Categories: Rules and Regulations
| On 1 month ago

महिला कार्मिक को देय प्रसूति अवकाश | Maternity leave payable to female personnel

प्रसूति अवकाश अर्थात ( Maternity leave ) राजस्थान राज्य के महिला कार्मिकों व अधिकारियों को राज्य सरकार द्वारा दी जाती है। आइये, प्रसूति अवकाश ( Maternity leave ) से सम्बंधित नियमों की पूर्ण जानकारी व अन्य विवरण प्राप्त करते हैं।

प्रसूति अवकाश | Maternity leave

[ नियम 103 ] प्रसूति अवकाश-दो से कम जीवित संतान होने पर एक महिला राज्य सरकारी कर्मचारी को प्रसूति अवकाश, उसके प्रारम्भ होने की तारीख से [180] दिन तक की अवधि का स्वीकृत किया जा सकेगा। फिर भी, यदि यह अवकाश दो बार प्राप्त (avail) करने के बाद भी कोई संतान जीवित नहीं रहती है तो प्रसूति अवकाश को एक बार और स्वीकृत किया जा सकेगा। इस अवधि में अवकाश पर प्रस्थान करने के पूर्व आहरित वेतन के समकक्ष, अवकाश वेतन, के लिए अधिकृत होगी। यह अवकाश उसके अवकाश के लेखे के नामे नहीं लिखा जायेगा, किन्तु ऐसी प्रविष्टि सेवा पुस्तिका में पृथक् से की जायेगी।]

प्रसूति अवकाश सम्बंधित टिप्पणी

दो से कम उत्तरजीवी संतानों वाली किसी महिला सरकारी कर्मचारी को गर्भस्राव सहित गर्भपात के मामले में सम्पूर्ण सेवाकाल के दौरान कुल छः सप्ताह के अध्यधीन या तो एक बार या दो बार प्रसूति छुट्टो दी जा सकेगी परन्तु छुट्टी के आवेदन के समर्थन में प्राधिकृत चिकित्सा अधिकारी का प्रमाण-पत्र लगा हो।

प्रसूति अवकाश सम्बंधित स्पष्टीकरण | Explanation regarding Maternity leave

गर्भपात (Abortion) शब्द में गर्भपात की आशंका (Threatended abortion) सम्मिलित नहीं माना जावेगा। फलस्वरूप शंका वाले गर्भपात में प्रसूति अवकाश स्वीकार नहीं किया जावेगा।] [ संविदा पर कार्यरत महिला कार्मिकों को भी 180 दिन का प्रसूति अवकाश वित्त विभाग को अनुमति से स्वीकृत होगा।]

प्रसूति अवकाश सम्बन्धी राजकीय आदेश | Government order regarding maternity leave

प्रसूति अवकाश के सम्बंध में राज्य सरकार के वित्त विभाग ने निरन्तर आदेश पारित करके महिला कार्मिकों को प्रसूति अवकाश सम्बंधित सुविधाओं में निरन्तर वृद्धि की है -

वित्त विभाग की अधिसूचना क्रमांक एफ.1(5) वित्त (नियम) / 96 दिनांक 26 फरवरी 2002 द्वारा राजस्थान सेवा नियमों में जोड़े गये नियम 104 के तहत प्रसूति अवकाश किसी अन्य प्रकार के अवकाशों के साथ भी लिया जा सकता है।

टिप्पणीः प्रसूति अवकाश ऐसी महिला राज्य कर्मचारी को उसके गर्भस्राव एवं गर्भपात के मामलों में भी स्वीकृत किया जा सकेगा, जिसके दो से कम जीवित संतान हों। ऐसा प्रसूति अवकाश कुल सेवाकाल में, अधिकतम दो बार, स्वीकृत किया जा सकेगा जिसकी, दोनों बार की मिलाकर, अधिकतम सीमा 6 सप्ताह तक की होगी। यह भी शर्ते रहेगी कि गर्भस्राव/ गर्भपात के लिए प्रसूति अवकाश के प्रार्थना-पत्र के साथ राजकीय प्राधिकृत चिकित्सक का प्रमाण पत्र संलग्न करना होगा ।

वित्त विभाग की अधिसूचना क्रमांक एफ.1(9) एफडी(रूल्स)/98 दिनांक 21 अगस्त 2006 द्वारा राजस्थान सेवा नियमों के परिशिष्ट- IX के प्रविष्ठि क्रमांक 22 के नीचे यह अपवाद जोड़ा गया है कि प्रसूति अवकाश के मामले में, 4 माह का अवकाश स्वीकृत करने वाला सक्षम प्राधिकारी 180 दिन तक का भी अवकाश स्वीकृत करने हेत सक्षम होगा।

वित्त विभाग की अधिसूचना क्रमांक एफ. 1 (43) विवि ( ग्रुप-2 ) 83 दिनांक 14 जुलाई 2006 द्वारा नियम 103 के नीचे दी गयी एक टिप्पणी जोडी गयी है जिसके अनुसार किसी ऐसी महिला सरकारी कर्मचारी जिसके दो से कम जीवित संतान है, मिसकैरिज (Miscarriage) सहित गर्भपात (Abortion) का मामला हो, सम्पूर्ण सेवा के दौरान या तो एक बार या दो बार, कुल 6 सप्ताह तक का प्रसूति अवकाश भी सस्वीकृत किया जा सकता है। दूसरे शब्दों में, यह अवकाश महिला सरकारी कर्मचारी को दो जीवित बच्चों से कम होने पर ही स्वीकृत किया जा सकेगा। चाहे गये अवकाश प्रार्थना-पत्र के साथ प्राधिकृत चिकित्सा अधिकारी का प्रमाण पत्र संलग्न किया जाना आवश्यक है।

प्रसूति अवकाशों की अवधि में ऐसी महिला राज्य कर्मचारी को उस दर से अवकाश वेतन दिया जावेगा जो वह ऐसे अवकाश के आरम्भ होने के पर्व प्राप्त कर रही थी। यह पूर्ण वेतन पर स्वीकृत किया जायेगा। वित्त विभाग की अधिसूचना क्रमांकः एफ.6 (2) वित्त / नियम / 2008 दिनांक 22 जुलाई 2010 द्वारा महिला राज्य कर्मचारी को प्रसूति अवकाश की अवधि में 180 दिवस तक के अवकाश वेतन के साथ उसे वही मकान किराया भत्ता तथा उसी दर पर नगर क्षतिपूर्ति भत्ता देय होगा जो उसे प्रसूति अवकाश पर प्रस्थान करने से पूर्व प्राप्त हो रहे थे। प्रसूति अवकाश कर्मचारी के अवकाश लेखों में डेबिट नहीं किये जावेंगे बल्कि ऐसे अवकाश का उल्लेख उसकी सेवा पुस्तिका में पृथक रूप से किया जावेगा।

दो से कम उत्तरजीवी संतानों वाली किसी महिला राज्य कर्मचारी को 180 दिनों तक का प्रसूति अवकाश, उसके आरम्भ होने की तारीख से, स्वीकृत किया जा सकता है। यदि उसके द्वारा दो बार प्रसूति अवकाशों का उपभोग करने के उपरांत भी उसके कोई जीवित संतान नहीं हों तो ऐसे प्रकरण में एक बार और (अर्थात तीसरी बार) प्रसूति अवकाश स्वीकृत किया जा सकता है। वित्त विभाग की अधिसूचना क्रमांक एफ.1 (6) एफडी (रूल्स)/ 2011 दिनांक 15 फरवरी 2012 द्वारा राजस्थान सेवा नियम 122-A(ii) में यह जोड़ा गया है कि महिला परीवीक्षाधीन प्रशिक्षणार्थी को उपरोक्त नियम के तहत प्रसूति अवकाश स्वीकृत किया जायेगा।

संविदा महिला कार्मिकों हेतु प्रसूति अवकाश

प्रसूति अवकाश सम्बन्धी राजकीय आदेश | Government order regarding maternity leave

प्रसूति अवकाश के दौरान देय वेतन | Salary payable during maternity leave

इस अवकाश के दौरान कार्मिक को अवकाश पर जाने से पूर्व जो वेतन भुगतान किया जा रहा है उसी दर से वेतन भुगतान किये जाने के आदेश है। मातृत्व अवकाश पर जाने पर अवकाश पर जाने की दिनांक की दर से वेतन मिलता है और लौटने पर कार्य ग्रहण की दिनांक से ( प्रसूति अवकाश में मिलने वाले परिलाभों को नोशनल मानते हुए) वास्तविक आर्थिक लाभ मिलता है ।

यहाँ मूल वेतन में किसी कारण से अवकाश अवधि के दौरान होने वाली वेतन वृद्धि से है जैसे ACP , स्थाईकरण, प्रमोशन, इन्क्रीमेंट आदि।

उपरोक्त व्यवस्था महंगाई भत्ते dearness allowance पर नहीं है क्योंकि ये वेतन नहीं वेतन पर मिलने वाला भत्ता है।

प्रसूति अवकाश के दौरान देय वेतन

प्रसूति अवकाश सम्बंधित महत्वपूर्ण बिंदु | Important points related to maternity leave

  • उक्त महिला कार्मिक को अवकाश अवधि के दौरान अवकाश पर प्रस्थान करने के ठीक पूर्व आहरित वेतन के समकक्ष वेतन ही अवकाश वेतन के रूप में नियमित मिलेगा।
  • सेवा पुस्तिका इंद्राज -यह अवकाश उसके अवकाश के लेखे में नामे नही लिखा जाएगा. परंतु प्रसूति अवकाश का इंद्राज सेवा पुस्तिका में पृथक से किया जाएगा।
  • से कम उत्तरजीवी संतानो वाली महिला सरकारी कर्मचारी को गर्भस्राव सहित पूर्ण गर्भपात (Complete Abortion) के मामले मे सम्पूर्ण सेवाकाल के दौरान कुल छ: सप्ताह का अवकाश (एक बार 42 दिन या दो बार में 21-21 दिन) स्वीकृत किया जा सकेगा.
  • प्रसूति अवकाश आवेदन के साथ प्राधिकृत चिकित्सा अधिकारी का प्रमाण-पत्र सलग्न होने की स्थिति में ही यह अवकाश स्वीकृत किया जा सकेगा. गर्भपात शब्द में गर्भपात की आशंका (threatened Abortion) को सम्मिलित नही माना जावेगा एवं ऐसी स्थिति में प्रसूति अवकाश स्वीकृत नही किया जावेगा।
  • संविदा कर्मचारियों के लिए प्रसुति अवकाश के सन्दर्भ मे – संविदा कर्मचारियों के लिए प्रसूति अवकाश वित्त विभाग की अनुमति से ही स्वीकृत होगा।

प्रसूति अवकाश के आवेदन की प्रक्रिया | Maternity leave application process

आहरण एवं वितरण अधिकारी द्वारा प्रसूति अवकाश स्वीकृति प्रक्रिया- सबसे पहले महिला कर्मचारी को प्रधानाचार्य महोदय को प्रसूति अवकाश पर जाने हेतु एक आवेदन पत्र मय आवश्यक दस्तावेज देने होंगे. उसके उपरांत डीडीओ कार्यालय स्तर पर एक कार्यालय आदेश जारी करेंगे, जिसमे उपरोक्त निर्देशानुसार 180 दिन का अवकाश स्वीकृत करेगे ।

प्रसूति अवकाश से सम्बंधित प्रश्नों के उत्तर | Answers to questions related to maternity leave

प्रश्न - 1. मातृत्व अवकाश के लिए आवश्यक एवम अनिवार्य दस्तावेज क्या क्या है ?

उत्तर - मातृत्व अवकाश हेतु लिखित में मातृत्व अवकाश का आवेदन पत्र एवं गर्भधारण/प्रसूति संबंधित दस्तावेज के आधार पर उक्त अवकाश स्वीकृत किया जा सकता है। चिकित्सालय में भर्ती एवं डिस्चार्ज पत्र एवं संतान का जन्म प्रमाणपत्र आदि की अनिवार्यतः आवश्यकता नही है। डीडीओ के द्वारा चाहे जाने पर अन्य संबंधित दस्तावेज अवकाश समाप्ति पश्चात कार्यग्रहण पर भी प्राप्त किया जा सकता है।

प्रश्न-2.क्या सिकनेस एव फिटनेस मातृत्व अवकाश हेतु अनिवार्य दस्तावेज है ?

उत्तर - प्रसूति (मातृत्व) अवकाश हेतु सिकनेस एवम फिटनेस प्रमाणपत्र अनिवार्य दस्तावेज नही है। प्रसूति अवकाश कोई बीमारी नही है। किसी बीमारी के आधार पर PL/HPL/CPL/WPL अवकाश लेने पर ही फिटनेस व सिकनेस प्रमाणपत्र की आवश्यकता होती है।

प्रश्न 3. जिस अस्पताल/डॉक्टर द्वारा सिकनेस जारी किया गया है क्या उसी का फिटनेस आवश्यक है अथवा किसी अन्य डॉक्टर का फिटनेस भी मान्य है ?

उत्तर - जब सिकनेस जरूरी ही नहीं है तो फिटनेस की भी आवश्यकता नही है। यदि कार्मिक उपलब्ध करवाता है तो भी एक ही डॉक्टर का सिकनेस व फिटनेस प्रमाणपत्र होना अनिवार्य नही है।

प्रश्न-4. एक कार्मिक ने पूर्व में दो बार मातृत्व अवकाश ले लिया है। उसका एक

बच्चा ही वर्तमान में जीवित है। क्या उसे अगले बच्चे के जन्म पर मातृत्व अवकाश लाभ मिलेगा ?

उत्तर - नही। वित्त विभाग की अधिसूचना क्रमांक एफ 1 (6)एफडी (रूल्स)/2011 दिनांक 15.02.2012 द्वारा राजस्थान सेवा नियम 122A (ii) में यह जोड़ा गया है कि यदि महिला कार्मिक द्वारा दो बार प्रसूति अवकाशों का उपभोग करने के उपरांत भी उसके कोई जीवित संतान वर्तमान में नहीं हों तो ऐसे प्रकरण में एक बार और (अर्थात तीसरी बार ) प्रसूति अवकाश स्वीकृत किया जा सकता है ।

प्रश्न-5. अगर किसी महिला कार्मिक के दो संतान पहले से हैं और उसने केवल एक ही संतान पर मातृत्व अवकाश लिया है तो क्या तीसरी संतान पर उसे अवकाश मिलेगा ?

उत्तर- नहीं । यदि दो प्रसव के बाद भी कोई संतान जीवित नहीं है तो ही मातृत्व अवकाश लाभ मिलेगा।

प्रश्न-6. मातृत्व अवकाश के बाद जॉइन करने के तुरंत बाद CCL ले सकते है क्या ?

उत्तर- मातृत्व अवकाश की निरंतरता / जॉइन करने के तुरंत बाद संतान देखभाल अवकाश ले सकते है। PEEO / DDO एक बार मे न्यूनतम 5 दिन एवं अधिकतम 120 दिन तक का संतान देखभाल (CCL) अवकाश उचित कारण के आधार पर स्वीकृत कर सकते है।

प्रश्न-7. मातृत्व अवकाश की समाप्ति पर यदि राजपत्रित अवकाश हो तो वह मातृत्व अवकाश की अवधि में शामिल होगा या नहीं ?

उत्तर - रा.से.नि. भाग-1 के नियम 61 व 63 के तहत पूर्ववर्ती एवं पश्चावर्ती राजपत्रित अवकाश का लाभ कार्मिक को मिलता है अतः मातृत्व अवकाश के पूर्व या पश्चातवर्ती राजपत्रित अवकाश अवधि को मातृत्व अवकाश में नहीं गिना जाएगा ।

प्रश्न-8. सर्विस बुक में मातृत्व अवकाश स्वीकृति का इंद्राज अवकाश पर प्रस्थान के समय होगा या पुनः कार्यग्रहण करने पर होगा ?

उत्तर - किसी भी अवकाश पर प्रस्थान से पूर्व अवकाश की पूर्व स्वीकृति आवश्यक होती है अतः अवकाश स्वीकृति आदेश जारी होते ही तत्काल सेवा पुस्तिका में अवकाश का इंद्राज किया जाएगा।

प्रश्न- 9. मातृत्व अवकाश वेतन लगातार प्रतिमाह मिलेगा या कार्यग्रहण करने पर एक साथ देय होगा ?

उत्तर :- राजस्थान सेवा नियम भाग 1 के नियम 97 (1) एवं 103 के अनुसार मातृत्व अवकाश के दौरान अवकाश पर प्रस्थान से ठीक पूर्व आहरित वेतन लगातार मिलेगा। उक्त अवकाश के दौरान बिना किसी वजह के वेतन रोकने पर डीडीओ पर कार्यवाही की जा सकती है।

प्रश्न 10. क्या एक महिला कर्मचारी प्रोबेशन काल में मातृत्व अवकाश का उपभोग कर सकती है एवं अगर मातृत्व अवकाश का उपभोग कर सकती है तो क्या मातृत्व अवकाश का उपभोग करने पर प्रोबेशन काल आगे बढ़ेगा ?

उत्तर - राजस्थान सेवा नियम 103 एवं 122A के अनुसार महिला कार्मिक प्रोबेशन में भी मातृत्व अवकाश का उपभोग कर सकती है। प्रोबेशन में मातृत्व अ नही बढेगा। श पर रहने से परिवीक्षाकाल आगे

प्रश्न 11. एक कार्मिक का मातृत्व अवकाश के दौरान स्थानांतरण दूसरे स्कूल में हो जाता है तो इस स्थिति में वह महिला कर्मचारी दूसरे स्कूल

में जॉइन करने के पश्चात निरन्तर मातृत्व अवकाश पर चलेगी या उसका मातृत्व अवकाश खत्म हो जाएगा ?

उत्तर- स्थानांतरण दूसरे स्कूल में होने पर कार्यमुक्त होने से पहले विद्यालय में कार्यग्रहण करना होगा। कार्यग्रहण किए बिना कार्यमुक्ति संभव नही है अतः कार्यग्रहण करते ही मातृत्व अवकाश समाप्त माना जाएगा। कार्मिक चाहे तो कार्यग्रहण अवधि विस्तार हेतु आवेदन कर सकती है।

प्रश्न- 12. मातृत्व अवकाश को सेवा पुस्तिका में कहाँ पर एवं कैसे दर्ज करते हैं ?

उत्तर - सेवा पुस्तिका में दायीं तरफ के सत्यापन वाले पेज पर हेडिंग में प्रथम / द्वितीय प्रसूति अवकाश" लिखकर अवकाश स्वीकृति आदेश क्रमांक सहित लिखा जाता है।

प्रश्न -13. कोई महिला कर्मचारी वेतनवृद्धि तिथि से पूर्व मातृत्व अवकाश पर हैं और वेतनवृद्धि तिथि 01 जुलाई के बाद ज्वाइन करती है तो इसका वेतनवृद्धि पर क्या प्रभाव पड़ेगा ?

उत्तर - कार्मिक को नियमित वेतनवृद्धि का लाभ 1 जुलाई से ही काल्पनिक रूप से दिया जाएगा लेकिन वेतनवृद्धि का नकद आर्थिक लाभ कार्यग्रहण करने की तिथि से देय होगा।

प्रश्न-15. प्रोबेशन में मातृत्व अवकाश संस्थाप्रधान / डीडीओ स्वयं स्वीकृत कर सकता है या फिर नियुक्ति अधिकारी ही स्वीकृत करेंगे ?

उत्तर - परिवीक्षाकाल में भी महिला कार्मिक को 180 दिवस का मातृत्व अवकाश राजस्थान सेवा नियम 103 के तहत डीडीओ (कार्यालयाध्यक्ष) स्वयं स्वीकृत करने में पूर्ण सक्षम है।

अधिक जानकारी के लिए रा. से.नि. भाग 1 के नियम 103 एवं 104 का अध्ययन करें।

आपने प्रसूति अवकाश की पूर्ण जानकारी प्राप्त कर ली है। अब जानते है राजकीय कार्मिक को मिलने वाले अन्य अवकाश।

राजकीय कर्मचारियों को मिलने वाले अवकाश के प्रकार।