मिशन कर्मयोगी (Mission Karmayogi in Hindi)

मिशन कर्मयोगी : का परिचय वह योजना है जिसके माध्यम से सरकारी कर्मचारियों के पद पर बैठे लोग जो सर्विस दे रहे उन लोगो का स्किल डेवलपमेंट किया जाएगा। यह स्किल डेवलपमेंट ट्रेनिंग प्रदान कराके, ऑनलाइन कंटेंट प्रदान करके किया जाएगा। Mission Karmayogi (NPCSCB) के अंतर्गत सरकार द्वारा 5 वर्षों के लिए 510.86 करोड़ रुपए का बजट आवंटित किया गया है। यह योजना लगभग 46 लाख केंद्रीय कर्मचारियों के लिए हैं। Mission Karmayogi (NPCSCB) के अंदर एक स्वामित्व वाली विशेष परियोजना वाहन कंपनी का गठन किया जाएगा। जो iGOT कर्मयोगी की प्लेटफार्म का स्वामित्व और प्रावधान करेगी।

Mission Karmayogi (NPCSCB) के अंदरऑन द साइड ट्रेनिंग पर अधिक ध्यान दिया जाएगा। Mission Karmayogi (NPCSCB) एक कौशल निर्माण कार्यक्रम है। इस योजना के माध्यम से सरकारी अधिकारियों की काम करने की शैली में भी सुधार आएगा। मिशन कर्मयोगी योजनाको September 20, 2020 Prime Minister Narendra Modi द्वारा शुरू किया गया था | हाल ही में अपने महत्त्वाकांक्षी Mission Karmayogi (NPCSCB) के माध्यम से प्रमुख नौकरशाही सुधार लाने में सरकार की मदद करने के लिये एक तीन सदस्यीय टास्क फोर्स का गठन किया गया था |

मिशन कर्मयोगी के उद्देश्य (Objectives of Mission Karmayogi in Hindi) :

  • Mission Karmayogi (NPCSCB) का मुख्य उद्देश्य सरकारी सेवा दे रहे कर्मचारियों की क्षमताओं को और अधिक विकसित करना है। इसके लिए केंद्र
    सरकार द्वारा कई सारे संशोधन किए जाएंगे। जैसे कि कर्मचारियों को ट्रेनिंग प्रदान की जाएगी, ई लर्निंग कंटेंट प्रदान किया जाएगा। इस योजना के माध्यम से सरकारी कर्मचारियों की कार्य क्षमता को और अधिक बढ़ाया जाएगा।
  • Mission Karmayogi (NPCSCB) उद्देश्य सही दृष्टिकोण, कौशल और ज्ञान के साथ भविष्य के लिये सिविल सेवा का निर्माण करना है, जो की एक न्यू इंडिया की Vision से जुड़ा हुआ है।
  • Mission Karmayogi (NPCSCB) का उद्देश्य सरकारी सेवाओं के लिये नागरिक के अनुभव को बढ़ाना और सक्षम कार्यबल की उपलब्धता में सुधार करना है।
  • Mission Karmayogi (NPCSCB के माध्यम से सिविल अधिकारियों की क्षमता को और बढ़ाने के लिए ट्रेनिंग दी जाएगी
योजना का नाम मिशन कर्मयोगी
कब लागु हुई Mission Karmayogi को September 20, 2020 Prime Minister Narendra Modi द्वारा शुरू किया गया था |
उद्देश्यसरकारी कर्मचारियों की स्किल्स को डेवेलप करना
किस सरकार ने लागु की केंद्र सरकार (Bjp)

मिशन कर्मयोगी के लाभ और विशेषताए (Benefits and Features of Mission Karmayogi in Hindi) :

  • मिशन कर्मयोगी योजनाकी
  • इस योजना का संचालन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में किया जाएगा।
  • मिशन कर्मयोगी योजना के माध्यम से सिविल अधिकारियों की क्षमता बढ़ाने का ट्रेनिंग के माध्यम से प्रयास किया जाएगा।
  • इस योजना के अंतर्गत ऑन द साइड ट्रेनिंग पर अधिक ध्यान दिया जाएगा।
  • इस योजना के माध्यम से प्रणाली में पारदर्शिता आएगी तथा अधिकारियों के काम करने की शैली में भी सुधार आएगा।

मिशन कर्मयोगी के प्रमुख बिंदु (Key Points of Mission Karmayogi in Hindi) :

  • केंद्र सरकार ने हाल ही में देश में सभी सिविल सेवाओं
    की भूमिका हेतु क्षमता विकास के लिये नियम आधारित प्रशिक्षण द्वारा परिवर्तनकारी बदलाव लाने हेतु 'सिविल सेवा क्षमता विकास के लिये राष्ट्रीय कार्यक्रम- मिशन कर्मयोगी (National Programme for Civil Services Capacity Building – Mission Karmayogi)' को मंज़ूरी दे दी है।
  • इस सक्षमता संचालित मिशन को बेहतर ढंग से चलाने के लिये एक विशेष प्रयोजन वाहन (Special Purpose Vehicle- SPV) जिसका मतलब'कर्मयोगी भारत' को एक गैर-लाभकारी कंपनी के रूप में स्थापित किया जाएगा।
  • इसे कंपनी अधिनियम, 2013 की धारा 8 के अंतर्घट 100% सरकारी स्वामित्व वाली इकाई के रूप में स्थापित किया जाएगा।
  • SPV एक तरह का डिजिटल प्लेटफॉर्म है और यह बुनियादी ढाँचे को डिज़ाइन करने, कार्यान्वयन, विकास और प्रबंधन, योग्यता मूल्यांकन सेवाओं का प्रबंधन तथा वितरण करने एवं टेलीमेट्री डेटा का शासनिक प्रबंधन और निगरानी व मूल्यांकन के प्रावधान सुनिश्चित करने के लिये ज़िम्मेदार होगा।
  • टास्क फोर्स अपने विज़न (Vision), मिशन(Mission) और कार्यों को संरेखित करते हुए SPV की संगठनात्मक संरचना पर अपनी सिफारिशें प्रधान करेगा।

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मिशन कर्मयोगी की विशेषताएँ (Characteristics of Mission Karmayogi in Hindi) :

  • Tech-Aided(टेक-एडेड) : क्षमता निर्माण प्रशिक्षण iGOT कर्मयोगी डिजिटल प्लेटफॉर्म के माध्यम से दिया जाएगा जिसमें वैश्विक सर्वोत्तम प्रथाओं से तैयार की गई सामग्री होगी।
  • Coverage: लगभग 46 लाख केंद्रीय कर्मचारियों को शामिल करने के लिये वर्ष 2020-2021 से लेकर 2024-25 तक (5 वर्षों की अवधि के दौरान) 510.86 करोड़ रुपए का व्यय किया जाएगा।
  • नियमों से भूमिकाओं में बदलाव: यह कार्यक्रम "नियम-आधारित से भूमिका-आधारित (Rules-Based to Roles-Based)" मानव संसाधन प्रबंधन (Human Resource Management- HRM) का समर्थन करेगा ताकि पद की आवश्यकताओं के अनुरूप एक अधिकारी की दक्षता का मिलान करके कार्य आवंटन किया जा सके।
  • एकीकृत पहल: अंततः सेवा मामलों जैसे- परिवीक्षा अवधि के बाद पुष्टि, तैनाती, कार्य असाइनमेंट और रिक्तियों की अधिसूचना सभी को प्रस्तावित ढाँचे में एकीकृत किया जाएगा।
  • Mission Karmayogi (NPCSCB) के अंतर्गत कई सारी स्किल Develop की जाएगी जैसे कि Creativity, कल्पनाशीलता, Innovative,  प्रगतिशील, ऊर्जावान, Transparency etc .
  • Mission Karmayogi (NPCSCB) के अंदर ऑन द साइड ट्रेनिंग पर अधिक फोकस दिया जाएगा।
  • Mission Karmayogi (NPCSCB) के माध्यम से प्रणाली में पारदर्शिता ( Transparency) आएगी तथा अधिकारियों के काम करने की शैली में भी सुधार आएगा।
  • Mission Karmayogi (NPCSCB) में पीएम नरेंद्र मोदी के साथ एक नई एचआर परिषद, चयनित केंद्रीय मंत्री तथा मुख्यमंत्री शामिल होंगे।

मिशन कर्मयोगी में कौन से कौशल विकसित होंगे? (What Skills will be Developed in Mission Karmayogi in Hindi) :

Mission Karmayogi (NPCSCB) में निचे दी गयी स्किल्स को और बेहतर किया जायेगा

  • Creativity
  • Imagination
  • Innovative
  • Proactive
  • प्रगतिशील
  • ऊर्जावान
  • सक्षम
  • पारदर्शी (Transparency)
  • More Technical Knowledge

ऑनलाइन प्रशिक्षण के लिए IGOT कर्मयोगी मंच (IGOT Karmayogi Platform for Online Training in Hindi) :

  • परिवीक्षा अवधि के बाद की पुष्टि
  • तैनाती
  • कार्य निर्धारण
  • रिक्तियों की अधिसूचना
  • अन्य सेवा मायने रखती है

स्पेशल परपज व्हीकल का रोल (Role of Special Purpose Vehicle in Hindi) :

मिशन कर्मयोगी योजना के अंतर्गत एक स्पेशल पर्पस व्हीकल, कंपनी अधिनियम 2013 के सेक्शन 8 के अंतर्गत स्थापित किया जाएगा। यह स्पेशल परपज व्हीकल एक नॉनप्रॉफिट कंपनी होगी। जो कि iGOT कर्मयोगी प्लेटफार्म को मैनेज करेगी। स्पेशल परपज व्हीकल के अंतर्गत निम्नलिखित कार्य किए जाएंगे।

  • मेड इन इंडिया प्लेटफार्म को बढ़ावा दिया जाएगा।
  • डिजिटल प्लेटफॉर्म को डिजाइन, इंप्लीमेंट तथा मैनेज किया जाएगा।
  • टेलिमेटरी डाटाबेस स्कोरिंग, मॉनिटरिंग एंड एवल्यूशन ।
  • फीडबैक एसेसमेंट।