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| On 3 years ago

Karni Mata Temple: World famous temple of Rats at Deshnok, Bikaner, Rajasthan.

करणीमाता, देशनोक : विश्व प्रसिद्ध चुहों वाला मंदिर।

प्रत्यक्ष को प्रमाण की आवश्यकता नही होती है। सनातन हिन्दू धर्म के उपासना स्थलों में से एक बीकानेर से 35 किलोमीटर दूर स्थित देशनोक का विश्व प्रसिद्ध "करनी माता जी का मंदिर" दैवीय शक्ति का प्रत्यक्ष प्रमाण है। यहाँ हजारों की सँख्या में चूहें , जिन्हें स्थानीय लोग आदर से "काबा" कहते है, मंदिर परिसर में वास करते है जबकि परिसर के बाहर आपको एक भी चूहा नही दिखाई देता है।

इस मंदिर के प्रति करणी माता जी के भक्त अत्यंत विश्वासी है। वर्ष में दो बार

नवरात्रि के समय लाखों की संख्या में श्रद्धालु दर्शनार्थ आते है एवम वर्ष-पर्यन्त भी श्रद्धालुओं का आवागमन रहता है।

धार्मिक मान्यता है कि करनी माता जगदम्बा माता की अवतार थी। लगभग 650 वर्ष पूर्व करनी माता जिस गुफा में पूजा-अर्चना करती थी उसी स्थान पर इस भव्य मंदिर का निर्माण हुआ है। माता जी की असीम कृपा जोधपुर व बीकानेर राज्य पर रही है।

करणी जी का अवतरण चारण कुल में वि. सं. 1444 अश्विनी शुक्ल सप्तमी शुक्रवार तदनुसार 20 सितम्बर, 1387 ई. को सुआप (जोधपुर) में मेहाजी किनिया के घर में हुआ था। करणी

माताजी के जीवन से अनेक चमत्कार जुड़े हुए है। करणी माताजी के संवत 1595 की चैत्र शुक्ल नवमी गुरुवार को ज्योर्तिलीन होने के समय से ही यहाँ उनके भक्तों द्वारा नियमित पूजा-अर्चन की जा रही है। करणी माता जी का बचपन का नाम ऋदु बाई था लेकिन जब उनके स्पर्श से उनकी भुआ की टेढ़ी अंगुली ठीक हुई तो उनकी भुआ ने उनका नाम करणी रख दिया था। करणी का मतलब ही चमत्कार करने वाली होता है एवम माताजी के जीवन से अनेक चमत्कार जुड़ते चले गए।

बीकानेर के दक्षिण में स्थित इस प्राचीन मंदिर का पिछले दशक में सौन्दर्यकरण हुआ है। इसका विशाल प्रवेश द्वार संगमरमर के पत्थर से निर्मित है जिस पर अत्यंत मनोरम व बारीक शिल्पकारी मंदिर का एक प्रमुख आकर्षण है। मंदिर के अनुमानित 20 हजार काले चूहों के मध्य विचरण करते सफेद चूहे के दर्शनार्थ श्रद्धालु उत्सुकता से इंतजार करते है एवम सफेद चूहे के दर्शन हेतु एक दूसरे की मदद को आतुर रहते है। स्थानीय लोग सफेद चूहे के दर्शन को अत्यंत सौभाग्यशाली मानते है।
देशनोक में हजारों की सँख्या में आने वाले दर्शनार्थियों हेतु अनेकों धर्मशालाए निर्मित है। यहाँ पधारने वाले श्रद्धालुओं की जानकारी हेतु निवेदन है देशनोक नोखा बीकानेर मार्ग पर

स्थित है। मंदिर दर्शनार्थियों हेतु सुबह 4 बजे से रात्रि 10 बजे तक खुला रहता है। सुबह मंगला आरती व सन्ध्या आरती का विशेष मनोरम दृश्य होता है। चूहों की भरमार के कारण यहां कदम उठा कर नही अपितु पैर जमीन पर चिपका कर चलना पड़ता है। मंदिर में चमड़े का सामान वर्जित है अतः अपने बेल्ट व पर्स को बाहर रखे।
मंदिर के सामने ही करणी माता जी के जीवन चरित हेतु म्यूजियम निर्मित है।

प्रेम से कहिये।।
दुःख हरणी, सुख करणी।
करणी माता की जय हो।।