पलयोई आई डी एवं प्रान नम्बर आवंटित होने पर पे मैनेजर पर उनके डेटा फीड करे।
(3) फिर पार्शियल पे में उनके कार्यदिवस के अनुसार प्रथम बिल का प्रोसेस पूरा करे एवम डिडक्शन चेक बॉक्स में टिक लगावे।
(4)बिल प्रोसेस करने से पूर्व कार्मिक का बैंक अकाउंट Authraizetion में वेरिफाई करें।
(5) प्रथम बिल के साथ GPA प्रस्ताव एवम 220 ₹ का GIS चालान कार्मिक की sso id से बनावे तथा उनकी कॉपी बिल के साथ अपलोड करे।
(6) प्रथम बिल के साथ कार्मिक का नियुक्ति आदेश,जोइनिग रिपोर्ट,चिकित्सा प्रमाण पत्र एवम पुलिस सत्यापन प्रमाण पत्र की एक पीडीएफ बना कर बिल के साथ अपलोड करें।
इस प्रकार सेवा में नियुक्त कार्मिक का प्रथम बिल बनावे।

नोट- उपरोक्त लेख नियमों/प्राप्त जानकारी/संकलित सूचना के आधार पर लिखा गया है। यह अलग-अलग समय मे अपडेट किया गया है अतः इसे आप अपनी जानकारी अभिवर्द्धन हेतु पढ़ सकते है।

समस्त कार्य हेतु जारी आदेश में लिखे निर्देश, विभाग के नियम व रूल मैन्युल अंतिम होती है। किसी भी नीतिगत निर्णय लेने से पूर्व अपने नियंत्रण/नियुक्ति अधिकारी से मार्गदर्शन प्राप्त करें।

मूल लेख अपलोड की दिनाँक 18 सितम्बर 2018

View Comments

  • Sir उस समय क्या परिस्थिति होगी जब एक कर्मचारी शनिवार मध्यान्ह पश्चात रिलीव होने के उपरांत सोमवार मध्यान्ह पूर्व नए विद्यालय में जॉइनिंग कर लेता है तो रविवार की गणना किस प्रकार से होगी