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| On 2 years ago

Kesari: Another unmatched film of Akshay Kumar.

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केसरी: अक्षय कुमार की एक और बेजोड़ फ़िल्म।

इस होली बॉलीवुड ने अक्षय कुमार की "केसरी" को 21 मार्च 2019 को रिलीज किया है। इस फ़िल्म को " The bravest battel ever fough" कहकर प्रचारित किया जा रहा है। जी स्टूडियो, धर्मा प्रोडक्शन की सामुहिक प्रस्तुति को अनुराग सिंह ने निर्देशित किया है।

इतिहास में इस लड़ाई की सारागढ़ी की लड़ाई के नाम से भी जाना जाता है। अंग्रेजो के बैनर तले 36 सिख रेजिमेंट के 21 जवानों ने पठानों की 10 हजार सेना को 12 सितंबर 1897 रोककर अन्य महत्वपूर्ण ठिकानों को बचाने का अवसर अंग्रेजी सेना को दिया था। इस कहानी को फ़िल्म केसरी में फिल्माया गया हैं।

अक्षय कुमार फ़िल्म के सबसे सशक्त किरदार व प्रमुख ईशर सिंह के किरदार में हैं। अक्षय जिस तरह से सामाजिक सरोकार के आधार पर फिल्मों का चयन करते है वह एक विशिष्ट बात है जो उन्हें अन्य अदाकारों से अलग करती हैं। फ़िल्म देखने का एक अत्यंत महत्वपूर्ण कारण अक्षय की अदाकारी, उनकी फिटनेस, उनका समर्पण व रोल में आत्मसात होना है। परिणीति चोपड़ा ने भी किरदार को जीने की कोशिश की है। अन्य सहायक कलाकारों ने मंजा हुआ अभिनय किया हैं।

फ़िल्म का मुख्य आकर्षण उसकी कहानी, प्रजेंटेशन, निर्देशन, एक्शन, स्पेशल इफेक्ट्स, लोकेशन व उद्देशपूर्णता है। इसके बावजूद भी कहना पड़ता है कि फ़िल्म में गति कई बार टूटती हुई प्रतीत होती है। फ़िल्म के केनवास को बड़े स्तर पर प्रस्तुत किया जाना चाहिए था। कथानक के स्पष्टीकरण पर और कार्य आवश्यक था।

फ़िल्म के कुछ सम्वाद-

1. तुम एक फौजी हो, पॉलिटिक्स तुम्हारा काम नही है, तुम्हारा काम हुक्म मानना है।
2. तुम लोग हमसे बेटर होते तो हमारे गुलाम नही होते।
3. आज यह अहसास हुआ है कि हम फौजी नही बस गुलाम है।
4. ये जंग, ये सरहदें, तो बस कारोबार है।
5. केसरी रंग का मतलब है शहीदी का रंग।
6. आज मैं पैसे के लिए बल्कि अपनी पगड़ी के लिए लड़ूंगा।
7. जब तक लड़ रहा है दुश्मन है जब जख्मी होकर गिर गया तो वह सिर्फ इंसान है।
8. तुझे इस जंग के सबसे बहादुर सैनिक होने का मौका दे रहा हूँ। हिम्मत है तो बन जाए।
9. 21 से लड़ने के लिए 10 हजार लेकर आये हो और बहादुरी की बात करते हो।

फ़िल्म का संगीत फ़िल्म को सपोर्ट करता है। पंजाबी म्यूजिक कर्णप्रिय है लेकिन सिनेमा हॉल के बाहर कोई गीत बजता सुनाई नही देता। फ़िल्म में फौजियों के साथ एक मस्त पंजाबी गीत दरकार था जिसकी पूर्ति निर्देशक ने नही की। इसके अलावा एक पंजाबी बेस फ़िल्म का म्यूजिक सिर्फ गम्भीर हो तो दर्शक हजम नही करते।

रिकमंडेशन

अंत मे, हमारी रिकमंडेशन है कि फ़िल्म आप देख सकते है अगर आप वार मूवी, अक्षय व इथिक्स पसन्द करते हैं।