राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (National Rural Livelihood Mission in Hindi)

राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन : आजीविका गुणवत्ता बढ़ाने वाले उच्च गुणवत्ता वाले उत्पाद विविध प्रकार के गुणों से युक्त होते हैं, जो विविध प्रकार के गुणों से युक्त होते हैं। दुनिया से जुड़ने में मदद करता है।

600, 6000 लाख, 2.5 लाख ग्राम पंचायत कर्मचारी और देश के दस करोड़ ग्रामीण युवा बेहतर प्रदर्शन के लिए संचार के माध्यम से युवा पीढ़ी के साथ मिलकर काम करते हैं। सेवा को समय-समय पर कॉन्फ़िगर करने के लिए, समर्थन बनाए रखने के लिए इसे पूरा किया जाना चाहिए। अच्छी तरह से व्यवस्थित करना, अच्छी तरह से व्यवस्थित करना, चीजों के काम करने के तरीके में सुधार करना।

डेटाबेस-आयाम आयाम की सफलता के लिए, कंप्यूटर की स्थापना के लिए और देश के विकास के आर्थिक विकास के लिए, उस जानकारी के लिए, ज्ञान, कौशल, जनशक्ति, वित्तीय प्रतिष्ठान से जुड़ी। क्षमता विकसित करें।

भारत में सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) की वृद्धि के संदर्भ में, देश में एक बड़ी जनसंख्या जनसंख्या (बी जीडीपी) व्यक्तिगत वृद्धिशील विकास दर का अनुमान है। ग्रामीण अस्वच्छ परिस्थितियों में एक बड़ी चुनौती है।

ग्रामीण विकास की चुनौती को दूर करने के लिए, ग्रामीण विकास ने वर्ष 2010 में ग्रामीण गांव (ग्रामीलम) का रूप ले लिया। यह 29 अक्टूबर, 2016 से एक केंद्रीय योजना है और इसे राज्य सरकार के संबंध में शामिल किया गया है।

संक्रमितों

की स्थिति राज्य के साथ-साथ (विभाग) की भी है। नियंत्रण स्तर पर, जिला प्रशासन के नियंत्रण में जिला प्रबंधन इकाई (डी एसीयू) नियंत्रण इकाई (डीए राज्य) नियंत्रण प्रणाली के लिए रोग स्तर पर ब्लॉक नियंत्रण प्रणाली को नियंत्रित करती है। वर्ष को समेकित तरीके से, समेकित तरीके से दर्ज किया जाता है। 2023-24 तक मार्कर के पास पूर्ण ग्रामीण नाश्ते की व्यवस्था होने की उम्मीद है।

ग्रामीण विकास भारत सरकार (भारत सरकार) में ग्रामीण विकास विभाग के पास कार्यक्रम तैयार करने, तैयार करने और वित्त पोषण के लिए समग्र जिम्मेदारी है।

राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के मुख्य बिंदु (Key Highlights National Rural Livelihood Mission in Hindi) :

योजना का नाम :राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन
योजना कब शुरू की गयी :2011
योजना किसके द्वारा शुरू की गयीकेंद्र सरकार
योजना का उद्देश्य :ग्रामीण लोगों की आर्थिक सहायता
योजना की अधिकारिक पोर्टल :यहां क्लिक करें

राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन योजना के उद्देश्य (Objective Of National Rural Livelihood Mission in Hindi) :

  • इस योजना को दीनदयाल अंत्योदय योजना भी कहा जाता है। या आम तौर पर इसे राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (NRLM) के रूप में जाना जाता है, जिसको भारत की केंद्र सरकार के द्वारा शुरू किया गया है, और इस योजना के तहत जो धनराशि इसके लिए उपयोग में ली जाती है वह केंद्र सरकार तथा राज्य सरकार के द्वारा प्रदान की जाती है।
  • जिससे इस योजना को सफलतापूर्वक आगे ले जाए जा सके और गरीब ग्रामीण वर्गीय लोगों के लिए समस्याओं का समाधान हो सके। इस योजना को पूर्ण रुप से लागू करने
    के लिए जिला प्रशासन को जिम्मेदार ठहराया जाता है, क्योंकि जो भी धनराशि जो प्रदान की जाती है वह जिला प्रशासन कोई भी जाती है, चाहे वह राज्य सरकार के द्वारा प्रदान की जाए या फिर केंद्र सरकार के द्वारा।
  • इस योजना के चार मुख्य घटक है :-
  • क्षमता निर्माण
  • वित्तीय समावेशन
  • आजीविका संवर्धन
  • अभिसरण
  • सरकार के द्वारा शुरू की गई है योजना भले ही धीमी हो लेकिन यह कभी विफल नहीं रही है, इस योजना में हर साल कुछ-कुछ ग्रामीण वर्गीय ब्लॉकों को जैसे जिसमें गरीब वर्ग के ग्रामीण परिवार को सम्मिलित किया जाता है। उनकी समस्याओं को सरकार के द्वारा हल किया जाता है। अगर इस योजना को थोड़ी तेजी से आगे बढ़ाया जाए और सारे संसाधनों को जुटाकर इस पर काम किया जाए तो 2024 तक पूरे भारत में ग्रामीण गरीब वर्ग के परिवार की समस्याओं को काफी हद तक कम किया जा सकता है। लेकिन इसके लिए सरकार को अपना पूर्ण रूप से योगदान देना भी अति आवश्यक है और यह बात भी है कि हम या कोई अन्य देश पूरी तरह से अपने देश की गरीबी को समाप्त नहीं कर सकता जो एक असंभव है।
  • इस योजना के तहत जो डिपार्टमेंट ऑफ रूलर डेवलपमेंट को इसकी निगरानी करनी पड़ती है और सारी पॉलिसी को निर्मित करना पड़ता है। और डिपार्टमेंट की यह भी जिम्मेदारी बनती है कि जो
    भी धनराशि उन्हें निर्धारित की गई है उसे सही तरह से उपयोग में लाया जाए, जिससे किसी प्रकार की धोखाधड़ी ना हो और यह उनकी जिम्मेदारी होती है कि सब काम पूर्ण रूप से लागू किया जाए।

राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन की विशेषताएं (Features Of National Rural Livelihood Mission in Hindi) :

  • इस योजना के तहत बाहरी एजेंसियों पर निर्भरता को मुक्त करने के लिए सरकार द्वारा सेल्फ हेल्प ग्रुप की स्थापना की गई है, जिसके तहत वह अपनी आवाज उठा सकते हैं या कहे तो संसाधनों को भी जुटा सकते हैं जिससे उनकी निर्भरता पूर्ण रूप से खत्म हो जाती है।
  • इस योजना के तहत ग्रामीण गरीब वर्ग के क्षेत्र में रहने वाले हर एक गरीब परिवार का व्यक्ति सेल्फ हेल्प ग्रुप के अंतर्गत सम्मिलित होना आवश्यक है। यह व्यक्ति सबसे अधिमानतः एक महिला होगी। महिला स्वयं सहायता समूह में बैंक लिंकेज की व्यवस्था की जाएगी।
  • इस योजना के तहत रूरल सेल्फ एंप्लॉयमेंट इंस्टीट्यूट के साथ में मिलकर उन लोगों का जो ग्रामीण गरीब वर्ग के परिवार से ताल्लुक रखते हैं उनकी स्किल्स,कौशल, प्लेसमेंट, प्रशिक्षण, नवाचारों, बाजार समर्थन, बुनियादी ढांचे को मजबूत करना।
  • प्रबंधन संस्थानों, आजीविका, ऋण अवशोषण और ग्रामीण गरीबों की साख के संदर्भ में प्रशिक्षण और क्षमता निर्माण की पेशकश करना।

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राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन योजना की प्रक्रिया (Process For National Rural Livelihood Mission in Hindi) :

  • इस योजना की कोई ऑनलाइन प्रक्रिया नहीं है, आप चाहे तो अपने नजदीकी ग्राम पंचायत में जाकर इसके बारे में और अधिक जानकारी एकत्रित कर सकते हैं, और इसके तहत आप सम्मिलित हो सकते हैं।
  • इस योजना का लाभ उठाने के लिए आवेदक को भारतीय निवासी होना चाहिए।
  • आवेदक गरीब होना चाहिए।
  • ग्रामीण तथा शहरी क्षेत्रों के ही गरीब लोग इस योजना के अंतर्गत शामिल हो सकते हैं।
  • आपके पास आधार कार्ड, पहचान पत्र, निवास प्रमाण पत्र, वोटर आईडी कार्ड, मोबाइल नंबर व पासपोर्ट साइज फोटो आदि में से कोई दो होना चाहिए।