नमामि गंगे परियोजना (Namami Gange Project in Hindi)

नमामि गंगे परियोजना : भारत एक ऐसा देश रहा है, जिसमें विभिन्न-विभिन्न संस्कृतियों पाई जाती है या कहे तो यह त्योहारों का देश है, जिसमें हर एक दिन, कोई ना कोई त्यौहार तो होता ही है वास्तव में हमारा भारत रंगों से भरा हुआ उन रंगों में से जो बड़ा हिस्सा है। वो हमारी पुरानी विरासत है, जैसे कि राजस्थान के दुर्ग, प्राचीन मंदिर, शिलालेख और इन सब में सबसे खूबसूरत हिमालय की चोटियां जो हमारे प्राचीन इतिहास को हमारे लिए गर्व के तौर पर प्रदर्शित करती है, उनमें से एक विरासत है गंगा।

भारत में गंगा को सबसे पवित्र माना जाता है प्राचीन हिंदू शास्त्रों के अनुसार कहा जाता है कि जो व्यक्ति गंगा में एक बार स्नान करता है तो उसके जीवन के सारे पाप धुल जाते हैं और उसके अंत समय में उसको मुक्ति की प्राप्ति हो जाती है लेकिन आज बड़े दुख के साथ हम धीरे-धीरे इस विरासत को खोते जा रहे हैं। कुछ नदिया ऐसी भी है जो काफी प्राचीन

है करीबन हजारों साल पुरानी लेकिन उनमें से कुछ दुर्भाग्य से विलुप्त हो चुकी है और कुछ अभी भी बची हुई है लेकिन उनकी स्थिति भी सही नहीं है यहां परिस्थिति का मतलब साफ सफाई के संबंध में है।

नमामि गंगे परियोजना गंगा को शास्त्रों के अनुसार किसी व्यक्ति की मृत्यु के उपरांत उस व्यक्ति की अस्तियों को विसर्जित करने से उसकी आत्मा को शांति प्रदान होती है लेकिन इसी के कारण काफी सारे लोग गंगा को दिन भर दिन गंदा करते चले जा रहे हैं उसके अंदर काफी सारी व्यर्थ चीजों को फेंका जा रहा है।

तो इसी को लेकर सरकार ने 2014 एक योजना बनाई थी जिसका उद्देश्य गंगा की साफ सफाई का था इस योजना का मिशन गंगा की ऊपरी सफाई से लेकर उसके अंदर ठोस पदार्थों को बाहर निकालना. योजना के अनुसार ग्रामीण क्षेत्रों से या शहरी क्षेत्रों से आने वाले गंदे पानी को तथा आंशिक रूप से जले हुए शवों को गंगा में बहाने से रोकना।

नमामि गंगे परियोजना के मुख्य बिंदु (Key Highlights Namami Gange Project in Hindi) :

योजना का नाम :नमामि गंगे परियोजना
योजना कब शुरू की गयी :2014
योजना किसके द्वारा शुरू की गयी :केंद्र सरकार
योजना का उद्देश्य :गंगा की स्वच्छता
योजना की अधिकारिक पोर्टल :यहां क्लिक करें
Namami Gange Scheme

नमामि गंगे परियोजना के लाभ (Benefits Of Namami Gange Project in Hindi) :

  • इस योजना के तहत सरकार के द्वारा परियोजना तैयार करवाई जाएगी जिसमें से छह हरिद्वार में लागू की जाएगी और दो एसटीपी का निर्माण करवाया जाएगा।
  • योजना के तहत जो सरकार के द्वारा परियोजनाएं तैयार की गई है उसके बाद मुख्य शहरों व कस्बों का पानी साफ हुए बिना गंगा में नहीं जाएगा।
  • हरिद्वार के अलावा भी इस योजना के तहत कुछ अन्य शहरों में परियोजना की तैयारी चल रही है जैसे कि मुनि की रेती, कीर्ति नगर, श्रीनगर, रुद्र प्रयाग, बद्रीनाथ, जोशीमठ, चमोली, नंद प्रयाग और कर्ण प्रयाग।

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नमामि गंगे परियोजना के विशेषताएं (Features Of Namami Gange Project in Hindi) :

  • योजना के तहत सरकार ने जिम्मेदारी केंद्रीय जल संस्थान मंत्रालय नदी विकास और गंगा कायाकल्प को दी गई है इसके लिए सरकार ने कुल मिलाकर 2037 करोड रुपए की धनराशि प्रदान किया।
  • इस योजना को 2014 में केंद्र सरकार द्वारा शुरू किया गया था और इसका मुख्य उद्देश्य गंगा की साफ-सफाई था।
  • इस योजना के तहत सरकार द्वारा वर्ष 2019-20 के अंतर्गत कुल 20000 करोड की धनराशि खर्च की गई थी।
  • इस योजना को सफल बनाने के लिए सरकार द्वारा मुख्य क्षेत्रों में जैसे कि गांव शौचालयों का निर्माण करवाया गया जैसे कि बिहार झारखंड उत्तर प्रदेश उत्तराखंड पश्चिम बंगाल के गांव में 4000 से ज्यादा शौचालय का निर्माण करवाया गया।
  • इस योजना को सफल बनाने के लिए सरकार द्वारा मुख्य राज्यों में सीवेज का निर्माण करवाया गया जिससे सीवेज का पानी गंगा में ना जा सके।
  • इस योजना के तहत सरकार द्वारा गंगा के किनारे वृक्ष रोपण तथा साफ-सफाई करवाने के लिए 20000 करोड़ की धनराशि प्रदान की गई है।
  • योजना को सफल बनाने के लिए सरकार ने मीडिया के माध्यम जैसे कि अखबार इंटरनेट और अन्य चीजों से लोगों को गंगा कि सफाई के प्रति जागरूक करने का बेड़ा उठाया है।
  • इस मिशन को आगे बढ़ाने के लिए सरकार ने कई जगह पर वर्कशॉप करना भी शुरू किया जिसमें युवाओं को उनकी जिम्मेदारियों का अहसास करवा कर गंगा को स्वच्छ करने के इस मिशन में उनको जोड़ सकें।

नमामि गंगे परियोजना के अंतर्गत शहर (Area Covered In Namami Gange Project in Hindi) :

सरकार के द्वारा इस योजना को मुख्य पांच राज्यों के अंदर लागू करवाया गया है :

  • उत्तराखंड
  • झारखंड
  • बिहार
  • उत्तर प्रदेश
  • पश्चिम बंगाल