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जंक फूड का दिल पर प्रभाव (Junk Food Effects On Heart in Hindi)

जंक फूड का दिल पर प्रभाव, आज की तनाव व भागदौड़ भरी जिंदगी में अपने स्वास्थ्य की चिंता हर कोई भूल चुका है। खासतौर पर युवाओं की बात की जाए तो ,खान-पान को लेकर सबसे ज्यादा लापरवाह युवा ही नजर आ रहे हैं। उनकी बिगड़ी व अव्यवस्थित लाइफस्टाइल उन्हें न सिर्फ बीमार बना रही है बल्कि उन्हें कम उम्र में ही गंभीर रोगों का शिकार भी बना रही है।

इसी में एक सबसे महत्वपूर्व एवं गंभीर समस्या बनकर सामने आ रही है हार्ट संबंधी बीमारी। चौंकाने वाली बात यह है कि यह बीमारी वर्तमान में ओल्ड एज से ज्यादा यंग एज वालों में बढ़ रही है। जिसके सीधे संकेत हैं कि युवा किस कदर अपने स्वास्थ्य को लेकर लापरवाही बरत रहे हैं।

जंक फूड का दिल पर प्रभाव (Junk Food Effects On Heart in Hindi) :

समय से

पहले ही कम उम्र में हार्ट अटैक के शिकार कई युवा हो रहे है। चिकित्सकों के अनुसार इसका प्रमुख कारण युवाओं की बिगड़ी लाइफस्टाइल होना है। क्योंकि बिजी व दौड़भाग भरी इस लाइफ में वो खुद की हैल्थ के लिए समय ही नहीं दे पा रहे हैं। घर के बजाय बाहर का खाना खाना, दोस्तों संग अधिक से अधिक जंक फूड का सेवन नुकसानदायक है।

युवाओं की इसी बिगड़ी लाइफस्टाइल के चलते वो तनाव, थकान के शिकार हो रहे हैं। इससे बचने के लिए युवा स्मोकिंग का सहारा भी ले रहे है। जो उनके लिए काफी घातक साबित हो सकता है। आंकड़ों की मानें तो वर्तमान में 20 से 40 वर्ष की उम्र के युवा खाने-पीने व कमाई करने की उम्र में हार्ट संबंधी बीमारियों (Heart Problems ) के शिकार हो रहे हैं।

साइलेंट अटैक के भी बढ़ रहे मामले :

Heart Problems: चिकित्सकों के अनुसार युवा लाइफस्टाइल पर ध्यान नहीं देते हैं। कम उम्र में ही स्मोकिंग, अल्कोहल सेवन, अधिक जंक फूड के सेवन से उन्हें साइलेंट अटैक का खतरा भी बढ़ गया है। कई युवा घर के बजाय बाहर का खाना खाना पसंद करते हैं, लेकिन लगातार बाहर का खाना खाना सेहत की दृष्टि से अच्छा नहीं है। क्योंकि हर जगहों पर हाइजीन का ख्याल नहीं रखा जाता है। कम गुणवत्ता वाले सामान खाना भी बेहद नुकसानदायक है। इन्हीं के दुष्प्रभाव से साइलेंट अटैक के मामले बढ़ रहे हैं। इनसे बचने के लिए उन्हें किसी भी प्रकार की सीने में दर्द संबंधी समस्या होने पर चिकित्सकीय जांच अवश्य करवानी चाहिए।

मोटापा करें नियंत्रित :

जंक फूड के अधिक सेवन व खान-पान, लाइफस्टाइल पर ध्यान नहीं देने की वजह से मोटापा अधिक बढ़ रहा है। यह वर्तमान में

होने वाली हार्ट प्रोब्लम्स का 50 प्रतिशत हैं। सरल शब्दों में कहा जाए तो 50 प्रतिशत हार्ट रोग संबंधी बीमारियों का प्रमुख कारण मोटापा है। क्योंकि बिगड़ी लाइफस्टाइल व खानपान के चलते मोटापा बढ़ रहा है। मोटापा अधिक बढ़ने पर कोलेस्ट्रॉल लेवल हाई हो जाता है। यह हार्ट रोगों के होने का सबसे बड़ा कारण है। इसके अलावा वेट अधिक होने से शूगर, ब्लड प्रेशर जैसी बीमारियों के होने के भी आसार बढ़ जाते हैं। जिनका असर हार्ट पर पड़ता है।

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युवाओं में इसलिए बढ़ रही हार्ट प्रॉब्लम :

खान-पान पर ध्यान नहीं देना।
दिनचर्या बिगड़ी हुई होना।
स्मोकिंग, ड्रिकिंग करना।
योगा-एक्सरसाइज नहीं करना।
जंक फूड का अधिक सेवन।
तनाव के शिकार होना।
वजन नियंत्रित नहीं होना।

हार्ट प्रॉब्लम से बचने के लिए इन उपायों को करें दिनचर्या में शामिल

  • लाइफस्टाइल में बदलाव लाएं।
  • प्रतिदिन योग, प्राणायाम, मेडिटेशन आदि करें।
  • हेल्दी एवं संतुलित आहार को भोजन में शामिल करें।
  • ऑयली चीजें कम खाएं
  • स्मोकिंग का सेवन नहीं करें।
  • जंक फूड का सेवन कम से कम करें।
  • तनाव को अपने उपर हावी नहीं होने दें।
  • प्रतिदिन सुबह-शाम टहलने की आदत बनाएं।
  • नियमित स्वास्थ्य जांच करवाएं।